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Bareilly News: बंदर छोड़ने के लिए स्थल चयन को लेकर वन विभाग को लिखा पत्र
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बरेली। नगर निगम की ओर से बंदर पकड़ने की एजेंसी फाइनल होने के बाद स्थल चयन को लेकर पेच फंस गया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की तरफ से वन क्षेत्र में बंदरों को छोड़ने से मना किया गया है। इसको लेकर नगर निगम की तरफ से वन विभाग को पत्र लिखा गया है।
नगर निगम की तरफ से छह माह की कवायद के बाद बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर फाइनल हो सका। मथुरा के जाविद कॉन्ट्रैक्टर को एक हजार बंदरों को पकड़कर पीलीभीत व शाहजहांपुर के वन क्षेत्र में छोड़ने का वर्क ऑर्डर दिया गया। एक बंदर को पकड़ने के लिए फर्म को 825 रुपये की दर से भुगतान किया जाना है। सबकुछ फाइनल होने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व की तरफ से रोक लगा दी गई। अब निगम की तरफ से शासनादेश का हवाला दिया जा रहा है कि बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन उनको छोड़ने के लिए स्थल चयन वन विभाग करके देगा।
वर्जन
बंदरों को पकड़कर छोड़ने के लिए स्थल चयन के लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया है। स्थिति फाइनल होने पर एजेंसी के माध्यम से बंदरों को पकड़वाने व छोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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नगर निगम की तरफ से छह माह की कवायद के बाद बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर फाइनल हो सका। मथुरा के जाविद कॉन्ट्रैक्टर को एक हजार बंदरों को पकड़कर पीलीभीत व शाहजहांपुर के वन क्षेत्र में छोड़ने का वर्क ऑर्डर दिया गया। एक बंदर को पकड़ने के लिए फर्म को 825 रुपये की दर से भुगतान किया जाना है। सबकुछ फाइनल होने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व की तरफ से रोक लगा दी गई। अब निगम की तरफ से शासनादेश का हवाला दिया जा रहा है कि बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन उनको छोड़ने के लिए स्थल चयन वन विभाग करके देगा।
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बंदरों को पकड़कर छोड़ने के लिए स्थल चयन के लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया है। स्थिति फाइनल होने पर एजेंसी के माध्यम से बंदरों को पकड़वाने व छोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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