{"_id":"615f14218ebc3e05d03bb599","slug":"lakhimpur-violence-case-block-chief-says-crowd-had-sticks-in-their-hands-if-i-had-stayed-there-for-a-while-i-would-not-have-been-alive","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर खीरी बवाल: ब्लॉक प्रमुख बोले-भीड़ के हाथ में डंडे थे, अगर मैं वहां थोड़ी देर और रुकता तो जिंदा नहीं होता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर खीरी बवाल: ब्लॉक प्रमुख बोले-भीड़ के हाथ में डंडे थे, अगर मैं वहां थोड़ी देर और रुकता तो जिंदा नहीं होता
Thu, 07 Oct 2021 09:07 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 07 Oct 2021 09:07 PM IST
सार
लखीमपुर खीरी के नकहा ब्लॉक के प्रमुख पवन गुप्ता ने बताया कि घटना से लगभग दो घंटे पहले वहां से गुजरा था, तब भी उतनी ही भीड़ थी जैसी कि वीडियो में दिख रही है। मेरी काली स्कॉर्पियो घेर ली गई, मैंने सोचा मेरा ही इलाका है, बात करता हूं निकलकर, पर जैसे ही बाहर निकलना चाहा वहां पर भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगे और मेरी गाड़ी पर हमला हो गया।
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी लेटेस्ट न्यूज़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीमपुर खीरी के नकहा ब्लॉक के प्रमुख पवन गुप्ता का तिकुनिया बवाल कांड से कुछ देर पहले का एक वीडियो सामने आया, जिसमें दिख रहा है कि काले झंडे लिए सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी, पवन गुप्ता की कार को घेरकर खड़े थे और भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।
पवन गुप्ता ने बताया कि घटना से लगभग दो घंटे पहले वहां से गुजरा था, तब भी उतनी ही भीड़ थी जैसी कि वीडियो में दिख रही है। मेरी काली स्कॉर्पियो घेर ली गई, मैंने सोचा मेरा ही इलाका है, बात करता हूं निकलकर, पर जैसे ही बाहर निकलना चाहा वहां पर भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगे और मेरी गाड़ी पर हमला हो गया।
पवन गुप्ता ने कहा कि भीड़ के हाथ में डंडे थे और अगर मैं वहां थोड़ी देर और रुकता तो आज सामने नहीं होता। उन्होंने उस दिन की घटना को याद करते हुए कहा कि ‘डरावना मंजर था वो, कभी नहीं सोचा था कि अपने ही जिले में जान बचाकर भागना पड़ेगा’।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि घटनास्थल पर अजय मिश्र और आशीष मिश्र दोनों नहीं थे। पवन ने आगे कहा, काले झंडे और डंडे लिए लोग किसान नहीं लग रहे थे, किसान के वेश में कोई और ही थे। कुछ जिले के किसानों ने ही मेरी जान बचाई और मुझे वहां से सुरक्षित निकलवाया, वरना मैं आज जिंदा नहीं होता।
विज्ञापन
पवन गुप्ता ने बताया कि घटना से लगभग दो घंटे पहले वहां से गुजरा था, तब भी उतनी ही भीड़ थी जैसी कि वीडियो में दिख रही है। मेरी काली स्कॉर्पियो घेर ली गई, मैंने सोचा मेरा ही इलाका है, बात करता हूं निकलकर, पर जैसे ही बाहर निकलना चाहा वहां पर भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगे और मेरी गाड़ी पर हमला हो गया।
विज्ञापन
पवन गुप्ता ने कहा कि भीड़ के हाथ में डंडे थे और अगर मैं वहां थोड़ी देर और रुकता तो आज सामने नहीं होता। उन्होंने उस दिन की घटना को याद करते हुए कहा कि ‘डरावना मंजर था वो, कभी नहीं सोचा था कि अपने ही जिले में जान बचाकर भागना पड़ेगा’।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि घटनास्थल पर अजय मिश्र और आशीष मिश्र दोनों नहीं थे। पवन ने आगे कहा, काले झंडे और डंडे लिए लोग किसान नहीं लग रहे थे, किसान के वेश में कोई और ही थे। कुछ जिले के किसानों ने ही मेरी जान बचाई और मुझे वहां से सुरक्षित निकलवाया, वरना मैं आज जिंदा नहीं होता।