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ई-टूल्स का उपयोग जरूर करें छात्र एवं शोधार्थी
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बरेली। भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में शनिवार को आधुनिक समय में कृषि ज्ञान प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान के लगभग 150 वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का आयोजन विश्व बैंक की राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अन्तर्गत नेशनल नॉलेज मैनेजमेंट सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एजूकेशन एंड रिसर्च द्वारा किया गया।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राजकुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों एवं शोधार्थियों के लिए समय प्रबंधन का बहुत महत्व है, इसलिए उन्हें ई-टूल्स का उपयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कार्यशाला के विषयों पर एक डीवीडी का लोकार्पण भी किया। परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. केएन काण्डपाल ने बताया कि हम छात्रों एवं शोधार्थियों को राष्ट्रीय कृषि शोध शिक्षा पद्धति के अंतर्गत कृषि कोष प्लेटफार्म, कोहा लाइब्रेरी ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर आदि की जानकारी उपलब्ध कराएंगे। दैहिकी एवं जलवायुकी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पशुचिकित्सा विज्ञान पुस्तकालय की समन्वयक डॉ. जी तरू शर्मा ने भी कार्यशाला को सम्बोधित किया। आईसीएआर में कृषि कोष के प्रधान अन्वेषक डॉ. अमरेन्द्र कुमार तथा मुख्य तकनीकी अधिकारी संजीव कपूर ने अतिथि वक्ता के रूप में भाग लिया।
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कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राजकुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों एवं शोधार्थियों के लिए समय प्रबंधन का बहुत महत्व है, इसलिए उन्हें ई-टूल्स का उपयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कार्यशाला के विषयों पर एक डीवीडी का लोकार्पण भी किया। परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. केएन काण्डपाल ने बताया कि हम छात्रों एवं शोधार्थियों को राष्ट्रीय कृषि शोध शिक्षा पद्धति के अंतर्गत कृषि कोष प्लेटफार्म, कोहा लाइब्रेरी ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर आदि की जानकारी उपलब्ध कराएंगे। दैहिकी एवं जलवायुकी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पशुचिकित्सा विज्ञान पुस्तकालय की समन्वयक डॉ. जी तरू शर्मा ने भी कार्यशाला को सम्बोधित किया। आईसीएआर में कृषि कोष के प्रधान अन्वेषक डॉ. अमरेन्द्र कुमार तथा मुख्य तकनीकी अधिकारी संजीव कपूर ने अतिथि वक्ता के रूप में भाग लिया।
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