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हेपेटाइटिस-बी के रोगियों को अब निशुल्क मिलेंगी दवाएं

Fri, 04 Jun 2021 01:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 01:20 AM IST
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Hepatitis B patients will now get free medicines
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

जिला अस्पताल में दो सौ पीड़ितों के लिए मेडिकल कॉरपोरेशन ने भेजीं दवाएं
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मंडल के सभी जिलों के मरीजों को मिलेगी दवा, देना होगा बीमारी का प्रमाण

बरेली। हेपेटाइटिस-सी के बाद अब शासन हेपेटाइटिस-बी के मरीजों को भी निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराएगा। मेडिकल कॉरपोरेशन ने जिला अस्पताल को दवाएं भेज दी हैं। बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के मरीजों को भी दवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए मरीजों को संक्रमण के वायरल लोड और इलाज के दस्तावेज दिखाने होंगे।
जिला अस्पतला के सीएमएस डॉ. सुबोध शर्मा ने बताया कि शासन ने हेपेटाइटिस-बी की प्रमुख दवा टीनो फोविर और इंटिकावीर मरीजों को निशुल्क वितरित करने के लिए भेजी है। अभी दो सौ मरीजों के दवा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे मरीज जिन्हें यह दवा खरीदनी पड़ती है, वे सभी ओपीडी से मुफ्त दवा प्राप्त कर सकते हैं। अनुमान के मुताबिक मंडल में इस बीमारी से पीड़ितों की तादाद करीब ढाई हजार है।
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ऐसे फैलता है हेपेटाइटिस बी का वायरस

यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में या तो संक्रमित सुई या असुरक्षित यौन संबंधों से फैल सकता है। इसे पूरी तरह से शरीर से खत्म नहीं किया जा सकता। दवाइयों से इसे नियंत्रित कर सकते हैं। हेपेटाइटिस-बी के संक्रमण का जल्द पता नहीं चलता है। संक्रमित माता से शिशु में संक्रमण हो सकता है।
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एचआईवी से खतरनाक है हेपेटाइटिस-बी

हेपेटाइटिस-बी एचआईवी से कई गुना ज्यादा घातक है, क्योंकि इसका बैक्टीरिया शरीर में सात दिन तक जिंदा रहता है। जो किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो जान बचाई जा सकती है। हेपेटाइटिस के जितने भी वायरस मौजूद हैं, उनमें सबसे खतरनाक वायरस ‘बी’ माना जाता है।

प्रमुख लक्षण

जिला अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ. आरके गुप्ता के मुताबिक, जोड़ों में दर्द, पेट में दर्द, उल्टी, कमजोरी, जी मिचलाना, हमेशा थकावट रहना, त्वचा समेत आंखों का रंग पीला पड़ना आदि हेपेटाइटिस बी के लक्षण हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो चिकित्सक से संपर्क करें।

बचाव के उपाय

सुरक्षित यौन संबंध बनाएं। दूसरे के उपयोग वाली सिरिंज, रेजर, टूथब्रश आदि का प्रयोग न करें। खतरा महसूस होने पर हेपेटाइटिस-बी सीरीज का इंजेक्शन लगवाएं। ध्यान रखें कि सिरिंज नई हो। हेपेटाइटिस- डी बैक्टीरिया, हेपेटाइटिस- बी के बैक्टीरिया की गैरमौजूदगी में इंफेक्शन नहीं फैला सकता।
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