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Bareilly Firing: 'मुझे गिरफ्तार कर लो...' एनकाउंटर के डर से एसएसपी दफ्तर पहुंचा संजय राना, किया सरेंडर

Wed, 03 Jul 2024 12:19 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 03 Jul 2024 12:19 PM IST
सार

बरेली के पीलीभीत बाईपास पर हुई फायरिंग के मामले में आरोपी संजय राना ने बुधवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। संजय मुख्य आरोपी राजीव राना का भाई है। पुलिस उसकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। 

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Firing case accused Sanjay Rana surrendered in ssp office bareilly
राजीव राना का भाई है संजय राना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के पीलीभीत बाईपास पर हुई फायरिंग मामले में मुख्य आरोपी राजीव राना के भाई संजय राना ने बुधवार सुबह एसएसपी दफ्तर में आत्मसमर्पण कर दिया। उसने पुलिसकर्मियों को परिचय देकर गिरफ्तार करने की पेशकश की तो वह हैरत में पड़ गए। संजय ने 25 लाख में केपी से प्लॉट खाली कराने का सौदा करने की बात कबूल की।

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संजय राना सुबह करीब साढ़े दस बजे बारिश में एसएसपी दफ्तर पहुंचा। वह खुद अपने यहां आने का वीडियो बना रहा था। उसने जनसुनवाई पटल के स्टाफ को बताया कि राजीव राना का भाई संजय राना है, फायरिंग मामले में उसे नामजद किया गया है। वह खुद ही आत्मसमर्पण करने आया है। 

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केपी मांग रहा था ज्यादा रुपये 
शुरू में पुलिसकर्मी मामला नहीं समझ पाए, बाद में उसे निगरानी में ले लिया। तत्काल ही सीओ तृतीय अनीता चौहान पहुंच गईं और संजय को हिरासत में ले लिया गया। इज्जतनगर थाने में पूछताछ के दौरान संजय ने पुलिस को बताया कि बड़े भाई राजीव राना ने छह महीने पहले ही केपी यादव से प्लॉट खाली कराने को लेकर बात की थी। केपी ज्यादा रकम मांग रहा था पर भाई ने 25 लाख में सौदा तय कर दिया। 

उसने बताया कि छह महीने पहले ही बयाने के तौर पर केपी को तीन लाख रुपये दे दिए थे। घटना से तीन दिन पहले ढाई लाख और एक दिन पहले रात को होटल में पार्टी दौरान फिर ढाई लाख रुपये केपी को दिए गए। बाकी रकम प्लॉट पर कब्जे के बाद दी जानी थी लेकिन फायरिंग की वजह से उनका पूरा प्लान चौपट हो गया। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि बृहस्पतिवार को संजय को जेल भेजा जाएगा।

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22 जून को हुई थी घटना 
इज्जतनगर थाना क्षेत्र में 22 जून की सुबह पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट पर कब्जे को लेकर राजीव राना और आदित्य उपाध्याय के गुटों में जमकर फायरिंग हुई थी। इस मामले में दोनों आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चल चुका है। इस मामले में अब तक 31 लोग जेल जा चुके हैं। संजय राना की तलाश में पुलिस दबिश दे रही थी। उस पर इनाम घोषित करने की तैयारी थी। एनकाउंटर के डर से संजय ने बुधवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अब पुलिस राना के साथी चांद मियां समेत अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है। 

राना और आदित्य के शस्त्र लाइसेंस होंगे निरस्त
गोलीकांड के मुख्य आरोपियों समेत अन्य लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए डीएम ने एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है। इज्जतनगर पुलिस आरोपियों के असलहों का रिकॉर्ड जुटा रही है। आरोपी आदित्य उपाध्याय ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से फायरिंग की थी। वहीं, राजीव राना के पास भी लाइसेंसी राइफल बताई जा रही है। घटना में जिन कार मालिकों, होटल मालिक चांद मियां आदि का नाम आ रहा है, उनके पास भी शस्त्र लाइसेंस हो सकते हैं। 

पुलिस इन सभी के लाइसेंस की स्थिति पता लगा रही है। इनमें से कई लोग दूसरे थाना क्षेत्रों में रहते हैं। वहां से भी इज्जतनगर पुलिस समन्वय कर जानकारी हासिल कर रही है। इज्जतनगर थाने से संयुक्त रिपोर्ट तैयार करके एसएसपी के जरिये डीएम को भेजी जाएगी। डीएम की ओर से आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।

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जेल में बंद बदमाश सुभाष लोधी पर एक और रिपोर्ट 
बवाल के बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार सुभाष लोधी पर कानून का शिकंजा और कस गया है। भाजपा नेता के भाई ने कोर्ट के आदेश पर सुभाष लोधी समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष पूरनलाल लोधी के भाई अटरिया महेशपुर निवासी अधिवक्ता मोहन स्वरूप लोधी के मुताबिक आठ मई की रात 10 बजे उनका भतीजा ओमप्रकाश घर के दरबाजे पर खड़ा था। तभी उनके गांव का सुभाष लोधी, उसका भाई सोमेश, पिता सोमपाल, शौकत, मोहम्मद अली, दीनानाथ व जुनैद गाली-गलौज करते हुए पहुंचे। 

कहने लगे कि तू कोर्ट में हमारे खिलाफ बहुत पैरवी करता है। अगर हम जेल गए तो तुझे जान से मार देंगे। इसके बाद सुभाष ने तमंचे से उनके ऊपर फायर कर दिया। वह किसी तरह बच गए पर गोली उनके भतीजे के बाएं हाथ में लग गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। थाने में तहरीर दी, मगर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। इसके बाद वह कोर्ट की शरण में चले गए। बताया कि इससे एक दिन पहले इन्हीं लोगों ने उनके दूसरे मकान में घुसकर तोड़फोड़ की थी। वहां से मोटर, फाबड़ा, तसला आदि सामान चोरी कर लिया था। 

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