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Bareilly News: हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर 300 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी फास्ट, सुपर फास्ट गाड़ियां
Mon, 20 Apr 2026 02:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 20 Apr 2026 02:22 AM IST
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बरेली। गाजियाबाद से मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, रोजा, सीतापुर के बीच 403 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन को मंजूरी देने के साथ ही रेलवे ने रोजा-लखनऊ के बीच 158 किलोमीटर के रेलखंड में फोर लाइन प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। गाजियाबाद-लखनऊ के बीच फोर लाइन प्रोजेक्ट के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम गति शक्ति योजना के तहत पिछले साल ही पूरा हो चुका है।
केंद्र सरकार ने इसी वर्ष बजट में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इनमें दिल्ली-वाराणसी के बीच 790 किलोमीटर का हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बरेली होकर प्रस्तावित है। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर गाड़ियां 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
यह कॉरिडोर फास्ट, सुपर फास्ट और तेजस, वंदे भारत, राजधानी, दुरंतो, अमृत भारत जैसी गाड़ियों के लिए आरक्षित होगा। तीसरी व चौथी रेल लाइन के बाद पूर्वांचल समेत पूर्वोत्तर के राज्यों तक बेहतर कनेक्टविटी हो जाएगी। मुख्य रेल लाइन पर दबाव कम होगा। इससे ज्यादा संख्या में मालगाड़ियों का संचालन हो सकेगा।
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इससे अतिरिक्त माल ढुलाई का रास्ता साफ होगा। कोयला, खाद्यान्न, रासायनिक खाद और तैयार इस्पात आदि की ढुलाई के लिए सड़क संसाधनों पर निर्भरता घटेगी। सड़क परिवहन पर हर वर्ष आने वाली अरबों रुपये की लॉजिस्टिक्स लागत की बचत से देश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
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तीन राज्यों का मेंटीनेंस हब बनेगा बरेली
दिल्ली-लखनऊ रेलखंड पर बरेली एक प्रमुख स्टेशन है। भविष्य में बरेली को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के मेंटीनेंस हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर, सीबीगंज, बरेली कैंट, रामगंगा, भोजीपुरा स्टेशनों के लिए 20 से ज्यादा बड़ी परियोजनाओं का मंजूरी मिल चुकी है। बरेली में वंदे भारत का मेंटीनेंस शेड भी प्रस्तावित है। इसके अलावा भिटौरा स्टेशन पर कंटेनर डिपो प्रस्तावित है। दिल्ली-लखनऊ के बीच 493 किलोमीटर के मेंटीनेंस कॉरिडोर के लिए सर्वे चल रहा है।
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बरेली को रेलवे हब के रूप में विकसित करने की योजना है। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की दिशा में भी काम चल रहा है। गाजियाबाद-सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी मिल चुकी है। रोजा-लखनऊ के बीच फोर लाइन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम मुरादाबाद मंडल
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केंद्र सरकार ने इसी वर्ष बजट में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इनमें दिल्ली-वाराणसी के बीच 790 किलोमीटर का हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बरेली होकर प्रस्तावित है। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर गाड़ियां 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
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यह कॉरिडोर फास्ट, सुपर फास्ट और तेजस, वंदे भारत, राजधानी, दुरंतो, अमृत भारत जैसी गाड़ियों के लिए आरक्षित होगा। तीसरी व चौथी रेल लाइन के बाद पूर्वांचल समेत पूर्वोत्तर के राज्यों तक बेहतर कनेक्टविटी हो जाएगी। मुख्य रेल लाइन पर दबाव कम होगा। इससे ज्यादा संख्या में मालगाड़ियों का संचालन हो सकेगा।
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इससे अतिरिक्त माल ढुलाई का रास्ता साफ होगा। कोयला, खाद्यान्न, रासायनिक खाद और तैयार इस्पात आदि की ढुलाई के लिए सड़क संसाधनों पर निर्भरता घटेगी। सड़क परिवहन पर हर वर्ष आने वाली अरबों रुपये की लॉजिस्टिक्स लागत की बचत से देश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
तीन राज्यों का मेंटीनेंस हब बनेगा बरेली
दिल्ली-लखनऊ रेलखंड पर बरेली एक प्रमुख स्टेशन है। भविष्य में बरेली को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के मेंटीनेंस हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर, सीबीगंज, बरेली कैंट, रामगंगा, भोजीपुरा स्टेशनों के लिए 20 से ज्यादा बड़ी परियोजनाओं का मंजूरी मिल चुकी है। बरेली में वंदे भारत का मेंटीनेंस शेड भी प्रस्तावित है। इसके अलावा भिटौरा स्टेशन पर कंटेनर डिपो प्रस्तावित है। दिल्ली-लखनऊ के बीच 493 किलोमीटर के मेंटीनेंस कॉरिडोर के लिए सर्वे चल रहा है।
बरेली को रेलवे हब के रूप में विकसित करने की योजना है। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की दिशा में भी काम चल रहा है। गाजियाबाद-सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी मिल चुकी है। रोजा-लखनऊ के बीच फोर लाइन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम मुरादाबाद मंडल