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व्यापारियों की पीठ पर बांसुरी महोत्सव जैसे आयोजन न हों
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पीलीभीत के गांधी प्रेक्षागृह में व्यापारियों से संवाद कार्यक्रम में अपने विचार रखते वरुण गांधी?
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। वरुण गांधी ने कहा कि व्यापारियों की स्थिति ठीक नहीं है। उनकी पीठ पर बांसुरी महोत्सव जैसे आयोजन न किए जाएं। संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सांसद वरुण गांधी ने गांधी प्रेक्षागृह में जिले के व्यापारियों के साथ संवाद किया। उनकी समस्याएं जानींख समाधान का भरोसा दिलाया।
सांसद ने बांसुरी महोत्सव के नाम पर हुई धन वसूली का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। कहा कि तीन व्यापार मंडलों से पैसा लिया गया है। वह दबाव बनाकर चंदा लिए जाने के सख्त खिलाफ हैं। व्यापारियों से उन्होंने कहा कि वह अपना सब कुछ बेच दूंगा लेकिन कभी उनकी पीठ पर बोझ नहीं बनेंगे। डीएम को एक पत्र लिखेंगे कि जिन तीन व्यापर मंडलों से डेढ़/डेढ़ लाख रुपये लिए हैं। उन्हें वापस कर दिए जाएं। साढ़े चार लाख रुपये का चेक उनसे प्राप्त कर लें।
उन्होंने व्यापारियों से पूछा कि वे बताएं क्या कभी किसी व्यापारी से उन्होंने या उनके परिवार ने एक भी रुपये का चंदा मांगा। व्यापारियों ने कहा/ नहीं मांगा। वरुण ने फिर व्यापारियों से सवाल किया कि उन्होंने कोरोना के समय में क्या अपने पैसे से जिले के लिए ऑक्सीजन दिया, सांसद रसोई चलाई, दवाएं उपलब्ध कराईं, व्यापारियों का जवाब हां में आया। इसके बाद मौजूद व्यापारी वरुण गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। वरुण गांधी और व्यापारियों का यह संवाद दिन भर चर्चा में रहा।
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व्यापारी नेता ने किया खंडन
बोले वरुण गांधी/ निजीकरण के नाम पर बेचा जा रहा है सब कुछ
व्यापारियों से संवाद के दौरान जब निजीकरण और ऑन लाइन कारोबार से परंपरागत कारोबार को हो रही क्षति का मुद्दा उठा तो सांसद वरुण गांधी ने निजीकरण के खिलाफ बयान दिया। उन्होंने कहा/निजीकरण के नाम पर करोड़ों लोगों को बर्बाद करने की साजिश है। उन्होंने निजीकरण और ई/कॉमर्स के जरिए हो रहे तमाम कारोबार को देश की अर्थ व्यवस्था के लिए खतरा बताया।
सांसद वरुण गांधी ने कहा कि हर चीज को मुनाफे की दृष्टि से देखना ठीक नहीं है। नौकरियां देने की जगह छीनने का काम हो रहा है। निजीकरण के नाम पर सब कुछ बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दू/मुस्लिम, अगड़ा/पिछड़ा, जात/पात के जाल से निकलिए संगठित होकर आवाज उठाइए और देश बचाइए। सांसद ने कहा/नौजवान रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। वह बोले कि उनके लिए देश पहले है। राजनीति बाद की बात है। वह राष्ट्र के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।
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सांसद ने बांसुरी महोत्सव के नाम पर हुई धन वसूली का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। कहा कि तीन व्यापार मंडलों से पैसा लिया गया है। वह दबाव बनाकर चंदा लिए जाने के सख्त खिलाफ हैं। व्यापारियों से उन्होंने कहा कि वह अपना सब कुछ बेच दूंगा लेकिन कभी उनकी पीठ पर बोझ नहीं बनेंगे। डीएम को एक पत्र लिखेंगे कि जिन तीन व्यापर मंडलों से डेढ़/डेढ़ लाख रुपये लिए हैं। उन्हें वापस कर दिए जाएं। साढ़े चार लाख रुपये का चेक उनसे प्राप्त कर लें।
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उन्होंने व्यापारियों से पूछा कि वे बताएं क्या कभी किसी व्यापारी से उन्होंने या उनके परिवार ने एक भी रुपये का चंदा मांगा। व्यापारियों ने कहा/ नहीं मांगा। वरुण ने फिर व्यापारियों से सवाल किया कि उन्होंने कोरोना के समय में क्या अपने पैसे से जिले के लिए ऑक्सीजन दिया, सांसद रसोई चलाई, दवाएं उपलब्ध कराईं, व्यापारियों का जवाब हां में आया। इसके बाद मौजूद व्यापारी वरुण गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। वरुण गांधी और व्यापारियों का यह संवाद दिन भर चर्चा में रहा।
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व्यापारी नेता ने किया खंडन
बोले वरुण गांधी/ निजीकरण के नाम पर बेचा जा रहा है सब कुछ
व्यापारियों से संवाद के दौरान जब निजीकरण और ऑन लाइन कारोबार से परंपरागत कारोबार को हो रही क्षति का मुद्दा उठा तो सांसद वरुण गांधी ने निजीकरण के खिलाफ बयान दिया। उन्होंने कहा/निजीकरण के नाम पर करोड़ों लोगों को बर्बाद करने की साजिश है। उन्होंने निजीकरण और ई/कॉमर्स के जरिए हो रहे तमाम कारोबार को देश की अर्थ व्यवस्था के लिए खतरा बताया।
सांसद वरुण गांधी ने कहा कि हर चीज को मुनाफे की दृष्टि से देखना ठीक नहीं है। नौकरियां देने की जगह छीनने का काम हो रहा है। निजीकरण के नाम पर सब कुछ बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दू/मुस्लिम, अगड़ा/पिछड़ा, जात/पात के जाल से निकलिए संगठित होकर आवाज उठाइए और देश बचाइए। सांसद ने कहा/नौजवान रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। वह बोले कि उनके लिए देश पहले है। राजनीति बाद की बात है। वह राष्ट्र के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।