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शिक्षकों के पास पहुंचा ईमेल.. फेवर मी, कुलपति बोले- मैंने तो लिखा ही नहीं
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MJP Rohilkhand university
थाना बारादरी में दर्ज कराई ईमेल एकाउंट में गड़बड़ी करने की एफआईआर
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31 जुलाई को खत्म हो रहा कार्यकाल, अंदरूनी राजनीति की सुगबुगाहट
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति की जीमेल आईडी से तमाम शिक्षकों के पास ‘फेवर मी’ का संदेश पहुंचे तो वे चौंक गए। मामला कुलपति तक पहुंचा तो उन्होंने शिक्षकों को कोई भी ईमेल करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनके निजी सहायक ने थाना बारादरी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। प्रारंभिक छानबीन के बाद पुलिस ने इसे कुलपति का कार्यकाल खत्म होने से पहले विश्वविद्यालय में शुरू हुई लॉबिंग से जुड़ा मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल के निजी सहायक सुधाकर की ओर से थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें लिखा गया है कि कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर कई लोगों को मेसेज भेजे गए हैं। गुरुवार दोपहर विश्वविद्यालय के सुरक्षा प्रभारी सुधांशु के साथ थाने आए सुधाकर इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा से मिले। उन्होंने दोषी का पता लगाकर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
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उधर विश्वविद्यालय में भी चर्चा है कि कुलपति के ईमेल एकाउंट का क्लोन बनाकर शिक्षकों को मेसेज भेजने के पीछे विश्वविद्यालय अंदरूनी राजनीति है। कुलपति का कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो रहा है। इस बीच उनका कार्यकाल बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है। लिहाजा उनके समर्थन और विरोध दोनों की कोशिशें शुरू हो गई हैं। फर्जी मेसेज को कुलपति की साख बिगाड़ने की कोशिश माना जा रहा है।
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पहले इंजीनियरिंग संकाय प्रभारी की फर्जी आईडी से भेजे थे मेल
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति से पहले इंजीनियरिंग संकाय के अध्यक्ष प्रो. शरद पांडेय की ईमेल आईडी का क्लोन बनाकर कई शिक्षकों को मेसेज किए गए थे। इस मामले में डीआईजी के आदेश पर साइबर क्राइम थाने में छह जून को रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें विवेचना चल रही है।
जानकारी में आया है कि मेरे नाम की ईमेल आईडी से सभी शिक्षकों को मेल किए गए जबकि ये मेल मैंने किया ही नहीं। देखा तो पता चला कि मेरे नाम से ही किसी ने फर्जी आईडी बनाकर मेल किया है। इस मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस को सूचना दे दी है। - प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति
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31 जुलाई को खत्म हो रहा कार्यकाल, अंदरूनी राजनीति की सुगबुगाहट बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति की जीमेल आईडी से तमाम शिक्षकों के पास ‘फेवर मी’ का संदेश पहुंचे तो वे चौंक गए। मामला कुलपति तक पहुंचा तो उन्होंने शिक्षकों को कोई भी ईमेल करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनके निजी सहायक ने थाना बारादरी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। प्रारंभिक छानबीन के बाद पुलिस ने इसे कुलपति का कार्यकाल खत्म होने से पहले विश्वविद्यालय में शुरू हुई लॉबिंग से जुड़ा मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल के निजी सहायक सुधाकर की ओर से थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें लिखा गया है कि कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर कई लोगों को मेसेज भेजे गए हैं। गुरुवार दोपहर विश्वविद्यालय के सुरक्षा प्रभारी सुधांशु के साथ थाने आए सुधाकर इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा से मिले। उन्होंने दोषी का पता लगाकर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
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उधर विश्वविद्यालय में भी चर्चा है कि कुलपति के ईमेल एकाउंट का क्लोन बनाकर शिक्षकों को मेसेज भेजने के पीछे विश्वविद्यालय अंदरूनी राजनीति है। कुलपति का कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो रहा है। इस बीच उनका कार्यकाल बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है। लिहाजा उनके समर्थन और विरोध दोनों की कोशिशें शुरू हो गई हैं। फर्जी मेसेज को कुलपति की साख बिगाड़ने की कोशिश माना जा रहा है।
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पहले इंजीनियरिंग संकाय प्रभारी की फर्जी आईडी से भेजे थे मेल
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति से पहले इंजीनियरिंग संकाय के अध्यक्ष प्रो. शरद पांडेय की ईमेल आईडी का क्लोन बनाकर कई शिक्षकों को मेसेज किए गए थे। इस मामले में डीआईजी के आदेश पर साइबर क्राइम थाने में छह जून को रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें विवेचना चल रही है।
जानकारी में आया है कि मेरे नाम की ईमेल आईडी से सभी शिक्षकों को मेल किए गए जबकि ये मेल मैंने किया ही नहीं। देखा तो पता चला कि मेरे नाम से ही किसी ने फर्जी आईडी बनाकर मेल किया है। इस मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस को सूचना दे दी है। - प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति