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Bareilly News: पहले पुलिस ने ही दिया संरक्षण, अब बदनामी की वजह बने तस्करी
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बरेली। फरीदपुर में सात लाख रुपये की वसूली के मामले में इंस्पेक्टर रामसेवक समेत दो ढाबा संचालक स्मैक तस्कर फरार हैं।
पुलिस इन दोनों तस्करों की भी तलाश कर रही है। फरीदपुर इलाके में ऐसे कई अफीम स्मैक तस्करों ने ढाबे खोल रखे हैं जो समाज में खुद को खुद को पाक साफ दिखाते हैं। तमाम मामलों में पुलिस पर तस्करों के संरक्षण का आरोप लगता है, अब यही स्मैक तस्कर पुलिस की बदनामी की वजह बने हैं।
इंस्पेक्टर रामसेवक के तस्करों से सात लाख घूस लेने और इसमें ढाबा मालिकों की संलिप्तता से यह साफ हो गया है कि हाईवे के ढाबों से ही नशे का सिंडीकेट संचालित हो रहा है। तस्करों ने खुद को सफेदपोश और कारोबारी दिखाने के िलए ढाबे खोल लिए हैं।
यहीं से वह ट्रक ड्राइवरों के जरिये धंधे को कई प्रदेशों तक संचालित कर रहे हैं। रजऊ से लेकर फतेहगंज पूर्वी तक हाइवे किनारे कई ढाबे हैं। इन ढाबों पर झारखंड, बिहार समेत दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रक रुकते हैं।
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सूत्र बताते हैं कि कई ड्राइवर अपने साथ झारखंड व नक्सल प्रभावित इलाकों से सस्ते में अफीम छिपाकर ले आते हैं। उसका सौदा तस्कर से ढाबा संचालक बने यह लोग कर लेते हैं। जिले में फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी, मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में सबसे अधिक तस्कर सक्रिय रहते हैं। अमर उजाला ब्यूरोे
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पुलिस इन दोनों तस्करों की भी तलाश कर रही है। फरीदपुर इलाके में ऐसे कई अफीम स्मैक तस्करों ने ढाबे खोल रखे हैं जो समाज में खुद को खुद को पाक साफ दिखाते हैं। तमाम मामलों में पुलिस पर तस्करों के संरक्षण का आरोप लगता है, अब यही स्मैक तस्कर पुलिस की बदनामी की वजह बने हैं।
इंस्पेक्टर रामसेवक के तस्करों से सात लाख घूस लेने और इसमें ढाबा मालिकों की संलिप्तता से यह साफ हो गया है कि हाईवे के ढाबों से ही नशे का सिंडीकेट संचालित हो रहा है। तस्करों ने खुद को सफेदपोश और कारोबारी दिखाने के िलए ढाबे खोल लिए हैं।
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यहीं से वह ट्रक ड्राइवरों के जरिये धंधे को कई प्रदेशों तक संचालित कर रहे हैं। रजऊ से लेकर फतेहगंज पूर्वी तक हाइवे किनारे कई ढाबे हैं। इन ढाबों पर झारखंड, बिहार समेत दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रक रुकते हैं।
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सूत्र बताते हैं कि कई ड्राइवर अपने साथ झारखंड व नक्सल प्रभावित इलाकों से सस्ते में अफीम छिपाकर ले आते हैं। उसका सौदा तस्कर से ढाबा संचालक बने यह लोग कर लेते हैं। जिले में फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी, मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में सबसे अधिक तस्कर सक्रिय रहते हैं। अमर उजाला ब्यूरोे