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Bareilly News: मियाद खत्म, काम अधूरा, अब 10 अगस्त तक करना होगा पूरा
Mon, 20 Jul 2026 12:48 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:48 AM IST
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बरेली। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के पहले चरण का काम आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। इस काम को फरवरी में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते अब तक अधूरा पड़ा है। अब तीसरी बार इसकी समय सीमा बढ़ाई गई है। इसके मुताबिक, फर्म को 10 अगस्त तक काम पूरा कराना होगा।
सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण में डीडीपुरम व आसपास के इलाके में सड़कों के चौड़ीकरण के लिए 58.17 करोड़ रुपये का ठेका अनमोल एसोसिएट्स को मिला था। फर्म ने सात नवंबर 2024 को काम शुरू किया था। नियमानुसार इसे छह फरवरी 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन फर्म की सुस्ती के चलते इसकी समय सीमा तीसरी बार बढ़ानी पड़ी है। इसको लेकर अब विपक्ष के साथ स्थानीय नागरिक भी लामबंद हो गए हैं। नगर निगम के अधिकारी तकनीकी दिक्कतों और मौसम संबंधी कारणों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
योजना के पहले चरण के तहत जिन इलाकों में कार्य कराया जा रहा है, वहां आज भी स्थिति बदतर है। मॉडल टाउन, स्टेडियम रोड और डीडीपुरम जैसे व्यस्त क्षेत्रों में कई स्थानों पर निर्माण कार्य आज भी अधूरा है। जगह-जगह उखड़े फुटपाथ, धंसी सड़कें और सीवर की आधी-अधूरी व्यवस्था ने लोगों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। बारिश के दौरान इन अधूरे निर्माण कार्यों की तकनीकी खामियां और जलभराव की समस्याएं खुलकर सामने आ गईं। इससे स्थानीय लोगों में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि निगम प्रशासन ने शुरुआत में ही सख्त रुख अपनाया होता, तो उन्हें यह दुश्वारी नहीं झेलनी पड़ती।
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आईआईटी के सुझाव की अनदेखी पड़ रही भारीसीएम ग्रिड योजना की शुरुआत में ही आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए नियमित थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग, तकनीकी ऑडिट और गुणवत्ता परीक्षण की सलाह दी थी। जानकारों का मानना है कि यदि इन सुझावों पर अमल किया जाता तो निर्माण में आ रही तकनीकी खामियों को समय रहते दूर किया जा सकता था।
वर्जन
सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण के काम को पूरा करने के लिए 10 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। फर्म को निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने की हिदायत दी गई है। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता
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सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण में डीडीपुरम व आसपास के इलाके में सड़कों के चौड़ीकरण के लिए 58.17 करोड़ रुपये का ठेका अनमोल एसोसिएट्स को मिला था। फर्म ने सात नवंबर 2024 को काम शुरू किया था। नियमानुसार इसे छह फरवरी 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन फर्म की सुस्ती के चलते इसकी समय सीमा तीसरी बार बढ़ानी पड़ी है। इसको लेकर अब विपक्ष के साथ स्थानीय नागरिक भी लामबंद हो गए हैं। नगर निगम के अधिकारी तकनीकी दिक्कतों और मौसम संबंधी कारणों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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योजना के पहले चरण के तहत जिन इलाकों में कार्य कराया जा रहा है, वहां आज भी स्थिति बदतर है। मॉडल टाउन, स्टेडियम रोड और डीडीपुरम जैसे व्यस्त क्षेत्रों में कई स्थानों पर निर्माण कार्य आज भी अधूरा है। जगह-जगह उखड़े फुटपाथ, धंसी सड़कें और सीवर की आधी-अधूरी व्यवस्था ने लोगों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। बारिश के दौरान इन अधूरे निर्माण कार्यों की तकनीकी खामियां और जलभराव की समस्याएं खुलकर सामने आ गईं। इससे स्थानीय लोगों में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि निगम प्रशासन ने शुरुआत में ही सख्त रुख अपनाया होता, तो उन्हें यह दुश्वारी नहीं झेलनी पड़ती।
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आईआईटी के सुझाव की अनदेखी पड़ रही भारीसीएम ग्रिड योजना की शुरुआत में ही आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए नियमित थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग, तकनीकी ऑडिट और गुणवत्ता परीक्षण की सलाह दी थी। जानकारों का मानना है कि यदि इन सुझावों पर अमल किया जाता तो निर्माण में आ रही तकनीकी खामियों को समय रहते दूर किया जा सकता था।
वर्जन
सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण के काम को पूरा करने के लिए 10 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। फर्म को निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने की हिदायत दी गई है। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता