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Bareilly News: दो साल में करोड़ों खर्च, फिर भी 61 इलाकों की लाइनें जर्जर
Sun, 18 Oct 2026 12:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:06 AM IST
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बरेली। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए शासन की ओर से विद्युत निगम को साल दर साल करोड़ों का बजट दिया जा रहा है। इसके बावजूद शहर के 61 इलाकों की बिजली लाइनें जर्जर हैं। विद्युत निगम के प्रस्तावित बिजनेस प्लान के लिए कराए गए सर्वे में यह हकीकत सामने आई।
शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए विद्युत निगम ने दो वर्षों में 40 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बावजूद 61 इलाकों में 33 और 11 केवी की लाइनें जर्जर मिलीं। सर्वे के दौरान डेलापीर, सिविल लाइंस, सुभाषनगर, कोहाड़ापीर, राजेंद्रनगर, शाहदाना, जगतपुर, हरूनगला, महानगर और दुर्गानगर समेत 20 उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में एलटी लाइनें भी जर्जर मिली हैं। इन लाइनों की खराब हालत के चलते फाॅल्ट होने पर आपूर्ति बाधित होती है।
इन इलाकों की लाइनें मिलीं जर्जर
- सिविल लाइंस तृतीय व प्रथम उपकेंद्र से पोषित पुराना शहर, श्यामगंज, हेलेन रोड और प्रधान डाकघर इलाके।
- सुभाषनगर प्रथम से पोषित नेकपुर, बीडीए कॉलोनी और अनुपमनगर।
- डीडीपुरम से पोषित होली चौराहा।
- डेलापीर से पोषित झूलेलाल द्वार, स्टेडियम रोड और डेलापीर।
- कोहाड़ापीर से पोषित चाहबाई, अशोकनगर और गांधीनगर।
- राजेंद्रनगर से पोषित जनकपुरी।
- शाहदाना से पोषित आजादनगर, मठ की चौकी, स्टेडियम रोड, माधोबाड़ी और आजमनगर।
- हरूनगला।
- दुर्गानगर से पोषित वनखंडीनाथ मंदिर, गंगवार कॉलोनी और मेगासिटी।
- महानगर से पोषित शहीद भगत सिंह चौक, चक चुंगी और आकाशपुरम।
- किला से पोषित सिटी श्मशान भूमि से बाकरगंज, अलखनाथ मंदिर से गढ़ी चौकी तक, हार्टमन पुल के नीचे, बानखाना, स्वालेनगर, फूटा दरवाजा, धोबीघाट, आनंद विहार कॉलोनी और छोटी बमनपुरी से लाल मस्जिद तक।
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वर्जन
निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए शहर के सभी उपकेंद्रों का सर्वे कराया गया है। 50 से अधिक इलाकों में एलटी लाइनें जर्जर होने के साथ अन्य छोटी-मोटी खामियां मिली हैं। इन्हें प्रस्तावित बिजनेस प्लान के तहत दुरुस्त कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है। - ललित कुमार, अधीक्षण अभियंता शहर
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शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए विद्युत निगम ने दो वर्षों में 40 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बावजूद 61 इलाकों में 33 और 11 केवी की लाइनें जर्जर मिलीं। सर्वे के दौरान डेलापीर, सिविल लाइंस, सुभाषनगर, कोहाड़ापीर, राजेंद्रनगर, शाहदाना, जगतपुर, हरूनगला, महानगर और दुर्गानगर समेत 20 उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में एलटी लाइनें भी जर्जर मिली हैं। इन लाइनों की खराब हालत के चलते फाॅल्ट होने पर आपूर्ति बाधित होती है।
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इन इलाकों की लाइनें मिलीं जर्जर
- सिविल लाइंस तृतीय व प्रथम उपकेंद्र से पोषित पुराना शहर, श्यामगंज, हेलेन रोड और प्रधान डाकघर इलाके।
- सुभाषनगर प्रथम से पोषित नेकपुर, बीडीए कॉलोनी और अनुपमनगर।
- डीडीपुरम से पोषित होली चौराहा।
- डेलापीर से पोषित झूलेलाल द्वार, स्टेडियम रोड और डेलापीर।
- कोहाड़ापीर से पोषित चाहबाई, अशोकनगर और गांधीनगर।
- राजेंद्रनगर से पोषित जनकपुरी।
- शाहदाना से पोषित आजादनगर, मठ की चौकी, स्टेडियम रोड, माधोबाड़ी और आजमनगर।
- हरूनगला।
- दुर्गानगर से पोषित वनखंडीनाथ मंदिर, गंगवार कॉलोनी और मेगासिटी।
- महानगर से पोषित शहीद भगत सिंह चौक, चक चुंगी और आकाशपुरम।
- किला से पोषित सिटी श्मशान भूमि से बाकरगंज, अलखनाथ मंदिर से गढ़ी चौकी तक, हार्टमन पुल के नीचे, बानखाना, स्वालेनगर, फूटा दरवाजा, धोबीघाट, आनंद विहार कॉलोनी और छोटी बमनपुरी से लाल मस्जिद तक।
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वर्जन
निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए शहर के सभी उपकेंद्रों का सर्वे कराया गया है। 50 से अधिक इलाकों में एलटी लाइनें जर्जर होने के साथ अन्य छोटी-मोटी खामियां मिली हैं। इन्हें प्रस्तावित बिजनेस प्लान के तहत दुरुस्त कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है। - ललित कुमार, अधीक्षण अभियंता शहर