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गर्भवती महिला की चाकू से गोदकर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 22 Mar 2016 01:45 AM IST
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इसी महिला की हत्या
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थाना प्रेमनगर इलाके के बाला जी पुरम (सिद्धार्थ नगर) में गर्भवती महिला की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। सूचना पर पति पड़ोसी के यहां से घर में पहुंचा तो देवर प्रमोद कुमार लाश के पास बैठा रोता हुआ मिला। बाद में बेहोश होनेे पर उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया। पति और मायके वाले हत्या की घटना को अठारह घंटे छुपाए रहे। सोमवार पता लगने पर पुलिस ने इस मामले में पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज के लिए हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि मौके के हालात तो कुछ और ही बयान कर रहे हैं।
रविवार को बाला जी पुरम के रहने वाले रामभरोसे और उनकी पत्नी बेबी देवी सिद्धार्थ नगर में चौकीदार करने गई थीं। उनका बेटा विनोद कुमार घर के पास में ही महेंद्र के घर राज मिस्त्री का काम कर रहा था। रामभरोसे का मझला बेटा प्रमोद कुमार और छोटा बेटा देवेंद्र कुमार कहीं बाहर गए थे। विनोद की 25 वर्षीय पत्नी रेनू देवी घर में अकेली थी। मोहल्ले वालों के मुताबिक शाम करीब चार बजे रामभरोसे के घर से लड़ाई की आवाजें आने पर पड़ोस की लड़की दौड़कर विनोद कुमार को बुलाने चली गई। विनोद दौड़कर घर आया तो अंदर से दरवाजा बंद था। उनसे दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। विनोद ने बताया कि पड़ोसी के मकान की मदद से दीवार कूदकर वह किसी तरह से घर में पहुंचा। घर में जाकर देखा तो रेनू की लाश कमरे में फर्श पर पड़ी हुई थी। प्रमोद कुमार लाश के पास बैठा हॉय भाभी कहकर रो रहा था। दरवाजा खोलकर करीब छह बजे विनोद कुमार पत्नी रेनू को लेकर पड़ोस में ही डॉक्टर के पास पहुंचा तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। विनोद के मुताबिक रेनू की मौत की खबर सुनते ही प्रमोद कुमार बेहोश हो गया। उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। रेनू की लाश को विनोद कुमार और उसके परिवार वाले घर ले आए। विनोद ने कायस्थान, बिलासपुर(रामपुर) में रहने वाले अपने ससुर प्रेमशंकर को घटना की सूचना यह कह दी कि रेनू की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। वह चार महीने की गर्भवती थी। प्रेमशंकर ने आकर देखा तो रेनू को चाकू से गोदकर मार गया है। इससे गुस्सा प्रेमशंकर ने पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। इंस्पेक्टर प्रेमनगर देवेश सिंह ने सूचना मिलते ही घटना स्थल का मुआयना करके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। बाद में सीओ सिद्धार्थ वर्मा और एसपी सिटी समीर सौरभ ने घटना स्थल देखकर रेनू के पति और मां से पूछताछ की, लेकिन अभी तक हत्या की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझी है। हालांकि पुलिस ने रेनू के पिता प्रेमशंकर की तरफ से पति विनोद कुमार, देवर प्रमोद कुमार, देवेंद्र कुमार, सास बेबी देवी और ससुर रामभरोसे के खिलाफ दहेज के लिए हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
देवर की खामोशी में छिपा है हत्या का राज
बरेली। पुलिस ने दहेज के लिए रेनू की हत्या करने के आरोप में मुकदमा भले ही लिख लिया है, लेकिन क्राइम सीन सच्चाई कुछ और ही कह रहा है। खून से लथपथ रेनू की लाश के पास बैठे देवर प्रमोद कुमार की और ही शक की सुई घूम रही है। हत्या का समय घर का दरवाजा अंदर से बंद था। प्रमोद की खामोशी में ही रेनू की हत्या का राज छिपा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि देवर ने कहीं रेनू के साथ कोई जोर जबरदस्ती करने की कोशिश तो नहीं की। विरोध करने पर उसकी हत्या करने का भी पूरा अंदेशा है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन करने में लगी है। प्रमोद का पुलिस कस्टडी में इलाज चल रहा है। उसके होश में आते ही रेनू की मौत का रहस्य खुल पाएगा। प्रमोद की इतनी लंबी खामोशी को लेकर भी पुलिस उसे संदेह की नजर से देख रही है। यह भी देखा जा रहा है कि प्रमोद वाकई बेहोश है या नाटक कर रहा है।
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तीन साल बाद घर में आई थी खुशी
बेबी देवी का कहना है कि तीन साल पहले विनोद कुमार की शादी रेनू से हुई थी। दोनों में कभी-कभार विवाद हो भी जाता था तो वह बहू के साथ ही खड़ी रहती थी। रेनू के गर्भवती होने के बाद तो विनोद कुमार बेहद खुश था और उसे बहुत चाहने लगा था। उसने रेनू को घुमाने के लिए पुरानी मोटर साइकिल भी खरीद ली थी।
60 गज के प्लाट हड़पना चाहता था
रेनू के पिता प्रेमशंकर का कहना है कि उसके दामाद विनोद कुमार थाना क्योलड़िया के बिहारीपुर अब्दुल रहमान गांव के रहने वाले हैं। बाला जी पुरम में उनसे समधी रामभरोसे ने घर बना लिया था। यहीं उनके दामाद ने कमाई करके घर के पड़ोस में ही 60 गज का प्लाट अलग से खरीद लिया था। प्रमोद कुमार की उसी प्लाट पर नजर थी। वह उसे हड़पना चाहता था। इसलिए रेनू से आए दिन लड़ता रहता था। कई बार रेनू से हाथापाई भी कर दी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: रेनू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो जगह सीने, दो जगह पेट और कंधे पर चाकू मारे जाने की पुष्टि हुई है। उसके सिर में गिरने से गहरी चोट लगी है।
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रविवार को बाला जी पुरम के रहने वाले रामभरोसे और उनकी पत्नी बेबी देवी सिद्धार्थ नगर में चौकीदार करने गई थीं। उनका बेटा विनोद कुमार घर के पास में ही महेंद्र के घर राज मिस्त्री का काम कर रहा था। रामभरोसे का मझला बेटा प्रमोद कुमार और छोटा बेटा देवेंद्र कुमार कहीं बाहर गए थे। विनोद की 25 वर्षीय पत्नी रेनू देवी घर में अकेली थी। मोहल्ले वालों के मुताबिक शाम करीब चार बजे रामभरोसे के घर से लड़ाई की आवाजें आने पर पड़ोस की लड़की दौड़कर विनोद कुमार को बुलाने चली गई। विनोद दौड़कर घर आया तो अंदर से दरवाजा बंद था। उनसे दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। विनोद ने बताया कि पड़ोसी के मकान की मदद से दीवार कूदकर वह किसी तरह से घर में पहुंचा। घर में जाकर देखा तो रेनू की लाश कमरे में फर्श पर पड़ी हुई थी। प्रमोद कुमार लाश के पास बैठा हॉय भाभी कहकर रो रहा था। दरवाजा खोलकर करीब छह बजे विनोद कुमार पत्नी रेनू को लेकर पड़ोस में ही डॉक्टर के पास पहुंचा तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। विनोद के मुताबिक रेनू की मौत की खबर सुनते ही प्रमोद कुमार बेहोश हो गया। उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। रेनू की लाश को विनोद कुमार और उसके परिवार वाले घर ले आए। विनोद ने कायस्थान, बिलासपुर(रामपुर) में रहने वाले अपने ससुर प्रेमशंकर को घटना की सूचना यह कह दी कि रेनू की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। वह चार महीने की गर्भवती थी। प्रेमशंकर ने आकर देखा तो रेनू को चाकू से गोदकर मार गया है। इससे गुस्सा प्रेमशंकर ने पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। इंस्पेक्टर प्रेमनगर देवेश सिंह ने सूचना मिलते ही घटना स्थल का मुआयना करके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। बाद में सीओ सिद्धार्थ वर्मा और एसपी सिटी समीर सौरभ ने घटना स्थल देखकर रेनू के पति और मां से पूछताछ की, लेकिन अभी तक हत्या की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझी है। हालांकि पुलिस ने रेनू के पिता प्रेमशंकर की तरफ से पति विनोद कुमार, देवर प्रमोद कुमार, देवेंद्र कुमार, सास बेबी देवी और ससुर रामभरोसे के खिलाफ दहेज के लिए हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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देवर की खामोशी में छिपा है हत्या का राज
बरेली। पुलिस ने दहेज के लिए रेनू की हत्या करने के आरोप में मुकदमा भले ही लिख लिया है, लेकिन क्राइम सीन सच्चाई कुछ और ही कह रहा है। खून से लथपथ रेनू की लाश के पास बैठे देवर प्रमोद कुमार की और ही शक की सुई घूम रही है। हत्या का समय घर का दरवाजा अंदर से बंद था। प्रमोद की खामोशी में ही रेनू की हत्या का राज छिपा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि देवर ने कहीं रेनू के साथ कोई जोर जबरदस्ती करने की कोशिश तो नहीं की। विरोध करने पर उसकी हत्या करने का भी पूरा अंदेशा है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन करने में लगी है। प्रमोद का पुलिस कस्टडी में इलाज चल रहा है। उसके होश में आते ही रेनू की मौत का रहस्य खुल पाएगा। प्रमोद की इतनी लंबी खामोशी को लेकर भी पुलिस उसे संदेह की नजर से देख रही है। यह भी देखा जा रहा है कि प्रमोद वाकई बेहोश है या नाटक कर रहा है।
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तीन साल बाद घर में आई थी खुशी
बेबी देवी का कहना है कि तीन साल पहले विनोद कुमार की शादी रेनू से हुई थी। दोनों में कभी-कभार विवाद हो भी जाता था तो वह बहू के साथ ही खड़ी रहती थी। रेनू के गर्भवती होने के बाद तो विनोद कुमार बेहद खुश था और उसे बहुत चाहने लगा था। उसने रेनू को घुमाने के लिए पुरानी मोटर साइकिल भी खरीद ली थी।
60 गज के प्लाट हड़पना चाहता था
रेनू के पिता प्रेमशंकर का कहना है कि उसके दामाद विनोद कुमार थाना क्योलड़िया के बिहारीपुर अब्दुल रहमान गांव के रहने वाले हैं। बाला जी पुरम में उनसे समधी रामभरोसे ने घर बना लिया था। यहीं उनके दामाद ने कमाई करके घर के पड़ोस में ही 60 गज का प्लाट अलग से खरीद लिया था। प्रमोद कुमार की उसी प्लाट पर नजर थी। वह उसे हड़पना चाहता था। इसलिए रेनू से आए दिन लड़ता रहता था। कई बार रेनू से हाथापाई भी कर दी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: रेनू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो जगह सीने, दो जगह पेट और कंधे पर चाकू मारे जाने की पुष्टि हुई है। उसके सिर में गिरने से गहरी चोट लगी है।