बंद कमरे में मिली दुकानदार की लाश
चौपुला बगिया की गली नंबर चार में रहने वाले सूरज की पत्नी की दो साल पहले मौत हो गई थी। उसके कोई बच्चा नहीं था। मां और भाई चंदा का परिवार किला छावनी इलाके में दूसरे घर में रहते हैं। सूरज अपने घर में अकेला रहता था और गली के बाहर पान-गुटखा की दुकान चलाता था। सोमवार सुबह पड़ोसियों ने उसे दरवाजे पर झाड़ू लगाते देखा। फिर उसका दरवाजा बंद हो गया। दोपहर एक बजे घरवाले खाना लेकर आए तो काफी खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले सभासद राममिलन को बुलाया। स्थिति संदिग्ध लगने पर सभासद ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। कोतवाल शक्ति सिंह और बिहारीपुर चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पहले पड़ोस के घरों से कूदकर मेनगेट की अंदर से लगी कुंडी खोली और फिर जोर लगाकर कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर चारपाई पर सूरज का शव पड़ा था। भाई चंदा ने कहा कि उनकी या सूरज की किसी से दुश्मनी नहीं थी लेकिन सूरज खुदकुशी नहीं कर सकता। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो शरीर में जहर के लक्षण मिले। इस पर उसका विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। देर रात तक घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी थी।