{"_id":"571147b74f1c1b97124a6f6b","slug":"at-first-a-certificate-of-income-made-much-later","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले कम, बाद में ज्यादा आमदनी का सर्टिफिकेट बनाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पहले कम, बाद में ज्यादा आमदनी का सर्टिफिकेट बनाया
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 16 Apr 2016 01:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहेड़ी तहसील में पहले कम आय और बाद में अधिक आमदनी का प्रमाणपत्र बनाकर आवेदक को सौंप दिया। यह मामला केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार के पास पहुंचा तो उन्होंने डीएम से जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई को कहा है। केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि ऐसा एक नहीं कई लोगों से साथ होता होगा।
आरोप है कि पहले नगरिया कला बहेड़ी के नकुल चंद्र को दो मार्च 2016 को 60 हजार रुपये सालाना का आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। अगले महीने यानि कि 4 अप्रैल 2016 को उसी नाम पते पर 1.80 लाख रुपये सालाना का आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। जो कि लेखपाल और अधिकारियों की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री का कहना है कि किसी न किसी स्तर पर तो गड़बड़ी हुई है। या तो पहले जारी किया गया प्रमाणपत्र गलत है या फिर बाद में जारी किया गया प्रमाणपत्र। इसीलिए इस मामल में जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले में एडीएम (प्रशासन) अरुण कुमार का कहना है कि मंत्री के पत्र के आधार पर जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप है कि पहले नगरिया कला बहेड़ी के नकुल चंद्र को दो मार्च 2016 को 60 हजार रुपये सालाना का आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। अगले महीने यानि कि 4 अप्रैल 2016 को उसी नाम पते पर 1.80 लाख रुपये सालाना का आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। जो कि लेखपाल और अधिकारियों की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री का कहना है कि किसी न किसी स्तर पर तो गड़बड़ी हुई है। या तो पहले जारी किया गया प्रमाणपत्र गलत है या फिर बाद में जारी किया गया प्रमाणपत्र। इसीलिए इस मामल में जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले में एडीएम (प्रशासन) अरुण कुमार का कहना है कि मंत्री के पत्र के आधार पर जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी।
विज्ञापन