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पेड़ों की नीलामी खारिज होने के बाद हेराफेरी पड़ी महंगी
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बरेली। सरकारी जमीन पर लगे 337 यूकेलिप्टिस पेड़ों की अवैध तरह से नीलामी की गई। बाद में यह मामला पकड़ा गया तो राजस्व निरीक्षक बनवारी लाल ने इस फाइल में नीलामी स्वीकृति की जगह ‘अ’ बढ़ाकर उसे अस्वीकृत कर दिया गया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। इसके बाद एसडीएम मीरगंज रोहित यादव ने इस मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजने के साथ राजस्व निरीक्षक के खिलाफ निलंबन की संस्तुति भी कर दी है।
मीरगंज की ग्राम सभा फिरोजपुर में सरकारी जमीन पर 337 यूकेलिप्टिस पेड़ों की नीलामी होनी थी। वन विभाग ने इन पेड़ों का मूल्यांकन करीब 6.63 लाख रुपये आंका था। एसडीएम रोहित यादव ने इन पेड़ों की नीलामी कराने के लिए तहसीलदार राजेश कुमार को जिम्मेदारी सौंपी। 29 जनवरी को इसकी नीलामी भी करा दी गई। जबकि तहसीलदार ने यह बात एसडीएम को बताई ही नहीं कि इन पेड़ों की नीलामी का प्रस्ताव भूमि प्रबंधन समिति में छह माह से पहले का है। इससे यह नीलामी नियम विरुद्ध कराई गई है। लोगों से मिली शिकायत और इसकी तस्दीक के बाद एसडीएम ने इसकी जांच कराई तो मामला सही मिला। इस पर एसडीएम ने फरवरी में नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। नीलामी खारिज होने के बावजूद इसकी फाइल पर नीलामी स्वीकृत लिखा होना पाया गया। बाद में अपनी गर्दन बचाने के लिए इस फाइल पर स्वीकृत के आगे ‘अ’ शब्द जोड़कर इसे अस्वीकृत कर दिया गया। यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो न्यायालय ने इस प्रकरण में राजस्व निरीक्षक बनवारी लाल को इस हेराफेरी करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक बनवारी लाल को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
मामला गंभीर है। मैंने हाईकोर्ट के आदेश पर राजस्व निरीक्षक बनवारी लाल के खिलाफ निलंबन की संस्तुति डीएम को भेज दी है। -रोहित यादव, एसडीएम, मीरगंज
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मीरगंज की ग्राम सभा फिरोजपुर में सरकारी जमीन पर 337 यूकेलिप्टिस पेड़ों की नीलामी होनी थी। वन विभाग ने इन पेड़ों का मूल्यांकन करीब 6.63 लाख रुपये आंका था। एसडीएम रोहित यादव ने इन पेड़ों की नीलामी कराने के लिए तहसीलदार राजेश कुमार को जिम्मेदारी सौंपी। 29 जनवरी को इसकी नीलामी भी करा दी गई। जबकि तहसीलदार ने यह बात एसडीएम को बताई ही नहीं कि इन पेड़ों की नीलामी का प्रस्ताव भूमि प्रबंधन समिति में छह माह से पहले का है। इससे यह नीलामी नियम विरुद्ध कराई गई है। लोगों से मिली शिकायत और इसकी तस्दीक के बाद एसडीएम ने इसकी जांच कराई तो मामला सही मिला। इस पर एसडीएम ने फरवरी में नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। नीलामी खारिज होने के बावजूद इसकी फाइल पर नीलामी स्वीकृत लिखा होना पाया गया। बाद में अपनी गर्दन बचाने के लिए इस फाइल पर स्वीकृत के आगे ‘अ’ शब्द जोड़कर इसे अस्वीकृत कर दिया गया। यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो न्यायालय ने इस प्रकरण में राजस्व निरीक्षक बनवारी लाल को इस हेराफेरी करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक बनवारी लाल को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
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मामला गंभीर है। मैंने हाईकोर्ट के आदेश पर राजस्व निरीक्षक बनवारी लाल के खिलाफ निलंबन की संस्तुति डीएम को भेज दी है। -रोहित यादव, एसडीएम, मीरगंज