{"_id":"5dcee91a8ebc3e5504063be9","slug":"crime-in-pilibhit-bareilly-news-bly384208986","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले मारपीट कर घर से निकाला, फिर बोला-तलाक तलाक तलाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले मारपीट कर घर से निकाला, फिर बोला-तलाक तलाक तलाक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। मायके से दहेज में दो लाख रुपये और बाइक न देने की सजा पत्नी को तीन तलाक देकर मिली। शौहर ने पहले मारपीट कर पत्नी को घर से निकाला और जब वह मायके में आकर रहने लगी तो 17 अगस्त को उसे तलाक दे दिया। परेवा वैश्य गांव निवासी शमा बी पुत्री मोहम्मद उमर की तहरीर पर जहानाबाद पुलिस ने बृहस्पतिवार रात घरेलू हिंसा, मारपीट, धमकाने, दहेज अधिनियम और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अध्यादेश में एफआईआर दर्ज कराई।
पीड़ित शमा बी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी शादी 12 मई 2018 को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले कम दहेज लाने की बात कहकर तंज कसने लगे। दो लाख रुपये, बाइक और एलईडी की मांग शुरू कर दी गई। पीड़िता ने जब इसको पूरा करने में असमर्थता जताई तो उसको प्रताड़ित किया जाने लगा। आए दिन मारपीट की जाती थी। परिवार की इज्जत की खातिर वह सब चुपचाप सहती रही। अगस्त में ससुराल वालों ने मारपीट कर पहने हुए कपड़ों में घर से निकाल दिया। वह मायके आकर रहने लगी। 17 अगस्त 2019 को ससुराल वाले मायके आए। यहां वह दहेज में दो लाख और बाइक देने का दबाव बनाने लगे। मांग पूरी करने में असमर्थता जताई। इस पर उसके पति ने उसे तीन बार तलाक बोल दिया। इसके बाद भी उसके परिवार वाले सुलह का प्रयास करते रहे, लेकिन ससुराल वालों ने एक नहीं सुनी। तब मामले की शिकायत पुलिस से की गई। मामले में उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के गदरपुर वार्ड नंबर आठ निवासी पति जरीफ, जेठ शरीफ, सास हरियाली बेगम, ससुर सईद खां, जेठानी फिजा को आरोपी बनाया है। इंस्पेक्टर उमेश कुमार सोलंकी ने बताया कि विवेचना कर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी आ चुके हैं तीन तलाक के मामले
केस एक
कोतवाली पुलिस ने दस दिन पूर्व चंदोई गांव के यासमीन की तरफ से तीन तलाक की रिपोर्ट दर्ज की थी। उनका आरोप था कि उनकी बेटी शमरीन को 30 अक्तूबर को दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके ससुराल वालों ने मारा-पीटा। इसके बाद पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया था। इस मामले में पति समेत छह आरोपी बनाए गए थे।
विज्ञापन
केस दो
मोहल्ला अशरफ खां निवासी डॉ.उजमा खान की ओर से एसपी के आदेश पर कोतवाली में अक्तूबर माह में तीन तलाक की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें पति फर्रूखाबाद के मोहल्ला सरायबाग कॉलोनी घेर शामू खां निवासी डॉ.मोहम्मद रिजवान खां को आरोपी बनाया था। पीड़िता ने बताया था कि पति से अनबन के बाद जब वह बेटी संग मायके रहने लगी तो पति ने 19 अगस्त 2015 को डाक से पत्र भेजकर तीन तलाक दे दिया था।
विज्ञापन
पीड़ित शमा बी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी शादी 12 मई 2018 को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले कम दहेज लाने की बात कहकर तंज कसने लगे। दो लाख रुपये, बाइक और एलईडी की मांग शुरू कर दी गई। पीड़िता ने जब इसको पूरा करने में असमर्थता जताई तो उसको प्रताड़ित किया जाने लगा। आए दिन मारपीट की जाती थी। परिवार की इज्जत की खातिर वह सब चुपचाप सहती रही। अगस्त में ससुराल वालों ने मारपीट कर पहने हुए कपड़ों में घर से निकाल दिया। वह मायके आकर रहने लगी। 17 अगस्त 2019 को ससुराल वाले मायके आए। यहां वह दहेज में दो लाख और बाइक देने का दबाव बनाने लगे। मांग पूरी करने में असमर्थता जताई। इस पर उसके पति ने उसे तीन बार तलाक बोल दिया। इसके बाद भी उसके परिवार वाले सुलह का प्रयास करते रहे, लेकिन ससुराल वालों ने एक नहीं सुनी। तब मामले की शिकायत पुलिस से की गई। मामले में उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के गदरपुर वार्ड नंबर आठ निवासी पति जरीफ, जेठ शरीफ, सास हरियाली बेगम, ससुर सईद खां, जेठानी फिजा को आरोपी बनाया है। इंस्पेक्टर उमेश कुमार सोलंकी ने बताया कि विवेचना कर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पहले भी आ चुके हैं तीन तलाक के मामले
केस एक
कोतवाली पुलिस ने दस दिन पूर्व चंदोई गांव के यासमीन की तरफ से तीन तलाक की रिपोर्ट दर्ज की थी। उनका आरोप था कि उनकी बेटी शमरीन को 30 अक्तूबर को दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके ससुराल वालों ने मारा-पीटा। इसके बाद पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया था। इस मामले में पति समेत छह आरोपी बनाए गए थे।
विज्ञापन
केस दो
मोहल्ला अशरफ खां निवासी डॉ.उजमा खान की ओर से एसपी के आदेश पर कोतवाली में अक्तूबर माह में तीन तलाक की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें पति फर्रूखाबाद के मोहल्ला सरायबाग कॉलोनी घेर शामू खां निवासी डॉ.मोहम्मद रिजवान खां को आरोपी बनाया था। पीड़िता ने बताया था कि पति से अनबन के बाद जब वह बेटी संग मायके रहने लगी तो पति ने 19 अगस्त 2015 को डाक से पत्र भेजकर तीन तलाक दे दिया था।