{"_id":"58a8ac234f1c1b931ad85d47","slug":"counsel-participated-in-the-war-in-nawabganj-gangwaron","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवाबगंज में गंगवारों की जंग में कूदे वकील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवाबगंज में गंगवारों की जंग में कूदे वकील
बरेली।
Updated Sun, 19 Feb 2017 01:48 AM IST
विज्ञापन
नवाबगंज में गंगवारों की जंग में कूदे वकील
- फोटो : Counsel participated in the war in Nawabganj Gangwaron
मतदान से एक दिन पहले सपा और भाजपा प्रत्याशी के बीच हुए टकराव में एक वकील और उसके साथी की पिटाई के विरोध में शनिवार को वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया। विधायक भगवत सरन के समर्थक व्यापारी नेता की जमानत अर्जी दाखिल नहीं होने देने पर सपाइयों और वकीलों के बीच टकराव की स्थिति भी बन गई। तनाव को देखते हुए कोर्ट के बाहर कई थानों की पुलिस तैनात रही।
आरोप है कि केसर सिंह और भगवत सरन के झगड़े में भाजपा प्रत्याशी समर्थक जयनगर के तेजपाल गंगवार और वकील महेंद्र गंगवार पर भी हमला किया गया था। उनकी कार भी तोड़ी गई थी। इस मामले में भगवत के कई समर्थकों के साथ ही 50-60 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मतदान वाले दिन ही भगवत समर्थक व्यापारी नेता गोपाल गुप्ता को हिरासत में लेने के बाद जेल भेज दिया। व्यापारी नेता को जेल भेजे जाने पर विधायक भगवत सरन की कोतवाल के साथ ही पुलिस के उच्च-अधिकारियों से वार्ता भी हुई इसके बाद भी पुलिस ने मामला वापस नहीं लिया । इस बीच, हमलावरों की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ता संघ ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। कार्य बहिष्कार के कारण शनिवार को व्यापारी नेता का जमानती प्रार्थना-पत्र कोर्ट में दाखिल करने में भी अड़चन आ रही थी लेकिन इस विरोध के बावजूद भगवत सरन समर्थक वकील शारिक खान ने जमानती प्रार्थना पत्र तो दाखिल कर दिया लेकिन वकीलों के विरोध के कारण पैरवी करने कोर्ट में नहीं पहुंचे। इसके बाद व्यापारी नेता की ओर से बरेली के वकील डिंपल गंगवार जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करने पहुंचे तो स्थानीय वकीलों ने उनका विरोध कर प्रार्थना-पत्र नहीं प्रस्तुत करने दिया। इसके बाद सपाई गुस्सा हो गए। नवाबगंज एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल गंगवार ने धमकी मिलने की बात वकीलों को बताई तो इस पर सपाइयों से कहासुनी भी हो गई। इसके बाद क्योलड़िया, भोजीपुरा, हाफिजगंज और शीशगढ़ थानों से पुलिस बुलाकर सीओ रमन पाल भी पहुंच गए। एसपी देहात कोतवाली में ही जमे रहे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष शिशुपाल गंगवार, पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीनरायन गंगवार, सुधाकर लाल रस्तोगी, रमेश आर्या, हेमेंद्र गंगवार, ताहिर अंसारी, सुरेश पटेल, मो. उमर अंसारी और यतेंद्र पाल आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
आरोप है कि केसर सिंह और भगवत सरन के झगड़े में भाजपा प्रत्याशी समर्थक जयनगर के तेजपाल गंगवार और वकील महेंद्र गंगवार पर भी हमला किया गया था। उनकी कार भी तोड़ी गई थी। इस मामले में भगवत के कई समर्थकों के साथ ही 50-60 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मतदान वाले दिन ही भगवत समर्थक व्यापारी नेता गोपाल गुप्ता को हिरासत में लेने के बाद जेल भेज दिया। व्यापारी नेता को जेल भेजे जाने पर विधायक भगवत सरन की कोतवाल के साथ ही पुलिस के उच्च-अधिकारियों से वार्ता भी हुई इसके बाद भी पुलिस ने मामला वापस नहीं लिया । इस बीच, हमलावरों की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ता संघ ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। कार्य बहिष्कार के कारण शनिवार को व्यापारी नेता का जमानती प्रार्थना-पत्र कोर्ट में दाखिल करने में भी अड़चन आ रही थी लेकिन इस विरोध के बावजूद भगवत सरन समर्थक वकील शारिक खान ने जमानती प्रार्थना पत्र तो दाखिल कर दिया लेकिन वकीलों के विरोध के कारण पैरवी करने कोर्ट में नहीं पहुंचे। इसके बाद व्यापारी नेता की ओर से बरेली के वकील डिंपल गंगवार जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करने पहुंचे तो स्थानीय वकीलों ने उनका विरोध कर प्रार्थना-पत्र नहीं प्रस्तुत करने दिया। इसके बाद सपाई गुस्सा हो गए। नवाबगंज एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल गंगवार ने धमकी मिलने की बात वकीलों को बताई तो इस पर सपाइयों से कहासुनी भी हो गई। इसके बाद क्योलड़िया, भोजीपुरा, हाफिजगंज और शीशगढ़ थानों से पुलिस बुलाकर सीओ रमन पाल भी पहुंच गए। एसपी देहात कोतवाली में ही जमे रहे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष शिशुपाल गंगवार, पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीनरायन गंगवार, सुधाकर लाल रस्तोगी, रमेश आर्या, हेमेंद्र गंगवार, ताहिर अंसारी, सुरेश पटेल, मो. उमर अंसारी और यतेंद्र पाल आदि शामिल रहे।
विज्ञापन