UP Nikay Chunav: बरेली में उमेश-तोमर में आमने-सामने की टक्कर, बसपा-कांग्रेस ने भी भरा दम; चुनाव नतीजे आज
बरेली नगर निगम में पिछले चुनाव की अपेक्षा चार फीसदी मतदान घटा है। घटे वोट पर राजनीतिक दलों के चुनावी पंडित तमाम गणित फिट कर रहे हैं। वहीं प्रत्याशी भी अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन जनता ने किसे चुना है, यह आज मतगणना के बाद ही पता चल जाएगा।
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बरेली में पहले मतदान, फिर जलपान संकल्प का असर नगर निगम क्षेत्र में मतदाताओं पर दिखाई नहीं दिया। सिर्फ 40.99 फीसदी मतदान हुआ है। कोई भी राजनीतिक दल इसे अपना नुकसान नहीं बता रहा, सभी जीत के दावे कर रहे हैं। शहर के पॉश इलाकों में कमल खिलता दिखाई दिया तो पुराना शहर में सपा समर्थित प्रत्याशी की जीप फर्राटा भरती नजर आई। बसपा ने एक-दो वार्ड में दमदारी दिखाई तो कांग्रेस भी हर वार्ड अपनी छाप छोड़ती रही।
शहर के साहूकारा, जकाती मोहल्ला, राजेंद्र नगर, सूरजभान, मॉडल टाउन, इंदिरानगर और सुभाषनगर व रामपुर बाग में भाजपा प्रत्याशी एकतरफा दौड़ते नजर आए। यहां सपा समर्थित प्रत्याशी के हिस्से में कुल पड़े वोट का करीब दस फीसदी वोट जाता रहा, मगर बसपा और कांग्रेस यहां से कुछ खास वोट नहीं ले पाए। प्रेमनगर इलाके को भी भाजपा का गढ़ का माना जा रहा है, मगर कुछ बूथों पर सपा समर्थित प्रत्याशी ने सेंध लगाई है।
मुस्लिम मतदाताओं की खामोशी से सब बैचेन: किस सिर सजेगा जीत का ताज, राजनीतिक पंडित भी नहीं भांप पा रहे माहौल
सपा के रणनीतिकारों का कहना है कि सुभाषनगर और प्रेमनगर इलाकों में पार्षदों के टिकट बदलने से सपा ने वहां सेंधमारी की है। हालांकि वे यह भी मान रहे हैं कि इन इलाकों में वोट भाजपा को ही अधिक मिलेगा। वहीं सपा समर्थित प्रत्याशी डॉ. आईएस तोमर ने पुराना शहर, जगतपुर, सैलानी, शाहदाना, वुडरो स्कूल में बनाए गए बूथ और किला, एजाज नगर गौटिया, जोगी नवादा, मीरा की पैठ, जखीरा, इंग्लिशगंज, कुंवरपुर का आधा हिस्सा व बीबी जी मस्जिद के आसपास के क्षेत्र में एकतरफा बढ़त बनाई। यहां इनके आसपास दूसरे दल नहीं दिखाई दिए।
सबके अपने-अपने दावे
सपा के रणनीतिकारों का यह भी दावा रहा है कि जो वोट प्रतिशत घटा है, वह मुस्लिम इलाकों में नहीं घटा है और उन्हें इसका पूरा फायदा मिला है। दूसरी ओर बसपा प्रत्याशी ने जाटवपुरा और ब्रह्मपुरा में सबसे अधिक वोट हासिल किए। यहां दूसरे दल आसपास नहीं दिखाई दिए। कांग्रेस मढ़ीनाथ में बेहतर करती दिखाई दी, मगर किसी खास बिरादरी पर पकड़ न होने से किसी भी वार्ड में एक तरफा मुकाबला करते नहीं दिखाई दी। हालांकि कांग्रेसियों का दावा है कि उन्हें हर बूथ से वोट मिले हैं।
सपा के राजनीतिक पंडितों ने दावा किया कि तीन लाख 47 हजार वोटों में सपा समर्थित प्रत्याशी को करीब एक लाख 60 हजार वोट मिलेंगे और भाजपा के प्रत्याशी को एक लाख 40 हजार वोट मिलेंगे। बाकी 47 हजार वोटों में बसपा, कांग्रेस और बाकी सभी रहेंगे। भाजपा रणनीतिकारों ने कहा कि उन्होंने एक-एक बूथ की गिनती की है और उनके प्रत्याशी को इस बार करीब एक लाख 80 हजार वोट मिलेंगे जबकि सपा समर्थित प्रत्याशी एक लाख का आंकड़ा भी नहीं छू पाएंगे।
पाठकों को बता दें कि ये सभी दावे और कयास हैं। अभी असल तस्वीर साफ होना बाकी है। उसके लिए 13 मई का इंतजार करना होगा और वोटों की गिनती ही प्रत्याशियों का भविष्य तय करेगी।