{"_id":"615209078ebc3efb8958f627","slug":"bharat-bandh-double-police-force-to-stop-farmers-bareilly-news-bly4609875197","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत बंद : किसानों को रोकने के लिए दोगुना पुलिस फोर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत बंद : किसानों को रोकने के लिए दोगुना पुलिस फोर्स
सार
दामोदर स्वरूप पार्क में जोरदार प्रदर्शन पर बाहर निकलकर बाजार बंद कराने में कामयाब नहीं हो पाए किसान
विज्ञापन
किसानों की बात सुनते पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफसरों से हुई कई बार झड़प, जमकर नारेबाजी की
विज्ञापन
बरेली। किसान संगठनों के भारत बंद के आह्वान पर सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में इकट्ठे हुए किसानों की तादाद से दोगुना पुलिस फोर्स तैनात करने के बावजूद उन्हें रोकने में अफसरों को जमकर जद्दोजहद करनी पड़ी। हुई। बाजार बंद कराने के लिए शहर में निकलने की कोशिश कर रहे किसानों को घेराबंदी कर बाहर नहीं निकलने दिया गया। इस बीच किसानों और अफसरों की कई बार झड़प भी हुई। बाजार का माहौल सामान्य रहा।
किसानों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। यहां से वे जुलूस की शक्ल में निकलकर बाजार बंद कराना चाहते थे लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें पार्क से बाहर नहीं निकलने दिया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए कई पार्क से बाहर निकलने का प्रयास किया मगर भारी पुलिस बल के सामने अड़ जाने की वजह से इसमें कामयाब नहीं हो सके। पुलिस की सख्ती को लेकर किसानों ने गुस्सा भी जताया। अफसरों से भी उनकी कई बार झड़पें भी हुई।
किसान ज्यादा उग्र हुए तो सिटी मजिस्ट्रेट के साथ एसडीएम सदर और सीओ फर्स्ट श्वेता यादव भी पहुंच गईं। देर तक किसानों को समझाने की कोशिश चलती रही। वक्त गुजरने के साथ किसानों का जोश कम होता गया, आखिरकार पार्क में ही उन्होंने प्रदर्शन खत्म कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बता दें कि सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में किसानों के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने पहले से तैयारी कर रखी थी। सुबह से ही पार्क के बाहर भारी पुलिस बल ने डेरा डाल लिया। पार्क में इकट्ठे हुए किसानों को रोकने के लिए उनसे करीब दोगुना पुलिस बल बाहर इकट्ठा था। इसी वजह से कई बार कोशिश करने के बावजूद किसान पार्क से निकलने में कामयाब नहीं हो पाए।
विज्ञापन
किसान एकता संघ के डॉ. रवि नागर ने कहा कि देशभर के किसान दस महीनों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, इसके बावजूद सरकार उनकी जायज मांगों पर सहमत नहीं हो रही है। सरकार जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। प्रदर्शन में किसानों के साथ मजदूर संगठन के लोग भी शामिल हुए।
किसानों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। यहां से वे जुलूस की शक्ल में निकलकर बाजार बंद कराना चाहते थे लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें पार्क से बाहर नहीं निकलने दिया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए कई पार्क से बाहर निकलने का प्रयास किया मगर भारी पुलिस बल के सामने अड़ जाने की वजह से इसमें कामयाब नहीं हो सके। पुलिस की सख्ती को लेकर किसानों ने गुस्सा भी जताया। अफसरों से भी उनकी कई बार झड़पें भी हुई।
विज्ञापन
किसान ज्यादा उग्र हुए तो सिटी मजिस्ट्रेट के साथ एसडीएम सदर और सीओ फर्स्ट श्वेता यादव भी पहुंच गईं। देर तक किसानों को समझाने की कोशिश चलती रही। वक्त गुजरने के साथ किसानों का जोश कम होता गया, आखिरकार पार्क में ही उन्होंने प्रदर्शन खत्म कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बता दें कि सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में किसानों के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने पहले से तैयारी कर रखी थी। सुबह से ही पार्क के बाहर भारी पुलिस बल ने डेरा डाल लिया। पार्क में इकट्ठे हुए किसानों को रोकने के लिए उनसे करीब दोगुना पुलिस बल बाहर इकट्ठा था। इसी वजह से कई बार कोशिश करने के बावजूद किसान पार्क से निकलने में कामयाब नहीं हो पाए।
विज्ञापन
किसान एकता संघ के डॉ. रवि नागर ने कहा कि देशभर के किसान दस महीनों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, इसके बावजूद सरकार उनकी जायज मांगों पर सहमत नहीं हो रही है। सरकार जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। प्रदर्शन में किसानों के साथ मजदूर संगठन के लोग भी शामिल हुए।