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बरेली, मुरादाबाद व लखनऊ मंडल बनेंगे डेयरी हब : धर्मपाल
Fri, 21 Aug 2026 01:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 21 Aug 2026 01:02 AM IST
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बरेली। बरेली, मुरादाबाद व लखनऊ मंडल को प्रदेश के प्रमुख डेयरी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार दूध उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन व डेयरी उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। युवाओं-महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ये बातें पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहीं।
वह बृहस्पतिवार को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित डेयरी कान्क्लेव- स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का उद्देश्य नंद बाबा दुग्ध मिशन, दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 की जानकारी देने के साथ डेयरी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना रहा।
अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गोपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के संबंध में संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के ने बताया कि इन तीन मंडलों में नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत 2200 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 1200 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जा चुकी है। दुग्ध नीति के तहत 1100 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत तीनों मंडलों में 6947 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं, जिनसे 11 हजार रोजगार सृजित होंगे।
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मंडलायुक्त शंभू कुमार व जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्थानीय तैयारियों व उपलब्धियों की जानकारी दी। विभिन्न संस्थाओं ने स्टॉल लगाकर उत्पादों व तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसमें तीनों मंडलों के 1500 से अधिक किसान, पशुपालक, उद्यमी व निवेशक शामिल हुए। इस मौके वित्त नियंत्रक अरविंद कुमार सिंह, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी एपी सिंह, इंद्रभूषण सिंह, नत्थू सिंह आदि मौजूद रहे।
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वह बृहस्पतिवार को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित डेयरी कान्क्लेव- स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का उद्देश्य नंद बाबा दुग्ध मिशन, दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 की जानकारी देने के साथ डेयरी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना रहा।
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अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गोपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के संबंध में संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के ने बताया कि इन तीन मंडलों में नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत 2200 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 1200 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जा चुकी है। दुग्ध नीति के तहत 1100 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत तीनों मंडलों में 6947 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं, जिनसे 11 हजार रोजगार सृजित होंगे।
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मंडलायुक्त शंभू कुमार व जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्थानीय तैयारियों व उपलब्धियों की जानकारी दी। विभिन्न संस्थाओं ने स्टॉल लगाकर उत्पादों व तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसमें तीनों मंडलों के 1500 से अधिक किसान, पशुपालक, उद्यमी व निवेशक शामिल हुए। इस मौके वित्त नियंत्रक अरविंद कुमार सिंह, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी एपी सिंह, इंद्रभूषण सिंह, नत्थू सिंह आदि मौजूद रहे।