UP: अमृत काल में भी नहीं बदलेगी बरेली जंक्शन की काया, योजना में इज्जतनगर मंडल के ये स्टेशन शामिल
इज्जतनगर डीआरएम रेखा यादव और मुरादाबाद डीआरएम आरके सिंह ने अमृत भारत योजना में शामिल किए गए स्टेशनों की सूची जारी की। इसमें बरेली जंक्शन का नाम नहीं है।
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आजादी के अमृत काल में बरेली जंक्शन की काया नहीं बदलेगी। दरअसल अमृत भारत योजना के तहत विकसित किए जाने वाले रेलवे स्टेशनों में बरेली जंक्शन को जगह नहीं मिली है। उत्तर रेलवे मुरादाबाद रेल मंडल के 13 और पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर रेल मंडल के 17 स्टेशनों को योजना में शामिल गया है। छह अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन स्टेशनों के कायाकल्प के लिए शिलान्यास करेंगे।
शुक्रवार को इज्जतनगर डीआरएम रेखा यादव और मुरादाबाद डीआरएम आरके सिंह ने अमृत भारत योजना में शामिल किए गए स्टेशनों की सूची जारी की। इसमें बरेली जंक्शन का नाम नहीं है। ऐसे में लोगों को जंक्शन पर यात्री सुविधाओं की बेहतरी और आधुनिकीकरण के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
रोजाना गुजरती हैं 90 ट्रेनें
बरेली जंक्शन से रोजाना अप-डाउन में औसतन 90 ट्रेनें गुजरती हैं। प्रतिदिन 30-35 हजार यात्रियों का आना-जाना रहता है। ग्रेड-ए प्लस की श्रेणी में शामिल जंक्शन पर ट्रेनों और यात्रियों की संख्या के अनुपात में सुविधाएं नहीं हैं। प्लेटफार्म नंबर एक और दो को छोड़ दें तो अन्य सभी पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। उम्मीद थी कि अमृत भारत योजना के तहत जंक्शन का भी कायाकल्प किया जाएगा। बरेली जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर एक से चार तक उत्तर और प्लेटफार्म नंबर पांच-छह पूर्वोत्तर रेलवे के हैं।
इज्जतनगर मंडल के इन स्टेशनों की बदलेगी सूरत
8अमृत भारत योजना में बरेली सिटी, कासगंज, फर्रुखाबाद और लालकुआं के अलावा इज्जतनगर, बदायूं, बहेड़ी, उझानी, किच्छा, हल्द्वानी, काशीपुर, हाथरस सिटी, टनकपुर, रामनगर, काठगोदाम, पीलीभीत, पंतनगर को शामिल किया गया है।
अमृत भारत योजना में ये होंगे काम
अमृत भारत स्टेशन योजना में सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, प्रसाधन, लिफ्ट/एस्केलेटर, चौड़े फुट ओवरब्रिज, बेहतर पार्किंग सुविधाओं का विकास किया जाएगा। भवनों का पर्यावरण के अनुकूल निर्माण किया जाएगा। ऊर्जा संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा प्लांट विकसित किए जाएंगे। अमृत भारत योजना में चयनित स्टेशनों पर आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम कराए जाएंगे। बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, एग्जीक्यूटिव लाउन्ज और अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप साइनेज की व्यवस्था की जाएगी।
इस कारण चूका बरेली
दरअसल बरेली जंक्शन दो मंडलों के बीच फंसा होने की वजह से खामियाजा भुगतता है। प्लेटफार्म नंबर एक से चार तक मुरादाबाद और पांच-छह इज्जतनगर रेल मंडल के अधीन आते हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस वजह से यहां विकास कार्यों के लिए पैरवी ठीक से नहीं हो पाती। जंक्शन पर यात्री सुविधाओं के विकास और आधुनिकीकरण के लिए प्रस्ताव तो भेजे गए लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा। प्लेटफार्म नंबर दो के उच्चीकरण का प्रस्ताव एक साल से फंसा है।
अलग से तय होगी कार्य योजना
अधिकारियों का कहना है कि बड़े रेलवे स्टेशनों के लिए अलग से कार्य योजना तैयार की जाएगी। पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल देश के कुल 508 स्टेशनों को ही अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है।
मुरादाबाद मंडल के ये स्टेशन शामिल
रामपुर, शाहजहांपुर, नजीबाबाद, अमरोहा, हापुड़, हर्रावाला, रुड़की, चंदौसी, सहारनपुर, हरदोई, नगीना, गजरौला, बिजनौर स्टेशनों की सूची की।