फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bareilly College Student elections will not

बरेली कॉलेज में नहीं होंगे छात्रसंघ चुनाव

Sat, 08 Oct 2016 01:36 AM IST
बरेली, ब्यूरो
बरेली, ब्यूरो Updated Sat, 08 Oct 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
तीन महीने की उठापठक के बाद बरेली कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव इस बार भी टाल दिए गए। शुक्रवार को हुई चुनाव संचालन समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लिंगदोह की संस्तुति के अनुसार चुनाव कराने का वक्त निकल चुका है। शासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अगर चुनाव में लिंगदोह की संस्तुति का उल्लघंन हुआ तो संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, अगर कार्रवाई हुई तो जिम्मेदारी कौन लेगा।  हालांकि चुनाव संचालन समिति ने हाईकोर्ट के वकील से विधिक राय लेने का भी एलान किया। 
विज्ञापन

 शुक्रवार को हुई बैठक में 30 में से 23 सदस्यों ने ही भाग लिया।  बैठक के दौरान ही रोहित यादव, रवि गोला, आकाश समेत कई छात्रनेता पहुंचे और निर्णय जानना चाहा। चुनाव अधिकारी और समिति के अधिकतर सदस्य जानते थे कि एकदम चुनाव से मना कर दिया तो हंगामा हो जाएगा इसलिए चुनाव संचालन समिति ने खुद को बचाते हुए चुनाव कराने का निर्णय नहीं लिया। हालांकि छात्रों को लालीपॉप देने के लिए हाईकोर्ट के वकील से विधिक राय लेने का फैसला लिया गया। वहीं समिति के अधिकतर सदस्यों ने इसका जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन को ही ठहराया। उनका कहना था कि सभी जानते हैं कि चुनाव लिंगदोह की संस्तुति पर ही होने हैं तो निर्णय लेने में इतना वक्त क्यों लिया गया। समिति का कार्य चुनाव कराना है न कि चुनाव होंगे या नहीं इसका फैसला लेना। अध्यक्षता चुनाव अधिकारी डॉ. अजय शर्मा ने की। बैठक में डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. वीपी सिंह, चीफ प्रॉक्टर डॉ. एसपी सिंह, डीएसडब्ल्यू डॉ. पीके अग्रवाल आदि सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन


अपनी जिम्मेदारी से बच रहा कॉलेज प्रशासन 
छात्रसंघ चुनाव कराने में कॉलेज प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है। चुनाव अधिकारी बनने के बाद डॉ. अजय शर्मा ने 19 सितंबर को चुनाव संचालन समिति बनाने की सूचना प्राचार्य को दी। 21 सितंबर को चुनाव संचालन की बैठक बुलाई गई पर प्राचार्य ने बैठक टाल दी। इसके बाद तीन अक्तूबर को बैठक बुलाई गई तो प्राचार्य ने इसको भी टाल दिया। शुक्रवार को हुई बैठक में भी प्राचार्य नहीं आए। समिति के अधिकतर सदस्यों का कहना था कि कॉलेज प्रशासन दूसरों के कंधे पर रखकर बंदूक चलाना चाहते हैं। सदस्यों ने साफ कह दिया कि वे बलि का बकरा वो क्यों बने। चुनाव का निर्णय कॉलेज प्रशासन ले। समिति तो यह तय करेगी कि चुनाव कब और कैसे कराए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 बैठक में खास-खास
-लिंगदोह की संस्तुति के अनुसार शैक्षिक सत्र के 6-8 सप्ताह के भीतर चुनाव होने चाहिए जो कि समय पूरा हो चुका है।
-2003 में हुए चुनाव में विश्वविद्यालय ने गाइडलाइन जारी की थी। इस बार ऐसा नहीं हुआ।
-चुनाव संचालन समिति की जिम्मेदारी है कि चुनाव कैसे कराए जाएंगे न कि चुनाव होने चाहिए या नहीं। यह निर्णय कॉलेज प्रशासन लेगा। 
 -लिंगदोह की संस्तुति का उल्लघंन कर चुनाव कराए तो अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
-हाईकोर्ट के वकील से विधिक राय लेने पर बनी सहमति। 

कोट
चुनाव संचालन समिति की बैठक में क्या निर्णय हुआ इसकी जानकारी अभी मेरे पास नहीं आई है। समिति का निर्णय आने के बाद ही मैं कोई निर्णय लूंगा। 
-डॉ. सोमेश यादव, प्राचार्य बरेली कॉलेज

चुनाव संचालन समिति की बैठक में 30 में से 23 सदस्य उपस्थित हुए। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लिंगदोह की संस्तुति के अनुसार चुनाव का वक्त निकल चुका है इसलिए चुनाव नहीं करा सकते। हालांकि इन परिस्थितियों में क्या निर्णय लिया जाना चाहिए इसके लिए हाईकोर्ट के वकील से विधिक राय ली जाएगी। इसकी अनुमति प्राचार्य से मांगी है।  
-डॉ. अजय शर्मा, चुनाव अधिकारी 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed