UP: बरेली में तीन बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर बनवाए पासपोर्ट, विदेश यात्राएं भी कीं
बरेली में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले में अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला ने फर्जीवाड़ा कर दो पासपोर्ट बनवा लिए। इतना ही नहीं, इस पासपोर्ट से उसने विदेशी यात्राएं भी कीं। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने महिला और उसकी दो बहनों को गिरफ्तार कर लिया है।
विस्तार
बरेली में बांग्लादेशी नागरिक मुनारा बी ने शहर के मौलानगर में रहकर दो फर्जी पासपोर्ट हासिल किए और कई विदेशी यात्रा भी कर लीं। वह कई बार बांग्लादेश, दुबई और अन्य खाड़ी देशों में गई। महिला को पकड़ने के बाद उसकी दो बहनें हाफिजगंज से हिरासत में ली गईं। तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखी गई है। अधिकारी और एजेंसियों के लोग प्रेमनगर थाने में इनसे पूछताछ कर रही हैं। जासूसी की आशंका पर भी जांच की जा रही है।
बानखाना चौकी प्रभारी वीरेश भारद्वाज ने प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मौलानगर की बिलाल मस्जिद के पास रहने वाली मुनारा बी बांग्लादेश की नागरिक है। मुनारा बी का परिवार बांग्लादेश के जिला जेस्सोर खुलना में रहता है। आरोप है कि मुनारा बी अवैध रूप से भारत आई और फर्जी प्रपत्र बनवा लिए। फर्जी प्रपत्र के जरिये 2011 में भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया। एक साल बाद 2012 में मुनारा ने अपनी बहन सायरा बानो के नाम से एक और फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। इस पासपोर्ट पर फोटो मुनारा का ही है जबकि नाम, पता व अन्य जानकारी उसकी बहन सायरा बानो की है।
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कई बार विदेश यात्रा की
दरोगा ने दर्ज कराया कि सायरा बानो के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर 2012 से 2024 तक मुनारा ने विदेश की कई हवाई यात्राएं कीं। वैधता समाप्त होने पर फर्जी पासपोर्ट को कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से बनवाया गया। प्रेमनगर पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि धोखाधड़ी और कूटरचना में मुनारा बी का साथ उसकी बहनों का हाथ है।
सायरा बानो और तस्लीमा नाम की दोनों बहनें थाना हाफिजगंज के मोहल्ला कस्बा बाजार की निवासी हैं। तीनों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। तीनों बहनों को हिरासत में लेकर महिला थाने के एक कक्ष में पूछताछ की जा रही है। जिला पुलिस के अधिकारी व एजेंसियों के जिम्मेदार मामले में पूछताछ कर रहे हैं।
फर्जी प्रपत्रों के जरिये बदली पहचान...अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि बांग्लादेशी नागरिक मुनारा बी ने फर्जी तरीके से भारतीय प्रपत्र हासिल कर लिए। इन्हीं प्रपत्रों के जरिये उसने पहचान बदली और भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। साथ ही उसे भारतीय नागरिकता भी मिल गई। पिछले दिनों सीबीगंज, अलीगंज, इज्जतनगर और भोजीपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी प्रपत्र बनाने वाले रैकेट पकड़े गए थे। रैकेट में शामिल लोग फर्जी आधार व जन्म आदि प्रमाणपत्र मोटी रकम लेकर बनाते थे। जब से एसएसपी अनुराग आर्य ने घुसपैठियों को चिह्नित करने का अभियान चलाया, तब से कई जगह फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह पकड़े गए थे।
अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाते हुए अंदेशा जताया था कि इसी तरह के गिरोह संदिग्धों को फर्जी नागरिकता के लिए पहचान देने लायक प्रमाणपत्र दे सकते हैं। मुनारा ने 2011 में ही फर्जी दस्तावेजों से पहचान बदल ली थी। वर्तमान में भी फर्जी दस्तावेज बनाने का खेल चल रहा है। ऐसे में आशंका है कि अन्य घुसपैठियों ने भी पहचान बदली होगी। इसलिए फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उसमें दस्तावेज हासिल करने वालों की जांच की जा रही है। पहचान बदलने वाले संदिग्धों के बारे में आम नागरिक भी पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा कि शहर निवासी महिला मुनारा बी की बांग्लादेशी पहचाग्का मामला सामने आया है, उसकी हाफिजगंज निवासी दो बहनों के प्रमाणपत्रों की सत्यता को लेकर भी संदेह है। इस मामले में प्रारंभिक जानकारी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्दी ही सच्चाई सामने आ जाएगी जिसका खुलासा किया जाएगा।