लोकसभा चुनाव: बदायूं में सपा विधायक की पत्नी और बहन भाजपा में शामिल, इन नेताओं ने भी ली सदस्यता
बदायूं में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। सपा से बगावत कर राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट करने वाले बिसौली के सपा विधायक आशुतोष मौर्य की पत्नी और बहन भाजपा में शामिल हो गई हैं। जिले के कुछ अन्य नेता भी भाजपा में शामिल हुए हैं।
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बदायूं के बिसौली से सपा विधायक आशुतोष मौर्य ने राज्यसभा के चुनाव में क्रॉस वोटिंग करते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। अब लोकसभा चुनाव के दौरान आशुतोष मौर्य की पत्नी बिल्सी नगर पालिका परिषद की पूर्व अध्यक्ष सुषमा मौर्य और बहन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा ने लखनऊ में शनिवार को भाजपा का दामन थाम लिया। सपा के लिए यह बड़ा झटका है। भाजपाई उपलब्धि मान रहे हैं।
सपा के विधायक आशुतोष मौर्य की सक्रियता अभी सपा उम्मीदवार के पक्ष में बदायूं संसदीय क्षेत्र में कहीं नहीं दिख रही है। बिसौली क्षेत्र में सपा के दिग्गज नेता और उम्मीदवार शिवपाल सिंह यादव और पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव के साथ उन्होंने चुनावी मंच भी साझा नहीं किया। सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने उन्हें फोन किया तो भी वह नहीं पहुंचे। खुद को बाहर बताकर टाल दिया। उनकी पत्नी और बहन का भाजपा में शामिल होना सियासी मायने में अहम हैं।
बिसौली में राजनीतिक मिजाज में आए बदलाव से सपा के लिए चुनौती बढ़ेगी। लखनऊ में जिस समय आशुतोष मौर्य की पत्नी और बहन भाजपा में शामिल हुईं उसी समय बिसौली में सपा के विधायक रहे योगेंद्र गर्ग उर्फ कुन्नू बाबू के बेटा आशीष गर्ग, सपा की बिसौली विधानसभा क्षेत्र ईकाई के अध्यक्ष मनोहर सिंह यादव, सपा के जिला सचिव बेचे सिंह ठाकुर, इस्लामनगर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख आर्येंद्र कुमार भी भाजपा में शामिल हुए।
'सपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा'
सपा के जिलाध्यक्ष आशीष यादव का कहना है कि आशुतोष मौर्य की पत्नी और बहन के भाजपा में चले जाने से सपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि आशुतोष मौर्य सपा के सिंबल से जीते थे। बिसौली का मतदाता पार्टी के सिंबल से जुड़ा है। व्यक्तिगत किसी नेता से नहीं जुड़ा है। पार्टी मतदाता के मुद्दों पर लड़ती है और लड़ेगी, जीतेगी।
किसके पक्ष में करेंगे चुनाव प्रचार
लोकसभा क्षेत्र के चुनाव में सपा विधायक आशुतोष मौर्य अब किसका प्रचार करेंगे। सियासी हलकों में सवाल उठ रहा है, लेकिन विधायक इस सवाल पर खामोश हैं। वह बातचीत में अपने परिवार की सियासी विरासत की जानकारी तो देते हैं लेकिन जब यह पूछा जाता है कि पत्नी और बहन के भाजपा में शामिल होने के बाद अब वह खुद किसका प्रचार करेंगे तो उन्होंने बातचीत से परहेज किया। बोले यह आप सोचिए।
21 फरवरी: रामलीला मैदान के निकट पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग का सपा ने सम्मेलन किया।
16 मार्च: शिवपाल सिंह यादव चुनावी दौरे पर आए। कार्यकर्ता सम्मेलन किया।
30 मार्च: शिवपाल सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव और आदित्य यादव आए कार्यकर्ता सम्मेलन किया।
तीनों आयोजनों से सपा विधायक आशुतोष मौर्य ने दूरी बनाए रखी