{"_id":"6ac7fe5f1d67dea50e08ba0a","slug":"allegation-of-selling-land-donated-for-an-inter-college-bareilly-news-c-401-1-mrg1002-6742-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: दान में मिली इंटर कॉलेज की जमीन बेचने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: दान में मिली इंटर कॉलेज की जमीन बेचने का आरोप
विज्ञापन
मीरगंज। नगर पंचायत शाही में वर्ष 1952 में स्थापित सरकारी गांधी इंटर कॉलेज को दान में मिली कई बीघा जमीन को कथित तौर पर बेचने का मामला सामने आया है। मामले में एसडीएम ने संज्ञान लेकर जांच के निर्देश दिए हैं।
नगर पंचायत शाही के पूर्व सभासद रहीस अहमद ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कॉलेज प्रबंधक पर दान में मिली जमीन को नियम विरुद्ध बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कराकर जमीन की बिक्री पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम खजुरिया की जमीन समेत अन्य जमीनें भी कॉलेज को दान में मिली थीं। कॉलेज के संचालक/ प्रबंधक ने दान में मिली जमीन में से कुछ भूमि को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम खजुरिया की जमीन का सौदा महज पांच लाख रुपये प्रति बीघा की दर से किया जा रहा है, जबकि सरकारी मूल्य करीब 3.61 लाख रुपये प्रति बीघा बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत करीब आठ लाख रुपये प्रति बीघा है।
विज्ञापन
पूर्व सभासद ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर दान में मिली भूमि की बिक्री तत्काल रोकने की मांग की है। साथ ही कार्रवाई न होने पर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल करने की चेतावनी दी है।
-- -- -
प्रबंधक ने रखा पक्ष
गांधी इंटर कॉलेज के प्रबंधक अनुपम शर्मा ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज की भूमि के संबंध में बिक्री की सभी आवश्यक अनुमतियां उनके पास उपलब्ध हैं और भूमि से जुड़े कार्य नियमानुसार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच एसडीएम मीरगंज के स्तर पर चल रही है। जांच में सभी दस्तावेज और अनुमतियां प्रस्तुत की जाएंगी।
-- -- -
अभिलेखों के मिलान के बाद होगी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला ने कहा कि शिकायत संज्ञान में आई है। दोनों पक्षों से जमीन के दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेज और संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि दान में मिली भूमि को नियम विरुद्ध बेचने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
नगर पंचायत शाही के पूर्व सभासद रहीस अहमद ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कॉलेज प्रबंधक पर दान में मिली जमीन को नियम विरुद्ध बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कराकर जमीन की बिक्री पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम खजुरिया की जमीन समेत अन्य जमीनें भी कॉलेज को दान में मिली थीं। कॉलेज के संचालक/ प्रबंधक ने दान में मिली जमीन में से कुछ भूमि को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम खजुरिया की जमीन का सौदा महज पांच लाख रुपये प्रति बीघा की दर से किया जा रहा है, जबकि सरकारी मूल्य करीब 3.61 लाख रुपये प्रति बीघा बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत करीब आठ लाख रुपये प्रति बीघा है।
विज्ञापन
पूर्व सभासद ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर दान में मिली भूमि की बिक्री तत्काल रोकने की मांग की है। साथ ही कार्रवाई न होने पर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल करने की चेतावनी दी है।
प्रबंधक ने रखा पक्ष
गांधी इंटर कॉलेज के प्रबंधक अनुपम शर्मा ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज की भूमि के संबंध में बिक्री की सभी आवश्यक अनुमतियां उनके पास उपलब्ध हैं और भूमि से जुड़े कार्य नियमानुसार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच एसडीएम मीरगंज के स्तर पर चल रही है। जांच में सभी दस्तावेज और अनुमतियां प्रस्तुत की जाएंगी।
अभिलेखों के मिलान के बाद होगी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला ने कहा कि शिकायत संज्ञान में आई है। दोनों पक्षों से जमीन के दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेज और संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि दान में मिली भूमि को नियम विरुद्ध बेचने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।