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Bareilly News: पत्नी की हत्या का आरोपी बोला- मुझे छोड़ दो, बीवी खाना बना रही होगी
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बरेली। जोगी नवादा में पत्नी सरोज की हत्या का आरोपी सतीश बृहस्पतिवार देर रात पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बारादरी पुलिस की पूछताछ में उसने कुछ याद न होने का ड्रामा किया। उसके परिवार ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताया है। पुलिस जांच कर रही है कि वह वास्तव में मानसिक रूप से बीमार है या फिर नशे में उसने पत्नी की हत्या की है।
देर रात अधिकारियों ने जब सतीश से पूछताछ की तो वह सामान्य व्यक्ति की तरह व्यवहार कर रहा था। वह कुछ नशे में भी लग रहा था। उससे पूछा गया कि पत्नी की हत्या क्यों की तो उसने इन्कार कर दिया। कहा कि रात हो गई है। उसे घर जाने दिया जाए। पत्नी और बच्चे उसका इंतजार कर रहे होंगे। सरोज खाना बना चुकी होगी।
सतीश के भाई विजेंद्र ने अधिकारियों को बताया कि सतीश मानसिक रूप से परेशान था और कुछ महीने पहले अस्पताल में भर्ती रह चुका है। सरोज ही उसे अस्पताल से वापस घर लेकर आई थी। सतीश की कुछ समय तक मानसिक रोग की दवा भी चली। फिलहाल उसने दवा खानी बंद कर दी थी। हो सकता है कि मानसिक रोग की वजह से उसने ऐसा किया हो। वहीं, सतीश के ससुराल वाले उस पर नशा करने का आरोप लगा रहे थे। एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
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दो दिन पहले ही पत्नी को मायके से लाया था सतीश
सरोज के भाई महेश के मुताबिक, घरेलू विवाद की वजह से परेशान होकर सरोज मायके आ गई थी। कुछ दिनों से वह उनके घर पर ही थी। सतीश दो दिन पहले माफी मांगकर उसे वापस ले गया था। उन्हें अहसास नहीं था कि वह उसकी हत्या कर देगा।
रोने लगी मां की हत्या की चश्मदीद मासूम
एएसपी ने बताया कि सतीश का बड़ा बेटा राजेश 15 साल का है और किसी दुकान पर काम सीखने जाता है। घटना के वक्त वह घर पर नहीं था। छोटा बेटा लखन और तीन साल की बेटी वंदना उस वक्त घर पर ही थे। घटना के बाद सतीश बेटी को कंधे पर लेकर भाग निकला। फुटेज में उसे देखा गया। हालांकि बाद में पता लगा कि वंदना को वह गली के बाहर ही छोड़ गया था। घटना की असल चश्मदीद वंदना ही है जो इतना सहम गई है कि कुछ बोल नहीं पा रही है। उसे परिवार की महिलाओं को सौंपा गया है। लखन ने कहा कि वह मां की चीख सुनकर वहां पहुंचा तो पिता बहन को लेकर भाग गए।
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देर रात अधिकारियों ने जब सतीश से पूछताछ की तो वह सामान्य व्यक्ति की तरह व्यवहार कर रहा था। वह कुछ नशे में भी लग रहा था। उससे पूछा गया कि पत्नी की हत्या क्यों की तो उसने इन्कार कर दिया। कहा कि रात हो गई है। उसे घर जाने दिया जाए। पत्नी और बच्चे उसका इंतजार कर रहे होंगे। सरोज खाना बना चुकी होगी।
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सतीश के भाई विजेंद्र ने अधिकारियों को बताया कि सतीश मानसिक रूप से परेशान था और कुछ महीने पहले अस्पताल में भर्ती रह चुका है। सरोज ही उसे अस्पताल से वापस घर लेकर आई थी। सतीश की कुछ समय तक मानसिक रोग की दवा भी चली। फिलहाल उसने दवा खानी बंद कर दी थी। हो सकता है कि मानसिक रोग की वजह से उसने ऐसा किया हो। वहीं, सतीश के ससुराल वाले उस पर नशा करने का आरोप लगा रहे थे। एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
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दो दिन पहले ही पत्नी को मायके से लाया था सतीश
सरोज के भाई महेश के मुताबिक, घरेलू विवाद की वजह से परेशान होकर सरोज मायके आ गई थी। कुछ दिनों से वह उनके घर पर ही थी। सतीश दो दिन पहले माफी मांगकर उसे वापस ले गया था। उन्हें अहसास नहीं था कि वह उसकी हत्या कर देगा।
रोने लगी मां की हत्या की चश्मदीद मासूम
एएसपी ने बताया कि सतीश का बड़ा बेटा राजेश 15 साल का है और किसी दुकान पर काम सीखने जाता है। घटना के वक्त वह घर पर नहीं था। छोटा बेटा लखन और तीन साल की बेटी वंदना उस वक्त घर पर ही थे। घटना के बाद सतीश बेटी को कंधे पर लेकर भाग निकला। फुटेज में उसे देखा गया। हालांकि बाद में पता लगा कि वंदना को वह गली के बाहर ही छोड़ गया था। घटना की असल चश्मदीद वंदना ही है जो इतना सहम गई है कि कुछ बोल नहीं पा रही है। उसे परिवार की महिलाओं को सौंपा गया है। लखन ने कहा कि वह मां की चीख सुनकर वहां पहुंचा तो पिता बहन को लेकर भाग गए।