{"_id":"120-91121","slug":"Bareilly-91121-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"खर्च क्यों नहीं किया सारा पैसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खर्च क्यों नहीं किया सारा पैसा
Bareilly
Updated Mon, 07 Apr 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। पिछले वित्तीय वर्ष में शासन से मिला बजट खर्च नहीं करने वाले अफसरों पर डंडा चलना तय माना जा रहा है। 10 करोड़ से ज्यादा धनराशि वापस करने पर शासन ने जवाब-तलब कर लिया है। अफसरों से इसका कारण पूछा गया है। लोकसभा चुनाव में व्यस्त अफसर इस फरमान से परेशान नजर आ रहे हैं।
शासन के कड़े रुख के बाद सीडीओ ने समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी से जवाब मांगा है। समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने सामाजिक पेंशन योजनाओं और विवाह अनुदान का करोड़ों रुपया वापस कर दिया है जबकि इन विभागों को समय रहते शासन से पैसा मिल गया था। अब अफसरों को जवाब नहीं सूझ रहा है। डीआरडीए से मनरेगा के लगभग साढ़े पांच करोड़ रुपये वापस किए गए। हालांकि अफसरों का कहना है कि यह पैसा मनरेगा में ऑनलाइन पेमेंट की व्यवस्था शुरू होने की वजह से लौटाया गया है।
कोट
शासन पिछले वित्तीय वर्ष में विकास योजनाओं के लिए दिया गया पैसा खर्च न कर पाने का कारण जानना चाहता है इसलिए अफसरों से इस बारे में जवाब मांगा गया है।
- भगवान सिंह सीडीओ
विज्ञापन
शासन के कड़े रुख के बाद सीडीओ ने समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी से जवाब मांगा है। समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने सामाजिक पेंशन योजनाओं और विवाह अनुदान का करोड़ों रुपया वापस कर दिया है जबकि इन विभागों को समय रहते शासन से पैसा मिल गया था। अब अफसरों को जवाब नहीं सूझ रहा है। डीआरडीए से मनरेगा के लगभग साढ़े पांच करोड़ रुपये वापस किए गए। हालांकि अफसरों का कहना है कि यह पैसा मनरेगा में ऑनलाइन पेमेंट की व्यवस्था शुरू होने की वजह से लौटाया गया है।
विज्ञापन
कोट
शासन पिछले वित्तीय वर्ष में विकास योजनाओं के लिए दिया गया पैसा खर्च न कर पाने का कारण जानना चाहता है इसलिए अफसरों से इस बारे में जवाब मांगा गया है।
- भगवान सिंह सीडीओ