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बड़ा बाईपास को जमीन देने वाले 600 किसानों को मुआवजे की उम्मीद बढ़ी
Updated Tue, 07 Aug 2018 02:03 AM IST
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बरेली। बड़ा बाईपास के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने 600 किसानों की मुआवजा देने की मांग पर गाइड लाइन तय कर दी है, इस पर अंतिम मुहर लगनी है। हालांकि मुआवजा की राशि कोर्ट की अनुमति के बाद ही तय होगी।
जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजकर बड़ा बाईपास रोड के किसानों को मुआवजे देने के संबंध में राय मांगी थी। सूत्रों की मानें तो शासन ने इस मसले पर अपनी राय भेज दी है। हालांकि अभी शासन से जारी पत्र नहीं पहुंचा है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि शासन 600 किसानों को जल्दी मुआवजा देने पर सहमत है। चूंकि यह मामला कोर्ट में लंबित है लिहाजा शासन चाहता है कि किसानों को मिलने वाले मुआवजे की राशि और समय कोर्ट के समक्ष तय हो।
रजऊ परसपुर से परसाखेड़ा तक 32.5 किलोमीटर लंबा बड़ा बाईपास पांच साल पहले बनाया गया था। बड़ा बाईपास रोड बनाने के लिए 33 गांवों के करीब 3000 किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। इनमें 2400 किसानों ने जमीन का मुआवजा ले लिया था। लगभग 600 किसानों ने विसंगतियों के चलते मुआवजा नहीं लिया। किसानों का आरोप था कि जमीन अधिग्रहण के बदले बड़े नेताओं के गांवों को राजनीतिक दबाव में अधिक दरों पर मुआवजा दिया गया। तबसे यह मामला कोर्ट में है। दो माह पूर्व किसान कोर्ट से बाहर मामला निपटाने के लिए प्रशासनिक अफसरों से मिले थे और डीएम को ज्ञापन दिया था।
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किसानों के मुआवजे के संबंध में शासन की राय जल्द आ जाएगी। लेकिन यह मामला पहले से कोर्ट में है। इसलिए मुआवजे की रकम और समय कोर्ट ही तय करेगा। - सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, एसएलओ
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जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजकर बड़ा बाईपास रोड के किसानों को मुआवजे देने के संबंध में राय मांगी थी। सूत्रों की मानें तो शासन ने इस मसले पर अपनी राय भेज दी है। हालांकि अभी शासन से जारी पत्र नहीं पहुंचा है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि शासन 600 किसानों को जल्दी मुआवजा देने पर सहमत है। चूंकि यह मामला कोर्ट में लंबित है लिहाजा शासन चाहता है कि किसानों को मिलने वाले मुआवजे की राशि और समय कोर्ट के समक्ष तय हो।
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रजऊ परसपुर से परसाखेड़ा तक 32.5 किलोमीटर लंबा बड़ा बाईपास पांच साल पहले बनाया गया था। बड़ा बाईपास रोड बनाने के लिए 33 गांवों के करीब 3000 किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। इनमें 2400 किसानों ने जमीन का मुआवजा ले लिया था। लगभग 600 किसानों ने विसंगतियों के चलते मुआवजा नहीं लिया। किसानों का आरोप था कि जमीन अधिग्रहण के बदले बड़े नेताओं के गांवों को राजनीतिक दबाव में अधिक दरों पर मुआवजा दिया गया। तबसे यह मामला कोर्ट में है। दो माह पूर्व किसान कोर्ट से बाहर मामला निपटाने के लिए प्रशासनिक अफसरों से मिले थे और डीएम को ज्ञापन दिया था।
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किसानों के मुआवजे के संबंध में शासन की राय जल्द आ जाएगी। लेकिन यह मामला पहले से कोर्ट में है। इसलिए मुआवजे की रकम और समय कोर्ट ही तय करेगा। - सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, एसएलओ