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पटाखा बाजार में पुलिस का धावा, भड़के कारोबारी

Thu, 08 Nov 2018 09:24 PM IST
Updated Thu, 08 Nov 2018 09:24 PM IST
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पटाखा बाजार में पुलिस का धावा, भड़के कारोबारी
संपूर्णानगर (लखीमपुर खीरी)। थाना क्षेत्र के भानपुरी खजुरिया में बुधवार को लगी पटाखा बाजार में पुलिस ने छापा मारकर एक दुकानदार को दबोच लिया और पटाखे कब्जे में ले लिया। इससे दुकानदार भड़क गए और पुलिस वाहन को घेर लिया। कोतवाल आदर्श सिंह के सामने सिपाही को पीटने लगे। इस दौरान किसी ने सरकारी जीप पर पत्थर चलाकर शीशा तोड़ दिया। किसी तरह पुलिस मौके से भाग निकली। पुलिस के मौके से भागते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। सिपाही की तहरीर पर कोतवाली संपूर्णानगर में चार दुकानदारों को नामजद करते हुए 10-15 अन्य के खिलाफ मारपीट करने, बलवा और लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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संपूर्णानगर के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि संपूर्णानगर में 20 पटाखा दुकानदारों के लाइसेंस हुए थे, जिनमें 18 लोगों ने दुकानें भी लगाईं थीं, लेकिन इस बार पुलिस ने महंगापुर, खजुरिया में पटाखों की दुकानें लगाने से मना किया था, जिसको लेकर महंगापुर के पटाखा कारोबारियों ने संपूर्णानगर में ही दुकानें लगाई थीं। उधर खजुरिया में मनादी के बाद भी करीब 20 दुकानदारों ने बिना लाइसेन्स अपनी-अपनी दुकानें सजा रखीं थी। अवैध पटाखा बजार लगाने की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक आदर्श कुमार सिंह ने खजुरिया बाजार में छापेमारी कर अवैध दुकानदारों को पुलिस पकड़ने लगी। बताते हैं कि एक दुकानदार को जीप में जैसे ही बिठाया, वैसे ही दुकानदार भड़क गए और पुलिस वाहन को घेर लिया। इसी बीच किसी ने पत्थर चलाकर वाहन का शीशा तोड़ दिया और सिपाही सुनील कुमार को पीटने लगे। दुकानदार पुलिस विरोधी नारेबाजी भी करने लगे। आक्रोशित भीड़ को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक ने व्यापारी और उसके माल को छोड़कर किसी तरह टीम सहित भाग निकले। कुछ लोगों ने इसकी वीडियो भी बना ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस वीडियो में भी प्रभारी निरीक्षक वहां से खिसकते नजर आ रहे हैं। इधर पुलिस ने सिपाही सुनील कुमार की तहरीर पर पटाखा कारोबारी अमित छाबड़ा, दीपक छाबड़ा, हरविंदर छाबड़ा और जितेन्द्र छाबड़ा निवासीगण खजुरिया थाना संपूर्णानगर और 10-15 अन्य लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
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खजुरिया में अवैध रूप से पटाखा बाजार लगाया गया था। एसडीएम ने इस बार यहां पटाखा बाजार न लगवाने की परमीशन नहीं दी थी, इसलिए पुलिस बाजार हटवाने के लिए गई थी। जहां कारोबारियों ने पुलिस के साथ मारपीट, अभद्रता और वाहन में तोड़फोड़ की। सिर्फ थाने का फोर्स होने के कारण किसी को पकड़ा नहीं जा सका। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं।
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घनश्याम चौरसिया, एएसपी/प्रभारी एसपी।

आखिर अवैध बाजार के कारोबारियों में इतनी हिम्मत कहां से आ गई
संपूर्णानगर (लखीमपुर खीरी)। एसडीएम पलिया सुनंदू सुधाकरन ने इस बार खजुरिया में पटाखा बाजार लगने के लिए अनुमति नहीं दी थी। वहीं प्रभारी निरीक्षक भी मंगलवार को ही समझा आए थे कि दुकानें नहीं लगेंगी। इसके बाद भी यहां करीब 20 दुकानदारों ने बाजार लगा लिया और चौकी पुलिस उन्हें रोकना तो दूर उच्चाधिकारियों को सूचना देने तक की जरूरत नहीं समझी। वहीं इसकी जानकारी जब कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को लगी तो वह पुलिस टीम के साथ अवैध बाजार के दुकानदारों को पकड़ने पहुंच गए। खास बात यह है कि पुलिस के साथ अभद्रता और मारपीट तक हो गई और उस समय चौकी इंचार्ज अजय शर्मा चौकी से ही गायब मिले। सवाल यह है कि आखिर अवैध बाजार की दुकानदारों में इतनी हिम्मत कहां से आ गई? लोगबाग दबी जुबान चर्चा कर रहे हैं कि सत्तापक्ष के एक प्रभावशाली नेता के इशारे पर यह बाजार लग गया था, जिसका विरोध खुद चौकी इंचार्ज नहीं कर पा रहे थे। हालांकि पुलिस अधिकारी यह कह रहे है कि चौकी इंचार्ज सरकारी काम से तहसील मुख्यालय पलिया गए थे। खुद एएसपी घनश्याम चौरसिया से जब पूछा गया कि आखिर चौकी इंचार्ज को टीम में लिए बगैर बाजार में छापेमारी क्यों की गई? इस पर उनका कहना है कि पूरे मामले की जांच सीओ पलिया कर रहे हैं, इसलिए अभी पूरी जानकारी नहीं है। वहीं सीओ पलिया प्रदीप कुमार का कहना है कि बिना चौकी इंचार्ज के प्रभारी निरीक्षक दबिश दे सकते हैं। वह मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही रिपोर्ट एसपी को सौंप देंगे।

प्रभावशाली नेता के करीबी हैं दुकानदार
अवैध पटाखा बाजार के जिन कारोबारियों को नामजद किया गया है वह सभी सत्तापक्ष के एक प्रभावशाली नेता के करीबी हैं। शायद यही वजह रही कि दुकानदारों ने न सिर्फ बिना अनुमति बाजार लगा लिया था, बल्कि पुलिस रोकने पहुंची तो उसे भी घेरकर पीट लिया। यहां तक कि प्रभारी निरीक्षक को मौके से भागना पड़ा। इसके बाद भी 24 घंटे बीत गए हैँ न तो एक भी दुकानदार पकड़ा गया और न ही संदिग्ध भूमिका में दिख रहे चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई हुई। इतना ही नहीं 36 घंटे बाद प्रभारी एसपी/एएसपी घनश्याम चौरसिया सीओ की जांच रिपोर्ट पर ज्यादा जोर दे रहे हैँ, जबकि आरोपियों को पकड़ने और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की बात से कन्नी काट रहे हैं।

20 दुकानै अवैध रूप से लगी थीं खजुरिया में
प्रभारी निरीक्षक आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन की तरफ से संपूर्णानगर में 20 लाइसेंस जारी किए गए थे, जिसमें एक खजुरिया और एक महंगापुर के व्यापारी ने संपूूर्णानगर में दुकान लगाने के लिए लाइसेंस बनवाया था। इसके बाद भी खजुरिया में करीब 20 दुकाने अवैध रूप से लग गई थीं, जबकि वह खुद खजुरिया के दुकानदारों को दुकाने लगाने से मना कर आए थे। बताया कि विरोध और आक्रोशित भीड़ ने पुलिस कार्य में बाधा उत्पन्न की है। इससे खुद उन्हें मौके से भागना पड़ा।


कारोबारी बोले, वर्षों से दुकाने लगाते चले आ रहे हैँ
पटाखा कारोबारियों का कहना है कि वह वर्षों से दुकानें लगाते हैं, लेकिन अबकी पहली बार पुलिस द्वारा रोका जा रहा था। कुछ ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने दुकानें लगाने के नाम पर पहले ही पैसे ले लिए थे, जिसके कारण वह निश्चिंत होकर दुकानें लगाए थे। हालांकि खजुरिया चौकी इंचार्ज अजय शर्मा ने बताया कि जब यह घटना हुई तब वह मौके पर नहीं थे। उन्होंने पुलिस पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
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