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चंदनचौकी व नेपाल के गांवों में ट्रेस हुई ‘चंदू’ की लोकेशन
Updated Mon, 19 Mar 2018 01:56 AM IST
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चंदनचौकी।
थारू क्षेत्र के चंदन चौकी इलाके में इनदिनों ‘चंदू’ बाघ की लोकेशन ट्रेस हुई है। थारू क्षेत्र के जयनगर गांवों सहित नेपाल के सीमावर्ती गांवों में कई पालतू पशुओं का ‘चंदू’ बाघ शिकार कर चुका है। दुधवा में छोड़ा गया यह बाघ मसानखंभ व जयनगर गांव के आसपास कई दिनों से देखा जा रहा था। कई पशुओं का शिकार करने के बाद से ही थारू क्षेत्र के लगभग सात गांवों तथा नेपाल के चार गांवों के ग्रामीणों में बाघ की दहशत फैल गई है। वन विभाग का स्टाफ दो हाथियों के साथ गांवों के पास डेरा डाले हुए है।
बता दें कि पीलीभीत से लाकर यहां दुधवा के जंगलों में छोड़ा गया ‘चंदू’ इनदिनों थारू क्षेत्र की तरफ देखा गया है। थारु गांव मसानखंभ व जयनगर के आसपास कई दिनों से ‘चंदू’ देखा जा रहा था। शुक्रवार दोपहर बाघ ने जय नगर के पास जंगल में चरने गई एक बकरी को अपना निवाला बना डाला। शनिवार रात आठ बजे सीमावर्ती नेपाल के गांव बोलिया में घुस गया और वहां एक ग्रामीण के पालतू सूअर पर हमला कर दिया।
ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह फिर जंगल में घुस गया। उसके बाद रात 12 बजे वह फिर पड़ोस के गांव मोहनपुर में घुस गया और वहां के निवासी मंगरु पुत्र कंगला के घर के पास बंधे सूअर पर हमला कर दिया और उसे मार डाला। ग्रामीणों के जाग जाने पर उसे छोड़कर भाग गया तथा सीमा पर लगी नर्सरी में छिप गया है। जिससे थारु क्षेत्र के गांव बंदरभरारी, सारभूसी, चंदनचौकी, सौनहा, मसान खंभ, जयनगर सहित नेपाल के गांव मोहनपुर, निबुआबोझ, भितरिया, बोलिया आदि के ग्रामीण भयभीत हैं।
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उधर, दुधवा पार्क के टीम रेंजर मनोज श्रीवास्तव व वनदरोगा ओपी सिंह दो हाथियों व स्टाफ के साथ बाघ को जंगल खदेड़ने में लगे हैं। इस बावत रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि यह बाघ चंदू ही है, उसकी लोकेशन 15 मार्च से इसी इलाके में मिल रही थी। बताया कि हमारा पूरा स्टाफ यहीं डेरा जमाए है, चंदू बाघ को वापस जंगल में खदेड़ दिया जाएगा और किसी तरह की जनहानि नहीं होने दी जाएगी।
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थारू क्षेत्र के चंदन चौकी इलाके में इनदिनों ‘चंदू’ बाघ की लोकेशन ट्रेस हुई है। थारू क्षेत्र के जयनगर गांवों सहित नेपाल के सीमावर्ती गांवों में कई पालतू पशुओं का ‘चंदू’ बाघ शिकार कर चुका है। दुधवा में छोड़ा गया यह बाघ मसानखंभ व जयनगर गांव के आसपास कई दिनों से देखा जा रहा था। कई पशुओं का शिकार करने के बाद से ही थारू क्षेत्र के लगभग सात गांवों तथा नेपाल के चार गांवों के ग्रामीणों में बाघ की दहशत फैल गई है। वन विभाग का स्टाफ दो हाथियों के साथ गांवों के पास डेरा डाले हुए है।
बता दें कि पीलीभीत से लाकर यहां दुधवा के जंगलों में छोड़ा गया ‘चंदू’ इनदिनों थारू क्षेत्र की तरफ देखा गया है। थारु गांव मसानखंभ व जयनगर के आसपास कई दिनों से ‘चंदू’ देखा जा रहा था। शुक्रवार दोपहर बाघ ने जय नगर के पास जंगल में चरने गई एक बकरी को अपना निवाला बना डाला। शनिवार रात आठ बजे सीमावर्ती नेपाल के गांव बोलिया में घुस गया और वहां एक ग्रामीण के पालतू सूअर पर हमला कर दिया।
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ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह फिर जंगल में घुस गया। उसके बाद रात 12 बजे वह फिर पड़ोस के गांव मोहनपुर में घुस गया और वहां के निवासी मंगरु पुत्र कंगला के घर के पास बंधे सूअर पर हमला कर दिया और उसे मार डाला। ग्रामीणों के जाग जाने पर उसे छोड़कर भाग गया तथा सीमा पर लगी नर्सरी में छिप गया है। जिससे थारु क्षेत्र के गांव बंदरभरारी, सारभूसी, चंदनचौकी, सौनहा, मसान खंभ, जयनगर सहित नेपाल के गांव मोहनपुर, निबुआबोझ, भितरिया, बोलिया आदि के ग्रामीण भयभीत हैं।
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उधर, दुधवा पार्क के टीम रेंजर मनोज श्रीवास्तव व वनदरोगा ओपी सिंह दो हाथियों व स्टाफ के साथ बाघ को जंगल खदेड़ने में लगे हैं। इस बावत रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि यह बाघ चंदू ही है, उसकी लोकेशन 15 मार्च से इसी इलाके में मिल रही थी। बताया कि हमारा पूरा स्टाफ यहीं डेरा जमाए है, चंदू बाघ को वापस जंगल में खदेड़ दिया जाएगा और किसी तरह की जनहानि नहीं होने दी जाएगी।