फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   1.17 lakh account holders have not repaid their loans, increasing NPAs.

Bareilly News: 1.17 लाख खाताधारकों ने नहीं लौटाया कर्ज, बढ़ रहा एनपीए

Sun, 16 Nov 2025 02:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 02:57 AM IST
विज्ञापन
1.17 lakh account holders have not repaid their loans, increasing NPAs.
बरेली। बैंकों के कर्ज डूबने की समस्या बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) के आंकड़ों में तेजी के साथ वृद्धि हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च तक 1,20,581 खातों में 1416.25 करोड़ रुपये की रकम जमा नहीं हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) के शुरुआती छह महीने यानी जून 2025 तक ही यह आंकड़ा 1382.69 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
विज्ञापन

जिलाधिकारी की मासिक बैठक में एनपीए को लेकर तमाम बार बैंकों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है, इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। एनपीए के मामले में सरकारी बैंक काफी आगे हैं। जून 2025 तक सरकारी बैंकों के 89,864 खातों में 1155.62 करोड़ की रकम नहीं लौटी है।
विज्ञापन

बैंक ऑफ बड़ौदा के 16,628 खातों में 233.24 करोड़ रुपये की रकम अटकी हुई है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक आदि आते हैं। कुल 1,17,742 खातों में 1382.69 करोड़ रुपये की राशि फंसी है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन


निजी बैंकों की स्थिति बेहतर
प्राइवेट सेक्टर के बैंक इस मामले में बेहतर स्थिति में है। सबसे ज्यादा एनपीए आईडीबीआई के 59 खाते में एक करोड़ रुपये का है। कर्नाटक बैंक के चार खातों में दो करोड़ और यश बैंक के 68 खातों में दो करोड़ रुपये फंसे हैं।

--
गैर निष्पादित परिसंपत्तियों को लेकर हर माह होने वाली बैठक में बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए जाते हैं। जिले का एनपीए सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। - वीके आरोरा, एलडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed