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सुहागिनें आज रखेंगी करवाचौथ व्रत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:08 AM IST
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करवाचौथ की पूर्व संध्या पर बाजार में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुहागिनों ने पूजा अर्चना के लिए जमकर खरीदारी की। पहली बार करवाचौथ का व्रत रखने वाली नव विवाहिताओं में कुछ अलग ही क्रेज है।
संस्कृति और परंपराओं को निभाने की पूरी ललक नव विवाहिताओं में साफ दिखाई दे रही है। करीब एक सप्ताह पहले से ही सुहागिनें तैयारियों में जुटी हैं। अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनें बुधवार को करवाचौथ का व्रत रखेंगी और चंद्रोदय के बाद बुधवार रात व्रत का पारण करेंगी।
अल्पिका वर्मा परिवार की प्रसन्नता के पीछे व्रत, संस्कार और कर्म को प्रमुख मानती हैं। बदले हुए परिवेश में भी परंपराएं नहीं बदलती हैं। कहा कि जमाना कितना भी बदल जाए लेकिन यह व्रत नहीं बदलेगा। करवाचौथ के व्रत को लेकर अजीब सी खुशी है, जिसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता।
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आकांक्षा निगम का कहना हैं कि करवाचौथ की तैयारी पूरी कर ली है। एक सप्ताह पहले से ही इसकी तैयारी हो रही थी। अभी तक सभी को पूजा करती देखती थी पर इस बार मैं भी व्रत रखकर पूजा करूंगी। पहली बार करवा की पूजा में शामिल होना है। इसे लेकर काफी खुशी है।
शोभना मिश्र ने बताया कि घर वालों ने सारी तैयारी पूरी करा दी है। साड़ी, कपड़े, श्रंगार आदि सबकी खरीदारी हो चुकी है। पहला व्रत है, इसलिए बहुत ही खुशी हो रही है। इससे पहले परिवार में इस व्रत को रखते हुए देखती थी। इस बार मुझे भी व्रत रखने का मौका मिलेगा।
रितिका श्रीवास्तव बताती हैं कि हर सुहागिन के लिए इस व्रत का बहुत ही महत्व है। इस व्रत को रहने में बहुत ही खुशी होती है। इसे रहने की विधि से भी भली-भांति परिचित हूं। व्रत रखकर परिवार में खुशी और पति की लंबी उम्र की कामना करुंगी।
पं. वीरेंद्र व्यास शास्त्री ने बताया कि करवाचौथ के पूजन में धातु के करवे का पूजन श्रेष्ठ बताया गया है। कहा कि मिट्टी के करवे से भी पूजन का विधान उत्तम माना जाता है। पंचांग के अनुसार 8:27 बजे चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा। व्रत करने वाली सुहागिनों को चंद्रोदय के एक घड़ी यानी 24 मिनट के भीतर ही चंद्र को अर्घ्य देकर गौरी गणेश का पूजन कर चौथ माई के व्रत का पारन कर लेना चाहिए।
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संस्कृति और परंपराओं को निभाने की पूरी ललक नव विवाहिताओं में साफ दिखाई दे रही है। करीब एक सप्ताह पहले से ही सुहागिनें तैयारियों में जुटी हैं। अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनें बुधवार को करवाचौथ का व्रत रखेंगी और चंद्रोदय के बाद बुधवार रात व्रत का पारण करेंगी।
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अल्पिका वर्मा परिवार की प्रसन्नता के पीछे व्रत, संस्कार और कर्म को प्रमुख मानती हैं। बदले हुए परिवेश में भी परंपराएं नहीं बदलती हैं। कहा कि जमाना कितना भी बदल जाए लेकिन यह व्रत नहीं बदलेगा। करवाचौथ के व्रत को लेकर अजीब सी खुशी है, जिसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता।
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आकांक्षा निगम का कहना हैं कि करवाचौथ की तैयारी पूरी कर ली है। एक सप्ताह पहले से ही इसकी तैयारी हो रही थी। अभी तक सभी को पूजा करती देखती थी पर इस बार मैं भी व्रत रखकर पूजा करूंगी। पहली बार करवा की पूजा में शामिल होना है। इसे लेकर काफी खुशी है।
शोभना मिश्र ने बताया कि घर वालों ने सारी तैयारी पूरी करा दी है। साड़ी, कपड़े, श्रंगार आदि सबकी खरीदारी हो चुकी है। पहला व्रत है, इसलिए बहुत ही खुशी हो रही है। इससे पहले परिवार में इस व्रत को रखते हुए देखती थी। इस बार मुझे भी व्रत रखने का मौका मिलेगा।
रितिका श्रीवास्तव बताती हैं कि हर सुहागिन के लिए इस व्रत का बहुत ही महत्व है। इस व्रत को रहने में बहुत ही खुशी होती है। इसे रहने की विधि से भी भली-भांति परिचित हूं। व्रत रखकर परिवार में खुशी और पति की लंबी उम्र की कामना करुंगी।
पं. वीरेंद्र व्यास शास्त्री ने बताया कि करवाचौथ के पूजन में धातु के करवे का पूजन श्रेष्ठ बताया गया है। कहा कि मिट्टी के करवे से भी पूजन का विधान उत्तम माना जाता है। पंचांग के अनुसार 8:27 बजे चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा। व्रत करने वाली सुहागिनों को चंद्रोदय के एक घड़ी यानी 24 मिनट के भीतर ही चंद्र को अर्घ्य देकर गौरी गणेश का पूजन कर चौथ माई के व्रत का पारन कर लेना चाहिए।