{"_id":"61e715425d4c9e54115c5a59","slug":"weather-barabanki-news-lko6140533194","type":"story","status":"publish","title_hn":"5 डिग्री पहुंचा पारा, गलन भरी ठंड से बेहाल हुए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
5 डिग्री पहुंचा पारा, गलन भरी ठंड से बेहाल हुए लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। तापमान में आई गिरावट और दिनभर चली सर्द हवा से गलन और ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि दिन में धूप तो निकली लेकिन वह भी ठंड से राहत नहीं दिला पाई। शाम होते ही गलन और ज्यादा बढ़ गई जिससे लोग अपने घरों में दुबक गए और सड़कों पर सन्नाटा छा गया। कड़ाके की ठंड के बाद भी शहर में चिह्नित स्थानों पर अलाव नहीं जलवाए जा रहे हैं जिससे रिक्शा, ऑटो चालकों के साथ दैनिक मजदूरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 12.5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आ रही गिरावट की वजह से ही ठंड बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को आसमान पर बादल और कोहरा गिरने की संभावना हैै। 21, 22 व 23 जनवरी को घने बादल छाए रहने के साथ ही बारिश की संभावना है। हवा सामान्य गति से पछुआ और पुरवा चलेंगी जिससे फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है।
वहीं लोगों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। हांड़कंपाऊ ठंड ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिन में धूप तो निकल रही है लेकिन वह भी गलन भरी ठंड से राहत नहीं दिला पा रही है जिससे हर वर्ग के लोगों को खासी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
इसके बाद भी शहर में चिह्नित स्थानों के अलावा नीम चौराहा, पायनियर चौराहा, श्याम पैलेस आदि के पास अलाव जलवाने के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं जिससे सबसे ज्यादा दिक्कतें दैनिक मजदूरों को हो रही हैं। इस बाबत ईओ नगर पालिका पवन कुमार का कहना है कि शहर में चिह्नित स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर भी अलाव जलवाए जा रहे हैं।
अलाव न जलने से दिक्कतें
कोटवाधाम/सतरिख। तहसील सिरौलीगौसपुर के प्रमुख तीर्थ स्थल कोटवाधाम, पारिजातधाम, खजुरी सहित अन्य जगहों पर अलाव नहीं जलाए गए है। जिसके चलते यहां पर रहने वाले लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। यहां के निवासी राजेश, राजिंदर, घनश्याम ननकू, शिवम, मानू आदि का कहना है कि कई बार कहने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उधर, कस्बा सतरिख में थाना चौराहा, बड़ी बाजार, भारागंज, सहित 11 वार्ड हैं। कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने अलाव जलाने के निर्देश दिए किंतु कहीं पर भी अलाव नहीं जलवाए जा रहे हैं। जिसके चलते आने जाने वाले लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। ईओ सतरिख रेनू यादव ने बताया कि अलाव चौराहों पर जलाने के लिए लकड़ी मंगाई गई है जल्द ही जलवाए जाएंगे।
पेपर व कूड़ा जलाकर ठंड से बच रहे लोग
दरियाबाद। कड़ाके की ठंड से जनमानस को बचाने के लिए शासन व प्रशासन ने नगर पंचायत कार्यालय व दरियाबाद बाजार में प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद भी नगर पंचायत में कुछ स्थानों पर अलाव नहीं जल पा रहा है। पूरब फाटक चौराहे, ब्लॉक मुख्यालय के पास, मियागंज मोड़ के पास, दरियाबाद पुलिस चौकी समेत एलबीएस स्कूल के पास नगर पंचायत ने अलाव नहीं जलवाए है, इस वजह से स्थानीय लोगों व राहगीरों पर ठंड भारी पड़ रही है।
अलाव न जलने की वजह से दुकानदार रद्दी पेपर व कूड़ा जलाकर ठंड से राहत महसूस कर रहे हैं। कस्बे वासियों का कहना है कि अलाव चलाने के लिए नगर पंचायत से मांग की गई थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया है। इस संबंध में नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी शालिनी त्रिपाठी ने बताया नगर पंचायत में प्रमुख जगहों पर समय समय पर लकड़ियां गिरवाई जा रही है। अलाव की व्यवस्था की जा रही है, यदि कुछ जगहों पर अलाव की व्यवस्था नही है तो वहां पर लकड़ियां भेजकर अलाव जलवाया जाएगा।
विज्ञापन
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 12.5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आ रही गिरावट की वजह से ही ठंड बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को आसमान पर बादल और कोहरा गिरने की संभावना हैै। 21, 22 व 23 जनवरी को घने बादल छाए रहने के साथ ही बारिश की संभावना है। हवा सामान्य गति से पछुआ और पुरवा चलेंगी जिससे फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है।
विज्ञापन
वहीं लोगों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। हांड़कंपाऊ ठंड ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिन में धूप तो निकल रही है लेकिन वह भी गलन भरी ठंड से राहत नहीं दिला पा रही है जिससे हर वर्ग के लोगों को खासी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
इसके बाद भी शहर में चिह्नित स्थानों के अलावा नीम चौराहा, पायनियर चौराहा, श्याम पैलेस आदि के पास अलाव जलवाने के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं जिससे सबसे ज्यादा दिक्कतें दैनिक मजदूरों को हो रही हैं। इस बाबत ईओ नगर पालिका पवन कुमार का कहना है कि शहर में चिह्नित स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर भी अलाव जलवाए जा रहे हैं।
अलाव न जलने से दिक्कतें
कोटवाधाम/सतरिख। तहसील सिरौलीगौसपुर के प्रमुख तीर्थ स्थल कोटवाधाम, पारिजातधाम, खजुरी सहित अन्य जगहों पर अलाव नहीं जलाए गए है। जिसके चलते यहां पर रहने वाले लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। यहां के निवासी राजेश, राजिंदर, घनश्याम ननकू, शिवम, मानू आदि का कहना है कि कई बार कहने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उधर, कस्बा सतरिख में थाना चौराहा, बड़ी बाजार, भारागंज, सहित 11 वार्ड हैं। कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने अलाव जलाने के निर्देश दिए किंतु कहीं पर भी अलाव नहीं जलवाए जा रहे हैं। जिसके चलते आने जाने वाले लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। ईओ सतरिख रेनू यादव ने बताया कि अलाव चौराहों पर जलाने के लिए लकड़ी मंगाई गई है जल्द ही जलवाए जाएंगे।
पेपर व कूड़ा जलाकर ठंड से बच रहे लोग
दरियाबाद। कड़ाके की ठंड से जनमानस को बचाने के लिए शासन व प्रशासन ने नगर पंचायत कार्यालय व दरियाबाद बाजार में प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद भी नगर पंचायत में कुछ स्थानों पर अलाव नहीं जल पा रहा है। पूरब फाटक चौराहे, ब्लॉक मुख्यालय के पास, मियागंज मोड़ के पास, दरियाबाद पुलिस चौकी समेत एलबीएस स्कूल के पास नगर पंचायत ने अलाव नहीं जलवाए है, इस वजह से स्थानीय लोगों व राहगीरों पर ठंड भारी पड़ रही है।
अलाव न जलने की वजह से दुकानदार रद्दी पेपर व कूड़ा जलाकर ठंड से राहत महसूस कर रहे हैं। कस्बे वासियों का कहना है कि अलाव चलाने के लिए नगर पंचायत से मांग की गई थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया है। इस संबंध में नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी शालिनी त्रिपाठी ने बताया नगर पंचायत में प्रमुख जगहों पर समय समय पर लकड़ियां गिरवाई जा रही है। अलाव की व्यवस्था की जा रही है, यदि कुछ जगहों पर अलाव की व्यवस्था नही है तो वहां पर लकड़ियां भेजकर अलाव जलवाया जाएगा।