बाराबंकी। डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच का 13वां राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार को हैदरगढ़ रोड स्थित एक लॉन में आयोजित हुआ। अधिवेशन में तेलंगाना, केरल, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात समेत 26 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र आज खतरे में हैं, इसलिए अब संविधान रक्षा आंदोलन छेड़ने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत तथागत बुद्ध और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व आईएएस राम बहादुर ने अधिवेशन का उद्घाटन किया। आयोजन में देशभर से आए पदाधिकारियों ने अपने-अपने प्रदेशों में संगठन के कार्यों और विस्तार की दिशा में विचार साझा किए। राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान ने सरकार से देशभर में समान शिक्षा प्रणाली लागू करने और निजी स्कूलों की फीस सरकार द्वारा नियंत्रित करने, एससी,एसटी एक्ट को और सशक्त बनाने तथा ऑनलाइन शिकायत की सुविधा उपलब्ध कराने समेत आठ मांगें रखीं।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एसपी सिंह ने किया। मुख्य वक्ताओं में डाॅ. कर्णम किशन, राधेश्याम राम, डॉ. अनिल कुमार, फतेह बहादुर सिंह सहित कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल रहे। अधिवेशन के समापन पर जय भीम, नमो बुद्धाय के नारे गूंजे और सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि संगठन संविधान की रक्षा और सामाजिक समानता के लिए देशभर में जन-जागरण अभियान चलाएगा।