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तराई में तबाही मचा रहा नेपाल का पानी
Amarujala
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:56 PM IST
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लोगों को परेशानी
- फोटो : Amarujala
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नेपाल द्वारा छोड़ा गया पानी तराई में तबाही मचाने लगा है। करीब पांच दर्जन गांवों में पानी घुस जाने से यहां की करीब 70 हजार की आबादी एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आ गई है। बाढ़ पीड़ित परिवारीजनों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से इन्हें किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिल पा रही है जिससे बाढ़ पीड़ितों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से 51 सेमी ऊपर बह रहा है। नेपाल द्वारा दो दिनों के अंदर छोड़े गए 5.50 लाख क्यूसेक पानी ने तराई में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। सूरतगंज, रामनगर और टिकैतनगर क्षेत्र के करीब पांच दर्जन गांवों में पानी भर गया है। इससे यहां के लोग सुरक्षित स्थानों के लिए परिवारीजनों के साथ निकल रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में नावें नहीं मिल पा रही हैं जिसकी वजह से वह गांव को खाली नहीं कर पा रहे हैं।
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लोग निजी नावों से बंधों पर पहुंच रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासनिक अमला उनकी इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है अधिकारी आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। इसलिए हम लोगों ने खुद को भगवान के सहारे डाल दिया है। वहीं बंधे पर बसे लोग आए दिन हो रही बारिश से खासे परेशान हैं।
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