{"_id":"621bd3c9a4d3a310297d36a3","slug":"voting-barabanki-news-lko619707035","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजादी के बाद दूसरी बार जिले में सर्वाधिक पड़े वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजादी के बाद दूसरी बार जिले में सर्वाधिक पड़े वोट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। विधानसभा चुनाव में मतदाताओें ने आजादी के बाद दूसरी बार वोटिंग का रिकॉर्ड बना डाला है। 1957 में अब तक सर्वाधिक 77 प्रतिशत मतदान हुआ था। उसके बाद 2017 में 67.55 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बार रविवार को मतदाताओं का उत्साह जो दिखाई पड़ा उसके चलते उस रिकॉर्ड को पार करते हुए 68.45 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान हुआ है। निर्वाचन की टीमों व अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान का असर मतदान पर साफ दिखाई पड़ा। देरशाम जब प्रशासन ने मत प्रतिशत का गुणा-भाग फाइनल किया तो सबसे चेहरे खिल उठे।
अफसरों ने भी माना की जागरूकता अभियान काम आया और मतदाताओं का उत्साह सिर्फ फर्स्ट डिवीजन ही नहीं बल्कि दूसरी बार सबसे अधिक मतदान कर बाराबंकी के मतदाताओं ने एक रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर छिटपुट विवाद हुआ तो कई स्थानों पर ईवीएम खराब होने के कारण मतदान बाधित भी रहा जिससे मतदाताओं को परेेशानी हुई। जिले की छह बाराबंकी सदर, जैदपुर, हैदरगढ़, दरियाबाद, रामनगर और कुर्सी विधानसभा सीटों के लिए 2830 बूथों पर रविवार की सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ।
शुरुआत में मतदान की रफ्तार धीमी रही और आठ बजे तक महज 6.11 प्रतिशत ही वोट डाले जा सके थे। इसके बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ी और दिन का पारा चढ़ने के साथ ही मतदान का ग्राफ भी बढ़ता चला गया और मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी-लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई। लेकिन दोपहर बाद कई केंद्रों पर सन्नाटा दिखा तो शाम होते ही फिर से लाइन लगने लगी। इससे शाम छह बजे के बाद तक वोट डाले गए। इस पूरे दिन में जिले में 68.45 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
विज्ञापन
कई स्थानों पर मतदाताओं के लाइन में लग जाने के कारण मतदान निर्धारित समय से आधा घंटे बाद तक भी कराया गया। इस दौरान शहर के नगर पालिका के अलावा सुल्तानपुर, खैराबीरु, हुसैनाबाद, अखैयापुर, तिलोकपुर, लालपुर गुमान, इंदरपुर, अलियाबाद, रोहिरानगर, मथुरानगर आदि स्थानों पर ईवीएम खराब होने के कारण मतदान देर से शुरू हो सका।
सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने ईवीएम बदल मतदान शुरू कराया। जिले में छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो कहीं से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुुआ। एडीजी जोन बृजभूषण, जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह, एसपी अनुराग वत्स प्रेक्षकों के साथ पूरे दिन जिले के भ्रमण पर रहे। जिसके चलते मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका और अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
अफसरों ने भी माना की जागरूकता अभियान काम आया और मतदाताओं का उत्साह सिर्फ फर्स्ट डिवीजन ही नहीं बल्कि दूसरी बार सबसे अधिक मतदान कर बाराबंकी के मतदाताओं ने एक रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर छिटपुट विवाद हुआ तो कई स्थानों पर ईवीएम खराब होने के कारण मतदान बाधित भी रहा जिससे मतदाताओं को परेेशानी हुई। जिले की छह बाराबंकी सदर, जैदपुर, हैदरगढ़, दरियाबाद, रामनगर और कुर्सी विधानसभा सीटों के लिए 2830 बूथों पर रविवार की सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ।
विज्ञापन
शुरुआत में मतदान की रफ्तार धीमी रही और आठ बजे तक महज 6.11 प्रतिशत ही वोट डाले जा सके थे। इसके बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ी और दिन का पारा चढ़ने के साथ ही मतदान का ग्राफ भी बढ़ता चला गया और मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी-लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई। लेकिन दोपहर बाद कई केंद्रों पर सन्नाटा दिखा तो शाम होते ही फिर से लाइन लगने लगी। इससे शाम छह बजे के बाद तक वोट डाले गए। इस पूरे दिन में जिले में 68.45 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
विज्ञापन
कई स्थानों पर मतदाताओं के लाइन में लग जाने के कारण मतदान निर्धारित समय से आधा घंटे बाद तक भी कराया गया। इस दौरान शहर के नगर पालिका के अलावा सुल्तानपुर, खैराबीरु, हुसैनाबाद, अखैयापुर, तिलोकपुर, लालपुर गुमान, इंदरपुर, अलियाबाद, रोहिरानगर, मथुरानगर आदि स्थानों पर ईवीएम खराब होने के कारण मतदान देर से शुरू हो सका।
सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने ईवीएम बदल मतदान शुरू कराया। जिले में छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो कहीं से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुुआ। एडीजी जोन बृजभूषण, जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह, एसपी अनुराग वत्स प्रेक्षकों के साथ पूरे दिन जिले के भ्रमण पर रहे। जिसके चलते मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका और अधिकारियों ने राहत की सांस ली।