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स्वदेश लौटा अनस, सुमित ट्रेन से तय कर रहा बार्डर की दूरी

Thu, 03 Mar 2022 12:59 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 12:59 AM IST
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ukrain
बाराबंकी। यूक्रेन में फंसे एमबीबीएस छात्रों के बॉर्डर क्रॉस कर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचने से परिवारीजन व छात्र खतरा टलने से राहत महसूस कर रहे हैं। एक छात्र स्वदेश लौटा तो तीन छात्र हंगरी व पोलैंड बॉर्डर पर इंडियन एंबेसी के संरक्षण में हैं। उन्हें अब फ्लाइट मिलने का इंतजार है।
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वहीं एक अन्य छात्र सुमित वर्मा खारकीव से ट्रेन पकड़कर हंगरी बॉर्डर की दूरी तय कर रहा है। छात्रों के सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचने को लेकर परिवारीजन भारत सरकार के प्रयासों की सराहना भी कर रहे हैं। वहीं प्रशासन के अधिकारी भी छात्रों के घर पहुंचकर सत्यापन में लगे हैं।
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एमबीबीएस छात्रों से बात कर उनके परिवारीजनों ने यह बातें बुधवार को जब अमर उजाला से बयां की तो वह काफी भावुक दिखे। रामनगर तहसील के सूरतगंज कस्बे के निवासी जहीर अहमद का पोता अनस उजरौथ नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस का छात्र है। उसके बाबा जहीर अहमद ने बताया कि भारत सरकार के प्रयासों से उसका पोता सुरक्षित बुधवार की सुबह दिल्ली पहुंच गया है।
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यहां तक आने तक का पूरा खर्च सरकार ने किया। सफर में उनका एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ। फ्लाइट के टिकट का पैसा भी खाते में वापस लौट आया है। इंडियन एंबेसी ने जो मदद की उसकी जितनी सराहना की जाय कम होगी। उन्होंने बताया कि एंबेसी के सम्पर्क में आने पर कई दिनों बाद उसे दाल-चावल व पानी नसीब हुआ था। बेटे के दिल्ली पहुंचने पर अनस के शिक्षक पिता शकील अहमद व मां नसरीन काफी भावुक हैं।
यूक्रेन के ही खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र व शहर के ही देवा रोड निवासी सुमित के भाई संतोष वर्मा ने बताया कि बंकर में फंसा सुमित वहां से निकलकर हंगरी बॉर्डर के लिए ट्रेन से निकला है। मोबाइल डिस्चार्ज होने के बाद सुबह से सम्पर्क नहीं हो सका है। शहर के ही सत्यप्रेमीनगर निवासी व उजरौथ नेशनल यूनिवर्सिटी के एमबीबीएस छात्र प्रसून शुक्ला भी हंगरी बॉर्डर पार कर वुड्डापार्थ शहर पहुंच गया है।
उसके भाई प्रखर शुक्ल ने बताया कि मंगलवार को तहसीलदार नवाबगंज उसके घर सत्यापन करने आए थे। बुधवार को दोपहर में मोबाइल चैट के जरिए भाई से बात हुई है। उसने बताया कि बॉर्डर पर पहुंचते ही इंडियन एंबेसी ने उसे रिसीव किया। उसके बाद उसे एक होटल में सुरक्षित जगह पर रोका गया है। जहां से रात में करीब नौ बजे दिल्ली की फ्लाइट मिलने की बात बताई गई है।
शहर के दीनदयाल नगर निवासी व वीएन कार्जिन नेशनल यूनिवर्सिटी खारकीव के एमबीबीएस छात्र प्रज्जवल वर्मा के पिता राज किशोर वर्मा ने बताया कि मंगलवार को खार्कीव से ट्रेन व टैक्सी से प्रज्ज्वल दूरी तय कर पोलैंड बॉर्डर पर पहुंच गया। जहां पर इंडियन एंबेसी ने उसे रिसीव कर एक होटल में ठहराया है। हालांकि अधिक बात नहीं हो पाई। मगर, सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचने से राहत जरूर महसूस हो रही है।

शहर के ही एकता कॉलोनी सत्यप्रेमीनगर निवासी व वीएन कार्जिन नेशनल यूनिवर्सिटी खारकीव के छात्र प्रखर सिंह की शिक्षिका मां ने बताया कि खारकीव से कीव के रास्ते ट्रेन से प्रखर ने पोलैंड बॉर्डर क्रॉस कर लिया है। इस दौरान उसे कई किलोमीटर की दूरी पैदल भी तय करनी पड़ी। हालांकि इंडियन एंबेसी के संरक्षण के बाद वह सुरक्षित है। जिसको लेकर अब चिंता कम हुई है।
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