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चूहा मार दवा खाने से दो मासूम भाइयों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:07 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दो चचेरे भाई सोमवार शाम घर के बाहर खेल रहे थे। वहीं पड़ोसी का एक आटो खड़ा था, जिसमें चूहा मार पाउडर रखा था। दोनों भाइयों ने उसे पंजीरी समझकर फांक लिया। हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उन्हें लेकर सीएचसी गए। जहां से उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया।
वहां दोनों मासूम बच्चों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आटो मालिक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। मंगलवार को सुबेहा थाने के शहरी इस्लामपुर में दो सगे भाई देशराज सिंह व वंशराज सिंह के पुत्र ढाई वर्षीय दिव्यांश व दो साल के हृदयांश की चूहा मार दवा खाने से मौत हो गई।
परिवारीजनों का कहना है कि गांव के अवधेश शुक्ला के घर तक मार्ग नहीं बना है। इससे वह आटो इनके घर के सामने खड़ा करता था। सोमवार शाम को करीब सात बजे दिव्यांश व हृदयांश घर के बाहर खेल रहे थे। इसी बीच अवधेश आटो बाहर खड़ा कर चला गया।
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आटो में चूहा मार पाउडर रखा था। दोनों बच्चे खेलते-खेलते आटो में चढ़ गये और पाउडर को पंजीरी समझकर फांक लिया। बाद में याद आने पर अवधेश चूहा मारने का पाउडर लेने वापस लौटे।
पाउडर आटो में न मिलने पर दोनाें मासूमों के परिवारीजनों से बात भी की लेकिन तब किसी ने ध्यान नहीं दिया है। देर शाम को दोनों बच्चों को एक साथ उल्टी शुरू हो गई। परिवारीजन दोनों बच्चों को निकट स्थित अमेठी के शुकुलबाजार सीएचसी ले गए।
हालत बिगड़ने पर घर वाले दोनों को लखनऊ के सिविल चिकित्सालय लेकर गए, जहां दिव्यांश की मौत हो गई और हृदयांश को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। मंगलवार सुबह हृदयांश की ट्रॉमा में मौत हो गई। सूचना पर पूरे गांव में मातम फैल गया।
सुबेहा पुलिस ने दोपहर में पहुंच कर दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज वंशराज की शिकायत पर आटो मालिक अवधेश के विरुद्ध लापरवाही से मौत होने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सीओ केडी मिश्र ने गांव पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। थानाध्यक्ष विश्वनाथ यादव ने कहा, पिता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होने पर आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जरा सी चूक से हुई हृदय विदारक घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया है। गांव के कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला। मृतकों का शव पहुंचने पर मां सुनीता व पिंकी दहाड़े मार कर रोने लगी। हृदयांश चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। दिव्यांश अपनी मां का इकलौता लाल था। इनकी एक छोटी बहन है जो अभी बोलना तक नहीं सीख पाई है।
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वहां दोनों मासूम बच्चों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आटो मालिक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। मंगलवार को सुबेहा थाने के शहरी इस्लामपुर में दो सगे भाई देशराज सिंह व वंशराज सिंह के पुत्र ढाई वर्षीय दिव्यांश व दो साल के हृदयांश की चूहा मार दवा खाने से मौत हो गई।
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परिवारीजनों का कहना है कि गांव के अवधेश शुक्ला के घर तक मार्ग नहीं बना है। इससे वह आटो इनके घर के सामने खड़ा करता था। सोमवार शाम को करीब सात बजे दिव्यांश व हृदयांश घर के बाहर खेल रहे थे। इसी बीच अवधेश आटो बाहर खड़ा कर चला गया।
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आटो में चूहा मार पाउडर रखा था। दोनों बच्चे खेलते-खेलते आटो में चढ़ गये और पाउडर को पंजीरी समझकर फांक लिया। बाद में याद आने पर अवधेश चूहा मारने का पाउडर लेने वापस लौटे।
पाउडर आटो में न मिलने पर दोनाें मासूमों के परिवारीजनों से बात भी की लेकिन तब किसी ने ध्यान नहीं दिया है। देर शाम को दोनों बच्चों को एक साथ उल्टी शुरू हो गई। परिवारीजन दोनों बच्चों को निकट स्थित अमेठी के शुकुलबाजार सीएचसी ले गए।
हालत बिगड़ने पर घर वाले दोनों को लखनऊ के सिविल चिकित्सालय लेकर गए, जहां दिव्यांश की मौत हो गई और हृदयांश को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। मंगलवार सुबह हृदयांश की ट्रॉमा में मौत हो गई। सूचना पर पूरे गांव में मातम फैल गया।
सुबेहा पुलिस ने दोपहर में पहुंच कर दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज वंशराज की शिकायत पर आटो मालिक अवधेश के विरुद्ध लापरवाही से मौत होने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सीओ केडी मिश्र ने गांव पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। थानाध्यक्ष विश्वनाथ यादव ने कहा, पिता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होने पर आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जरा सी चूक से हुई हृदय विदारक घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया है। गांव के कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला। मृतकों का शव पहुंचने पर मां सुनीता व पिंकी दहाड़े मार कर रोने लगी। हृदयांश चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। दिव्यांश अपनी मां का इकलौता लाल था। इनकी एक छोटी बहन है जो अभी बोलना तक नहीं सीख पाई है।