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खतरे के निशान को छूने लगी सरयू, गांवों में हड़कंप
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कोटवाधाम (बाराबंकी)। नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। खतरे का निशान 106.76 सेमी. है जबकि सोमवार को नदी का जलस्तर स्तर 106.66 सेमी. पर पहुंच गया था। रात को जलस्तर खतरे का निशान पार कर जाने की पूरी संभावना जताई जा रही थी। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद सोमवार को दिन में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। बढ़ते जलस्तर को देखकर यहां के ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है। लोग अपने परिवार के साथ अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर पहुंच रहे हैं। रुक-रुक कर बरसात हो रही है। ऐसे में लोगों को पलायन में भी परेशानी हो रही है।
लोग सुरक्षित स्थानों पर जाकर बारिश, धूप से बचने के लिए घासफूस की मड़ैया तैयार कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को अभी तक सरकारी तिरपाल व पन्नी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। बांध पर लगे हैंडपंप खराब होने से पेयजल की दिक्कतें हैं। पिछले वर्ष बांध पर शौचालय निर्माण कराए गए थे जो अब पूरी तरह से जर्जर हैं। इन्हें दोबारा मरम्मत भी नहीं कराया गया है।
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सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के सनावा, कहारनपुरवा, कोठीडीहा, बबुरी, परसा, सिरौलीगुंग, भयकपुरवा, टेपरा, बघौलीपुरवा, गोबरहा, परसवाल, नव्वन पुरवा, रेता, सरायसुर्जन आदि गांव के किनारे नदी का पानी पहुंचने लगा हुआ है। रात में गांव में प्रवेश भी कर सकता है। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ पर निगरानी रखी जा रही है।
बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उधर, जलस्तर बढ़ने से रामनगर क्षेेत्र में भी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। सोमवार देर शाम एसडीएम रामनगर तान्या सिंह ने बताया कि खतरे का निशान 106.76 सेमी. है जबकि नदी का जलस्तर स्तर 106.66 सेमी. पर पहुंच गया है। सतर्कता बरती जा रही है।
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नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद सोमवार को दिन में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। बढ़ते जलस्तर को देखकर यहां के ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है। लोग अपने परिवार के साथ अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर पहुंच रहे हैं। रुक-रुक कर बरसात हो रही है। ऐसे में लोगों को पलायन में भी परेशानी हो रही है।
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लोग सुरक्षित स्थानों पर जाकर बारिश, धूप से बचने के लिए घासफूस की मड़ैया तैयार कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को अभी तक सरकारी तिरपाल व पन्नी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। बांध पर लगे हैंडपंप खराब होने से पेयजल की दिक्कतें हैं। पिछले वर्ष बांध पर शौचालय निर्माण कराए गए थे जो अब पूरी तरह से जर्जर हैं। इन्हें दोबारा मरम्मत भी नहीं कराया गया है।
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सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के सनावा, कहारनपुरवा, कोठीडीहा, बबुरी, परसा, सिरौलीगुंग, भयकपुरवा, टेपरा, बघौलीपुरवा, गोबरहा, परसवाल, नव्वन पुरवा, रेता, सरायसुर्जन आदि गांव के किनारे नदी का पानी पहुंचने लगा हुआ है। रात में गांव में प्रवेश भी कर सकता है। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ पर निगरानी रखी जा रही है।
बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उधर, जलस्तर बढ़ने से रामनगर क्षेेत्र में भी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। सोमवार देर शाम एसडीएम रामनगर तान्या सिंह ने बताया कि खतरे का निशान 106.76 सेमी. है जबकि नदी का जलस्तर स्तर 106.66 सेमी. पर पहुंच गया है। सतर्कता बरती जा रही है।