{"_id":"62893d0e91908b62f90a09a4","slug":"ration-card-barabanki-news-lko6316668104","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन कार्ड बचाने के लिए बेच दी कार, लौटाई एसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन कार्ड बचाने के लिए बेच दी कार, लौटाई एसी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। राशन कार्ड बचाने के लिए कार्डधारक तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उनका कार्ड बचा रहे, इसके लिए एक कार्डधारक ने जहां अपनी कार बेच दी वहीं दूसरे ने दहेज में मिला एसी लौटा दिया। इसका खुलासा शनिवार को तहसील में राशन कार्ड सरेंडर करने पहुंचे युवकों की बातों से हुआ।
तहसील में राशन कार्ड सरेंडर करने आए प्रतापगंज के सुरेश ने बताया कि उनके पास एक कार थी जिसे बेच दिया है। इसी प्रकार टिकरा मुर्तजा के इमरान ने बताया कि उनको दहेज में एसी मिला था। उसे वापस कर दिया है। क्या अब भी राशन कार्ड सरेंडर करना पड़ेगा। ये चंद नाम बानगी भर हैं। प्रतिदिन ऐसे सैकड़ों कार्डधारक आ रहे हैं जो हर वह हथकंडे अपनाने को तैयार हैं जिससे उनका राशन कार्ड बचा रहे। मगर अधिकारी ये कहकर अपना बचाव कर रहे हैं कि आप लोग खुद अपनी पात्रता तय कर लीजिये।
मानक आपके सामने हैं। यदि इनकी जद में आप नहीं आते हैं तो आप पात्र हैं और यदि इस श्रेणी में आते हैं तो अपात्र हैं। जांच के दौरान यदि अपात्र पाए गए तो रिकवरी होना तय है। जांच में अपात्र पाए जाने पर 24 रुपये किलो गेेहूं और 32 रुपये किलो चावल की दर से रिकवरी की तैयारी है। जिले में पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड धारकों की संख्या 5 लाख 32 हजार 356 तथा अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 1 लाख 13 हजार 883 है।
विज्ञापन
कोरोना काल से सभी को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। लेकिन इसका लाभ वास्तविक पात्रों को नहीं मिल रहा था। शासन ने आदेश जारी कर कहा कि जिन अपात्रों के राशन कार्ड बने हैं वह अपना राशन कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर कर दें। अन्यथा की दशा में उनसे रिकवरी करते हुए विधिक कार्रवाई का आदेश जारी किया है। इसके बाद राशन कार्ड जमा करने वालों की भीड़ उमड़ रही है। हालांकि शासन ने राशन कार्ड सरेंडर करने की तिथि बढ़ाकर 25 मई कर दी है।
12 हजार ने सरेंडर किए राशन कार्ड
अब तक 12 हजार लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या सदर तहसील की है। यहां पर अब तक 3387 लोगों ने अपने कार्ड सरेंडर किए हैं। इसके अलावा रामनगर में 1298, सिरौलीगौसपुर में 888, हैदरगढ में 1350, फतेहपुर में 2156, रामसनेहीघाट में 1243 और नगर पालिका क्षेत्र में 398 इस तरह से 11864 लोगों ने अब तक अपने राशन कार्ड सरेंडर किए हैं।
राशन कार्ड जारी करने वालों पर क्या होगी कार्रवाई
राशन कार्ड सरेंडर करने वालों का कहना है कि जिन लोगों ने राशन कार्ड बनाए हैं उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। बताते चलें कि ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत सचिव और लेखपाल की रिपोर्ट के बाद बीडीओ और पूर्ति निरीक्षक की जांच के बाद एसडीएम के आदेश पर राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में नगर पालिका की संस्तुति के बाद राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। इतनी संख्या में अपात्रों के राशन कार्ड जारी कर दिए गए अब ऐसे लोगों की भूमिका भी संदिग्ध होती जा रही है।
जो लोग पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं वह अपना राशन कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर कर दें। शासन ने राशन कार्ड सरेंडर करने की अवधि 25 मई तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही सत्यापन कराए जाने का आदेश भी आ गया है जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
-डॉ. राकेश कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
तहसील में राशन कार्ड सरेंडर करने आए प्रतापगंज के सुरेश ने बताया कि उनके पास एक कार थी जिसे बेच दिया है। इसी प्रकार टिकरा मुर्तजा के इमरान ने बताया कि उनको दहेज में एसी मिला था। उसे वापस कर दिया है। क्या अब भी राशन कार्ड सरेंडर करना पड़ेगा। ये चंद नाम बानगी भर हैं। प्रतिदिन ऐसे सैकड़ों कार्डधारक आ रहे हैं जो हर वह हथकंडे अपनाने को तैयार हैं जिससे उनका राशन कार्ड बचा रहे। मगर अधिकारी ये कहकर अपना बचाव कर रहे हैं कि आप लोग खुद अपनी पात्रता तय कर लीजिये।
विज्ञापन
मानक आपके सामने हैं। यदि इनकी जद में आप नहीं आते हैं तो आप पात्र हैं और यदि इस श्रेणी में आते हैं तो अपात्र हैं। जांच के दौरान यदि अपात्र पाए गए तो रिकवरी होना तय है। जांच में अपात्र पाए जाने पर 24 रुपये किलो गेेहूं और 32 रुपये किलो चावल की दर से रिकवरी की तैयारी है। जिले में पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड धारकों की संख्या 5 लाख 32 हजार 356 तथा अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 1 लाख 13 हजार 883 है।
विज्ञापन
कोरोना काल से सभी को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। लेकिन इसका लाभ वास्तविक पात्रों को नहीं मिल रहा था। शासन ने आदेश जारी कर कहा कि जिन अपात्रों के राशन कार्ड बने हैं वह अपना राशन कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर कर दें। अन्यथा की दशा में उनसे रिकवरी करते हुए विधिक कार्रवाई का आदेश जारी किया है। इसके बाद राशन कार्ड जमा करने वालों की भीड़ उमड़ रही है। हालांकि शासन ने राशन कार्ड सरेंडर करने की तिथि बढ़ाकर 25 मई कर दी है।
12 हजार ने सरेंडर किए राशन कार्ड
अब तक 12 हजार लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या सदर तहसील की है। यहां पर अब तक 3387 लोगों ने अपने कार्ड सरेंडर किए हैं। इसके अलावा रामनगर में 1298, सिरौलीगौसपुर में 888, हैदरगढ में 1350, फतेहपुर में 2156, रामसनेहीघाट में 1243 और नगर पालिका क्षेत्र में 398 इस तरह से 11864 लोगों ने अब तक अपने राशन कार्ड सरेंडर किए हैं।
राशन कार्ड जारी करने वालों पर क्या होगी कार्रवाई
राशन कार्ड सरेंडर करने वालों का कहना है कि जिन लोगों ने राशन कार्ड बनाए हैं उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। बताते चलें कि ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत सचिव और लेखपाल की रिपोर्ट के बाद बीडीओ और पूर्ति निरीक्षक की जांच के बाद एसडीएम के आदेश पर राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में नगर पालिका की संस्तुति के बाद राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। इतनी संख्या में अपात्रों के राशन कार्ड जारी कर दिए गए अब ऐसे लोगों की भूमिका भी संदिग्ध होती जा रही है।
जो लोग पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं वह अपना राशन कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर कर दें। शासन ने राशन कार्ड सरेंडर करने की अवधि 25 मई तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही सत्यापन कराए जाने का आदेश भी आ गया है जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
-डॉ. राकेश कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी