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चार दिन से पटरी पर नहीं लौटी बिजली
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बाराबंकी। बीते चार दिनों से जिले के करीब सौ गांवों में अंधेरा पसरा है। बीते सोमवार को आई आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी व कर्मचारी क्षतिग्रस्त हुई बिजली लाइनों को दुरुस्त करने में लगे हैं लेकिन कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हुए बिजली के खंभे दुरुस्त नहीं हो सके। इससे बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
सुधार कार्य के लिए अधीक्षण अभियंता से लेकर अन्य अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र में डटे रहे पर आंशिक सुधार ही हो पाया है। हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, रामनगर व फतेहपुर डिवीजन में बिजली के खंभे टूटे पड़े हैं। अब तक इनकी मरम्मत न होने से बिजली आपूर्ति ठप है।
जिले में चार दिन पहले आई आंधी-बारिश से लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं लौटी। रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, रामनगर और फतेहपुर डिवीजन में जगह-जगह खंभे टूट गए। कई जगह बाईपास कर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है लेकिन 92 गांवों में चार दिन बाद अब भी अंधेरा पसरा हुआ है।
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बिजली के खंभे पर्याप्त मात्रा में हैं लेकिन इनको लगाने और बिजली तार दुरुस्त करने में समय लग रहा है। कई जगह खंभा लगाने के लिए गड्ढा तो खोद दिया गया है लेकिन खंभा लगाने के लिए लेबर नहीं मिल रहे हैं। इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है।
हैदरगढ़ डिवीजन में सराय रावत, घेरवा, संतोषपुर, भिटौरा, इस्माइलपुर, सहापुर समेत करीब 22 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। हैदरगढ़ कस्बा, त्रिवेदीगंज में हाई वोल्टेज तो भिलवल में लो-वोल्टेज से उपभोक्ता से परेशान हैं।
फतेहपुर डिवीजन में पीरपुर, पतौंजा, गोडियनपुरवा, मेड़िया समेत 17 गांव में बिजली आपूर्ति ठप है। कुछ गांवों में बिजली आई लेकिन कुछ देर बाद ही चली गई। जिससे इन गांवों में अंधेरा है। रामनगर डिवीजन में पुरैना, सरसाकला, मीतपुर, बरुआ, नरेंद्रपुर, अइमा गांव समेत दस गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
रामसनेहीघाट डिवीजन में रधुनाथ पुरवा, कटरा, इचौली, रानीमऊ, मझगवां, पुरई गांव, इचहुआ समेत 43 गांव की बिजली आपूर्ति चार दिन बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि आंधी-पानी से क्षतिग्रस्त हुई लाइनें दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है। सभी अधिशासी अभियंता को कार्य को पूरा कराने और सतत मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। जहां पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है वहां पर भी जल्द ही बिजली आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।
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सुधार कार्य के लिए अधीक्षण अभियंता से लेकर अन्य अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र में डटे रहे पर आंशिक सुधार ही हो पाया है। हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, रामनगर व फतेहपुर डिवीजन में बिजली के खंभे टूटे पड़े हैं। अब तक इनकी मरम्मत न होने से बिजली आपूर्ति ठप है।
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जिले में चार दिन पहले आई आंधी-बारिश से लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं लौटी। रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, रामनगर और फतेहपुर डिवीजन में जगह-जगह खंभे टूट गए। कई जगह बाईपास कर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है लेकिन 92 गांवों में चार दिन बाद अब भी अंधेरा पसरा हुआ है।
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बिजली के खंभे पर्याप्त मात्रा में हैं लेकिन इनको लगाने और बिजली तार दुरुस्त करने में समय लग रहा है। कई जगह खंभा लगाने के लिए गड्ढा तो खोद दिया गया है लेकिन खंभा लगाने के लिए लेबर नहीं मिल रहे हैं। इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है।
हैदरगढ़ डिवीजन में सराय रावत, घेरवा, संतोषपुर, भिटौरा, इस्माइलपुर, सहापुर समेत करीब 22 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। हैदरगढ़ कस्बा, त्रिवेदीगंज में हाई वोल्टेज तो भिलवल में लो-वोल्टेज से उपभोक्ता से परेशान हैं।
फतेहपुर डिवीजन में पीरपुर, पतौंजा, गोडियनपुरवा, मेड़िया समेत 17 गांव में बिजली आपूर्ति ठप है। कुछ गांवों में बिजली आई लेकिन कुछ देर बाद ही चली गई। जिससे इन गांवों में अंधेरा है। रामनगर डिवीजन में पुरैना, सरसाकला, मीतपुर, बरुआ, नरेंद्रपुर, अइमा गांव समेत दस गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
रामसनेहीघाट डिवीजन में रधुनाथ पुरवा, कटरा, इचौली, रानीमऊ, मझगवां, पुरई गांव, इचहुआ समेत 43 गांव की बिजली आपूर्ति चार दिन बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि आंधी-पानी से क्षतिग्रस्त हुई लाइनें दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है। सभी अधिशासी अभियंता को कार्य को पूरा कराने और सतत मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। जहां पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है वहां पर भी जल्द ही बिजली आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।