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5300 मृतक भी ले रहे वृद्धा व विधवा पेंशन
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बाराबंकी। वृद्ध और निराश्रितों को शासन स्तर से मिलने वाली पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। सत्यापन के दौरान उजागर हुए इस खेल में 5321 मृतक और 3224 अपात्र वृद्धा और विधवा पेंशन योजना का लाभ पाते मिले हैं। लाभार्थी सूची से इनका नाम हटाने के साथ खातों में डंप राशि को वापस करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हर माह वृद्ध और विधवाओं को 500 रुपया पेंशन राशि देने का प्रावधान है। इसके लिए हर साल पेंशन के लाभार्थियों का चयन होता है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन पर जांच के बाद स्वीकृति मिलने पर पेंशन मिलती है। पेंशन योजना में दिव्यांग जन विभाग दिव्याग पेंशन, महिला कल्याण विभाग निराश्रित महिला पेंशन और समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था पेंशन देता है।
जिले में संचालित पेंशन योजनाओं के तहत 46,020 लाभार्थियों को दिव्यांग, 92,648 को वृद्धावस्था तथा 61,534 निराश्रितों को महिला पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर चले सत्यापन कार्य में विधवा और वृद्धा पेंशनार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है। सत्यापन में कई चौंकाने वाली खामियां उजागर हुई हैं।
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इसमें 1021 मृत विधवा तो करीब 4300 मृत वृद्धों को पेंशन दी जा रही थी। जबकि जांच के दौरान अपात्र श्रेणी में आकर 3224 विधवाएं पेंशन का लाभ उठा रहीं थीं। विभागीय जानकारी के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद गुजारा भत्ते के रूप में हर माह 500 रुपये पेंशन का लाभ महिलाओं को मिलता है।
सत्यापन के बाद अब संबंधित विभाग मृतक और अपात्रों को लाभार्थी सूची से बाहर करने की कार्रवाई में लगा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि सत्यापन का काम पूरा हो गया है। मृतक और अपात्रों को सूची से हटाया जा रहा है।
मृतक के खातों से वापस होगी पेंशन
पेंशनार्थी की मृत्यु के बाद उसके खाते में पड़ी राशि को विभाग वापस लेकर राजकीय कोष में जमा कराएगा। इसके लिए संबंधित बैंक से ऐसे मृतकों के खातों का ब्योरा एकत्र किया जाएगा। बैंक द्वारा खातों में पड़ी राशि सीधे शासन स्तर पर संचालित राजकीय कोष में जमा होगा।
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हर माह वृद्ध और विधवाओं को 500 रुपया पेंशन राशि देने का प्रावधान है। इसके लिए हर साल पेंशन के लाभार्थियों का चयन होता है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन पर जांच के बाद स्वीकृति मिलने पर पेंशन मिलती है। पेंशन योजना में दिव्यांग जन विभाग दिव्याग पेंशन, महिला कल्याण विभाग निराश्रित महिला पेंशन और समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था पेंशन देता है।
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जिले में संचालित पेंशन योजनाओं के तहत 46,020 लाभार्थियों को दिव्यांग, 92,648 को वृद्धावस्था तथा 61,534 निराश्रितों को महिला पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर चले सत्यापन कार्य में विधवा और वृद्धा पेंशनार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है। सत्यापन में कई चौंकाने वाली खामियां उजागर हुई हैं।
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इसमें 1021 मृत विधवा तो करीब 4300 मृत वृद्धों को पेंशन दी जा रही थी। जबकि जांच के दौरान अपात्र श्रेणी में आकर 3224 विधवाएं पेंशन का लाभ उठा रहीं थीं। विभागीय जानकारी के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद गुजारा भत्ते के रूप में हर माह 500 रुपये पेंशन का लाभ महिलाओं को मिलता है।
सत्यापन के बाद अब संबंधित विभाग मृतक और अपात्रों को लाभार्थी सूची से बाहर करने की कार्रवाई में लगा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि सत्यापन का काम पूरा हो गया है। मृतक और अपात्रों को सूची से हटाया जा रहा है।
मृतक के खातों से वापस होगी पेंशन
पेंशनार्थी की मृत्यु के बाद उसके खाते में पड़ी राशि को विभाग वापस लेकर राजकीय कोष में जमा कराएगा। इसके लिए संबंधित बैंक से ऐसे मृतकों के खातों का ब्योरा एकत्र किया जाएगा। बैंक द्वारा खातों में पड़ी राशि सीधे शासन स्तर पर संचालित राजकीय कोष में जमा होगा।