{"_id":"636ff4f514340b5e5765d27d","slug":"one-more-death-due-to-dengue-17-new-victims-barabanki-news-lko656882462","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से एक और की मौत, 17 नए पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू से एक और की मौत, 17 नए पीड़ित
विज्ञापन
बाराबंकी। जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। सरकारी व निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित इलाज को भर्ती है। शनिवार को डेंगू की चपेट में आने से एक और पीड़ित की मौत हो गई जबकि 17 ने डेंगू आशंकित मरीज पाए गए हैं।
बुखार पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या से बेहतर इलाज से जुड़े सरकारी दावे बेमानी साबित होते दिख रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज व जांच की बेहतर सुविधा न मिल पाने से ही मरीजों को विवश होकर निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है। जिले में अब तक डेंगू से 18 लोगों की मौत हो चुकी है हालांकि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ एलाइजा जांच को ही डेंगू की जांच मान कर लगातार बढ़ती डेंगू मरीजों की मौत पर चुप्पी साधे है।
शहर के बंकी निवासी आफाक (48) पिछले चार दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने बताया कि शहर में एक निजी चिकित्सक में उसका इलाज कराया जा रहा था, जहां जांच के बाद उसे डेंगू बताया गया। शुक्रवार को हालत बिगड़ने के बाद उसे लखनऊ लाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
यहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई। इसके अलावा आल्हेमऊ निवासी आदर्श वर्मा, कोठी की निशा, शीला, लखपेडाबाग की मैसरजहां, रामदीन पुरवा की शिवानी, मुबारकपुर की पूनम, जैदपुर के एकलाख, पीरबटावन के ओमप्रकाश, राशिद, गुफरान, कंधईपुर की सफीना बानो, रिजवाना, कहंकशा समेत करीब 17 अन्य बुखार पीड़ितों में भी डेंगू आशंकित लक्षण पाए गए हैं।
इन्हें इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दूसरी तरफ सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार ने निजी अस्पतालों से जुड़े डेंगू के इन मामलों की जानकारी से इंकार करते हुए बताया कि जानकारी के आधार पर विभागीय टीम भेजकर इनकी जांच कराई जाएगी।
डेंगू के डर से बुखार पीड़ित भयभीत
डेंगू से बढ़ रही मौतों का ग्राफ बुखार पीड़ितों में भय पैदा करने लगा है। इसके चलते ही मामूली बुखार व सर्दी जुकाम से पीड़ित लोग भी अपनी डेंगू जांच कराने के लिए निजी पैथालॉजी केंद्रों के बाहर लाइन लगाए जुटे दिख रहे हैं। अस्पतालों में भी बुखार पीड़ित मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ने लगी है। शनिवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित मरीज पहुंचे।
विज्ञापन
बुखार पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या से बेहतर इलाज से जुड़े सरकारी दावे बेमानी साबित होते दिख रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज व जांच की बेहतर सुविधा न मिल पाने से ही मरीजों को विवश होकर निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है। जिले में अब तक डेंगू से 18 लोगों की मौत हो चुकी है हालांकि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ एलाइजा जांच को ही डेंगू की जांच मान कर लगातार बढ़ती डेंगू मरीजों की मौत पर चुप्पी साधे है।
विज्ञापन
शहर के बंकी निवासी आफाक (48) पिछले चार दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने बताया कि शहर में एक निजी चिकित्सक में उसका इलाज कराया जा रहा था, जहां जांच के बाद उसे डेंगू बताया गया। शुक्रवार को हालत बिगड़ने के बाद उसे लखनऊ लाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
यहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई। इसके अलावा आल्हेमऊ निवासी आदर्श वर्मा, कोठी की निशा, शीला, लखपेडाबाग की मैसरजहां, रामदीन पुरवा की शिवानी, मुबारकपुर की पूनम, जैदपुर के एकलाख, पीरबटावन के ओमप्रकाश, राशिद, गुफरान, कंधईपुर की सफीना बानो, रिजवाना, कहंकशा समेत करीब 17 अन्य बुखार पीड़ितों में भी डेंगू आशंकित लक्षण पाए गए हैं।
इन्हें इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दूसरी तरफ सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार ने निजी अस्पतालों से जुड़े डेंगू के इन मामलों की जानकारी से इंकार करते हुए बताया कि जानकारी के आधार पर विभागीय टीम भेजकर इनकी जांच कराई जाएगी।
डेंगू के डर से बुखार पीड़ित भयभीत
डेंगू से बढ़ रही मौतों का ग्राफ बुखार पीड़ितों में भय पैदा करने लगा है। इसके चलते ही मामूली बुखार व सर्दी जुकाम से पीड़ित लोग भी अपनी डेंगू जांच कराने के लिए निजी पैथालॉजी केंद्रों के बाहर लाइन लगाए जुटे दिख रहे हैं। अस्पतालों में भी बुखार पीड़ित मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ने लगी है। शनिवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित मरीज पहुंचे।