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पड़ताल: लाइब्रेरी और कोचिंगों में लटके ताले, छात्र परेशान

Fri, 26 Jun 2026 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 26 Jun 2026 01:45 AM IST
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Investigation: Locks on libraries and coaching centers; students distressed.
बाराबंकी। लखनऊ के अलीगंज में संचालित कोचिंग संस्थान में भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासनिक सख्ती और ताबड़तोड़ जांच के चलते शहर के कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों के संचालकों में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई के डर से ऐसे तमाम संस्थानों पर ताले लटक गए हैं। इसका सीधा असर उन छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है, जो शहर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कई छात्र पढ़ाई बाधित होने के चलते अपने गांवों का रुख कर चुके हैं। बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल की तो हकीकत सामने आ गई।
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भारत सेलेक्शन विंग लाइब्रेरी, रामसेवक चौराहा

रिहायशी मकान में सुरक्षा मानक तार-तार
रामसेवक चौराहा स्थित भारत सेलेक्शन विंग लाइब्रेरी का नजारा हैरान करने वाला था। यह पूरी लाइब्रेरी रिहायशी मकान के कमरों के भीतर संचालित की जा रही है। मौके पर गेट तो खुला मिला, लेकिन अंदर सहम कर बैठे विद्यार्थी बाहर आकर गुटों में बातचीत करते नजर आए। जब सुरक्षा मानकों को परखा गया तो साफ हुआ कि यह संस्थान कसौटी पर कहीं से भी खरा नहीं उतरता है। न तो यहां अग्निशमन यंत्र दिखे और न ही किसी आपात स्थिति में बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता। सकरे कमरों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर सीधे तौर पर उनके जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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सद्गुरु कोचिंग, लखपेड़ाबाग
ग्लास कवर्ड बिल्डिंग और संकरा जीना
शहर के पॉश इलाके लखपेड़ाबाग में संचालित सद्गुरु कोचिंग की गिनती यहां के नामचीन संस्थानों में होती है लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यहां भी व्यवस्थाएं बेपटरी नजर आईं। यह कोचिंग बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर संचालित हो रही है। ऊपर जाने और आपात स्थिति में नीचे उतरने के लिए बाहर की तरफ केवल एक लोहे का बेहद संकरा जीना लगाया गया है, जिससे एक समय में दो लोग भी ठीक से नहीं गुजर सकते। पूरी बिल्डिंग को बाहर से भारी-भरकम ग्लास से पूरी तरह कवर कर दिया गया है। आग लगने की स्थिति में इस तरह का कवर्ड एरिया गैस चैंबर का रूप ले लेता है, जिससे दम घुटने का खतरा सौ गुना बढ़ जाता है।
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प्रोसेस क्लासेस, बड़ेल नहर
दुकान और मकान के बीच कोचिंग
बड़ेल नहर के पास प्रोसेस क्लासेस का संचालन एक ही परिसर में मकान और दुकान को मिलाकर किया जा रहा है। व्यावसायिक और आवासीय मिश्रण के बीच चल रही इस कोचिंग में सबसे बड़ी लापरवाही निकास द्वार को लेकर मिली। पूरी कोचिंग में आने-जाने और बाहर निकलने का केवल एक ही मुख्य दरवाजा है। इसके अलावा भवन के सामने के हिस्से में बड़ा सा ग्लास लगाया गया है, जो वेंटिलेशन और सुरक्षा दोनों के लिहाज से बेहद खतरनाक है। यदि कभी मुख्य द्वार के पास कोई अप्रिय घटना या शॉर्ट-सर्किट होता है तो अंदर मौजूद छात्र-छात्राओं के पास बाहर निकलने का कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं है। यह संस्थान बंद मिला।
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