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Barabanki News: कोर्ट के उठने तक मिला कारावास और अर्थदंड

Sat, 25 Oct 2025 01:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sat, 25 Oct 2025 01:19 AM IST
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Imprisonment and fine till the rising of the court
बाराबंकी। फैमिली कोर्ट के अपर प्रधान न्यायाधीश द्वितीय कृष्ण कुमार ने झूठा शपथ पत्र लगाकर मुकदमा करने के मामले में महिला को कोर्ट के उठने तक कारावास व एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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शहर के मोहल्ला सत्यप्रेमी नगर की रहने वाली एक महिला ने पति से स्वयं व पुत्री के लिए गुजारा भत्ता दिलाए जाने की मांग संबंधी वाद तीन अप्रैल 2024 को फैमिली कोर्ट (पारिवारिक न्यायालय) में दाखिल किया था। अपने बचाव में महिला के पति ने कोर्ट को बताया कि इससे पहले भी पत्नी ने कोर्ट में गुजारा भत्ता के लिए 29 जनवरी 2020 को भी एक वाद दायर किया था। वाद की सुनवाई के दौरान पत्नी ने स्वयं के लिए साढ़े तीन लाख रुपये व पुत्री के लिए एक लाख रुपये एकमुश्त भरण-पोषण धनराशि लेकर लिखित समझौता किया था। जज श्रवण कुमार ने महिला को तथ्य को छिपाकर दोबारा गुजारा भत्ता के लिए वाद दाखिल का दोषी माना और नौ जून 2025 को महिला के विरुद्ध प्रकीर्णवाद दाखिल करने का आदेश दिया था। इस प्रकीर्णवाद की सुनवाई के दौरान महिला ने अपनी गलती मानी और माफी मांगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महिला को दोषसिद्ध घोषित करते हुए न्यायालय के उठने तक कारावास व एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई। महिला ने अर्थदंड जमा किया और दो घंटे तक कोर्ट मोहर्रिर की अभिरक्षा में रह कर अपनी सजा काटी और जज को दुआएं देते अपनी पुत्री के साथ घर गई। (संवाद)
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