{"_id":"683a0bef5bdfef73960bf722","slug":"four-people-including-three-brothers-sentenced-to-life-imprisonment-for-murder-of-mahant-barabanki-news-c-315-1-brp1005-140557-2025-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: महंत की हत्या में तीन भाईयों सहित चार को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: महंत की हत्या में तीन भाईयों सहित चार को उम्रकैद
Sat, 31 May 2025 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 31 May 2025 01:20 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के मसूदपुर गांव में मंदिर की जमीन को लेकर वर्ष 2002 में हुई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अमित सिंह की कोर्ट ने 22 साल बाद फैसला सुनाते हुए तीन भाईयों सहित चार अभियुक्तों को दोषी करार माना है। कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी तीनों सगे भाइयों मुनेश्वर प्रसाद, रामकृपाल व कमलेश के साथ रमापति को उम्रकैद के साथ 22 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
कोतवाली फतेहपुर के ग्राम मसूदपुर के हुकुम सिंह ने फतेहपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता रामकृष्ण दास गांव में स्थित राम जानकी मंदिर के महंत थे। उनकी हत्या 12 अगस्त 2002 की रात को घर पर लाठी-डंडे और तमंचे से लैस मुनेश्वर प्रसाद, रामकृपाल कमलेश और रमापति ने की पीटकर की थी।
विवेचना के दौरान हत्या में प्रयुक्त तमंचा मुनेश्वर की निशानदेही पर बरामद हुआ था। साक्ष्य व गवाही के आधार पर कोर्ट ने चारों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। इस मामले में दोषी मुनेश्वर को शस्त्र अधिनियम में एक वर्ष की अतिरिक्त सजा व एक हजार रुपये जुर्माने का आदेश भी दिया गया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली फतेहपुर के ग्राम मसूदपुर के हुकुम सिंह ने फतेहपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता रामकृष्ण दास गांव में स्थित राम जानकी मंदिर के महंत थे। उनकी हत्या 12 अगस्त 2002 की रात को घर पर लाठी-डंडे और तमंचे से लैस मुनेश्वर प्रसाद, रामकृपाल कमलेश और रमापति ने की पीटकर की थी।
विज्ञापन
विवेचना के दौरान हत्या में प्रयुक्त तमंचा मुनेश्वर की निशानदेही पर बरामद हुआ था। साक्ष्य व गवाही के आधार पर कोर्ट ने चारों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। इस मामले में दोषी मुनेश्वर को शस्त्र अधिनियम में एक वर्ष की अतिरिक्त सजा व एक हजार रुपये जुर्माने का आदेश भी दिया गया। (संवाद)
विज्ञापन