{"_id":"6ade6a87280b6457dc09cbef","slug":"farmers-are-buying-dap-more-priced-barabanki-news-c-315-slko1014-182675-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: 1350 की डीएपी, 1850 में खरीद रहा किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: 1350 की डीएपी, 1850 में खरीद रहा किसान
Mon, 26 Oct 2026 02:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 26 Oct 2026 02:15 AM IST
विज्ञापन
मथुरा नगर साधन सहकारी समिति में खाद लेने के लिए लगी भीड़
बाराबंकी। गेहूं, सरसों और आलू जैसी प्रमुख फसलों की बोआई के लिए किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता है। बोआई का सीजन शुरू होने के साथ ही डीएपी की मांग बढ़ गई है लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रही है। 1350 रुपये में मिलने वाली डीएपी 1850 रुपये में किसान खरीद रहा है। निजी दुकानदार समय का फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं और जिम्मेदार इस समस्या के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
दरियाबाद प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार की सुबह मथुरानगर सहकारी संघ पर सैकड़ों किसान खाद लेने के लिए पहुंचे। किसानों की बढ़ती भीड़ को देखकर संघ के सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। दोपहर तक संघ पर आई 250 बोरी डीएपी खाद का वितरण किसानों को किया गया। इसके बावजूद कई किसान बिना खाद के वापस लौट गए।
यहां के निवासी किसान सुनील, सुरेश, पंचराम, प्रदीप और रामबाबू ने बताया कि खेतों में फसलों की बोआई के लिए खाद की आवश्यकता है। खाद न मिलने के कारण सरसों की बोआई का कार्य प्रभावित हो रहा है। इन लोगों ने बताया कि खाद न मिलने की वजह से निजी दुकानों से 1850 रुपये बोरी में डीएपी खरीदनी पड़ रही है।
विज्ञापन
महंगे दामों पर खरीद रहे खाद
सिद्धौर। प्रशासन की ओर से भले ही 10 साधन सहकारी समितियां का संचालन किया जा रहा हो लेकिन डीएपी मात्र एक समिति पर मौजूद है। चांदूपुर, उस्मानपुर, नवाबपुर कोडरी, सेमरावां, छूलापाही सहित नौ समितियां है, जहां पर खाद नहीं है। इसके चलते किसान महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर है।
जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध है। रैक भी लगातार आ रही हैं। मांग के अनुसार समितियों पर उर्वरक भेजा जा रहा है। निर्धारित मूल्य से अधिक पर खाद बेचने वालों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
राजितराम, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
दरियाबाद प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार की सुबह मथुरानगर सहकारी संघ पर सैकड़ों किसान खाद लेने के लिए पहुंचे। किसानों की बढ़ती भीड़ को देखकर संघ के सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। दोपहर तक संघ पर आई 250 बोरी डीएपी खाद का वितरण किसानों को किया गया। इसके बावजूद कई किसान बिना खाद के वापस लौट गए।
विज्ञापन
यहां के निवासी किसान सुनील, सुरेश, पंचराम, प्रदीप और रामबाबू ने बताया कि खेतों में फसलों की बोआई के लिए खाद की आवश्यकता है। खाद न मिलने के कारण सरसों की बोआई का कार्य प्रभावित हो रहा है। इन लोगों ने बताया कि खाद न मिलने की वजह से निजी दुकानों से 1850 रुपये बोरी में डीएपी खरीदनी पड़ रही है।
विज्ञापन
महंगे दामों पर खरीद रहे खाद
सिद्धौर। प्रशासन की ओर से भले ही 10 साधन सहकारी समितियां का संचालन किया जा रहा हो लेकिन डीएपी मात्र एक समिति पर मौजूद है। चांदूपुर, उस्मानपुर, नवाबपुर कोडरी, सेमरावां, छूलापाही सहित नौ समितियां है, जहां पर खाद नहीं है। इसके चलते किसान महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर है।
जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध है। रैक भी लगातार आ रही हैं। मांग के अनुसार समितियों पर उर्वरक भेजा जा रहा है। निर्धारित मूल्य से अधिक पर खाद बेचने वालों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
राजितराम, जिला कृषि अधिकारी