{"_id":"5fc14aa88ebc3eefba413ba0","slug":"fake-teacher-caught-again-barabanki-news-lko5521124165","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर पकड़ा गया फर्जी शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर पकड़ा गया फर्जी शिक्षक
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बाराबंकी। फर्जी कागजों के सहारे जिले के ब्लाक पूरेडलई में एक और शिक्षक नौकरी करता मिला। इसके भी तार गोरखपुर से जुड़े हैं। एसटीएफ शुक्रवार को इसे गिरफ्तार कर बीएसए आफिस लाई तो बीएसए ने गुरुवार की तारीख में जारी हुआ उसकी बर्खास्तगी का आदेश दिखाया।
पकड़ा गया फर्जी शिक्षक सूरज कुमार उपाध्याय है। विशिष्ट बीटीसी 2008 में चयनित हुए सूरज ने पूरेडलई ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नैपुरा में पहली जनवरी 2011 को सहायक अध्यापक की नौकरी शुरू की। इस समय उसकी तैनाती इसी ब्लॉक के कमियार प्राथमिक विद्यालय में है। उक्त शिक्षक विभाग के रडार पर उस समय आया जब 11 नवंबर को महानिदेशक स्कूल शिक्षा का पत्र मिला जिसमें क्रम संख्या 29 पर दर्ज सूरज कुमार उपाध्याय के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कर फर्जी पाए जाने पर सेवा समाप्ति का आदेश दिया गया था।
इसके बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी पूरेडलई को 19 नवंबर को पत्र लिखा जिसमें अभिलेखों की जांच करने की बात कही गई। यह जांच चार दिन चली और 24 नवंबर को बीएसए को रिपोर्ट दे दी गई। इस रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षक सूरज कुमार उपाध्याय पुत्र मदन गोपाल उपाध्याय के हाईस्कूल व इंटर के अंकपत्र में दर्ज पते डीएवी नारंग इंटर कॉलेज घुघुली महाराजगंज गोरखपुर पाया गया।
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यहां इसी ब्लॉक घुघुली के चौमुखा गांव में सूरज कुमार उपाध्याय व उनके पिता मदन गोपाल उपाध्याय मिल गए। यहां मिला सूरज वहीं घुघुली ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरखी में ही तैनात मिला। ये साफ हो गया था बाराबंकी जनपद में तैनात सूरज फर्जी है। इसके बाद जिले के सूरज के बीएससी व बीएड के प्रमाण पत्रों में कुलपति प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर में भी अंतर मिला। इसके अलावा दोनो के पैन नंबर अलग-अलग थे और पूरेडलई के सूरज के पिता का नाम सिर्फ मदन गोपाल लिखा मिला।
फिलहाल इस रिपोर्ट के मिलने के बाद सूरज कुमार उपाध्याय को फर्जी शिक्षक मानते हुए बीएसए ने उसकी सेवा समाप्ति, वेतन की वसूली और मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी कर दिया है। 26 नवंबर को जारी हुआ आदेश तब सामने आया जब यूपी एसटीएफ की टीम शिक्षक सूरज कुमार उपाध्याय को लेकर बीएसए दफ्तर आई। इसके बाद रात के समय बीएसए आफिस खुलवाया गया।
उसके बाद एटीएफ की टीम ने बीएसए से वार्ता की और अभिलेख देखे। जबकि बीएसए के अनुसार इससे पहले टीम फर्जी शिक्षक को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी पूरेडलई के कार्यालय भी गई थी। बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि इस फर्जी शिक्षक को तो बीईओ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गुरुवार को ही बर्खास्त कर दिया गया था।
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पकड़ा गया फर्जी शिक्षक सूरज कुमार उपाध्याय है। विशिष्ट बीटीसी 2008 में चयनित हुए सूरज ने पूरेडलई ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नैपुरा में पहली जनवरी 2011 को सहायक अध्यापक की नौकरी शुरू की। इस समय उसकी तैनाती इसी ब्लॉक के कमियार प्राथमिक विद्यालय में है। उक्त शिक्षक विभाग के रडार पर उस समय आया जब 11 नवंबर को महानिदेशक स्कूल शिक्षा का पत्र मिला जिसमें क्रम संख्या 29 पर दर्ज सूरज कुमार उपाध्याय के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कर फर्जी पाए जाने पर सेवा समाप्ति का आदेश दिया गया था।
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इसके बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी पूरेडलई को 19 नवंबर को पत्र लिखा जिसमें अभिलेखों की जांच करने की बात कही गई। यह जांच चार दिन चली और 24 नवंबर को बीएसए को रिपोर्ट दे दी गई। इस रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षक सूरज कुमार उपाध्याय पुत्र मदन गोपाल उपाध्याय के हाईस्कूल व इंटर के अंकपत्र में दर्ज पते डीएवी नारंग इंटर कॉलेज घुघुली महाराजगंज गोरखपुर पाया गया।
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यहां इसी ब्लॉक घुघुली के चौमुखा गांव में सूरज कुमार उपाध्याय व उनके पिता मदन गोपाल उपाध्याय मिल गए। यहां मिला सूरज वहीं घुघुली ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरखी में ही तैनात मिला। ये साफ हो गया था बाराबंकी जनपद में तैनात सूरज फर्जी है। इसके बाद जिले के सूरज के बीएससी व बीएड के प्रमाण पत्रों में कुलपति प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर में भी अंतर मिला। इसके अलावा दोनो के पैन नंबर अलग-अलग थे और पूरेडलई के सूरज के पिता का नाम सिर्फ मदन गोपाल लिखा मिला।
फिलहाल इस रिपोर्ट के मिलने के बाद सूरज कुमार उपाध्याय को फर्जी शिक्षक मानते हुए बीएसए ने उसकी सेवा समाप्ति, वेतन की वसूली और मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी कर दिया है। 26 नवंबर को जारी हुआ आदेश तब सामने आया जब यूपी एसटीएफ की टीम शिक्षक सूरज कुमार उपाध्याय को लेकर बीएसए दफ्तर आई। इसके बाद रात के समय बीएसए आफिस खुलवाया गया।
उसके बाद एटीएफ की टीम ने बीएसए से वार्ता की और अभिलेख देखे। जबकि बीएसए के अनुसार इससे पहले टीम फर्जी शिक्षक को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी पूरेडलई के कार्यालय भी गई थी। बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि इस फर्जी शिक्षक को तो बीईओ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गुरुवार को ही बर्खास्त कर दिया गया था।