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Barabanki News: योग के सहयोग से छू मंतर होगा परीक्षा का तनाव
Sat, 01 Feb 2025 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:29 AM IST
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बाराबंकी। हाईस्कूल-इंटरमीडियट की बोर्ड परीक्षा को महज 23 दिन बचे है। परीक्षाएं 24 फरवरी से 12 मार्च तक होगीं। अंतिम दौर में विद्यार्थी विषयों का रिवीजन करने में जुटे है। इस दौरान वह काफी तनाव भी महसूस कर रहे हैं। जो उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। ऐसे में योग के सहयोग से परीक्षा के तनाव को आसानी से छू मंतर किया जा सकता है।
राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र आदर्श कुमार ने बताया कि अधिकतर विषयों की तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ विषयों को लेकर मन में संशय बना है। ऐसे में विशेषज्ञों ने परीक्षार्थियों को तनाव से मुक्त कराने के लिए कुछ खास सलाह दी है।
जीआईसी के प्रधानाचार्य राधेश्याम ने बताया कि छात्रों को सात से आठ घंटे की पर्याप्त नींद जरूर लेनी चाहिए। 40-50 मिनट पढ़ने के बाद दस मिनट का ब्रेक लेकर संतुलित आहार ग्रहण करें। इससे शरीर और दिमाग को ताजगी मिलेगी।
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जिला अस्पताल में तैनात मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आरती यादव ने बताया कि अभिभावकों को बच्चों की क्षमता के अनुसार उम्मीदें रखनी चाहिए। तुलना नहीं करनी चाहिए। उन्हें समझाना चाहिए कि अभी इससे भी बड़ी परीक्षाओं में शामिल होना है।
जिला अस्पताल में तैनात योग प्रशिक्षक सुशील कुमार अवस्थी ने बताया कि रोज सुबह ध्यान मुद्रा में बैठकर 15 मिनट प्राणायाम में नाड़ी शोधन और ब्राह्मणी को अवश्य करना चाहिए। इससे ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है। सोचने-समझने की क्षमता विकसित होती है और हैप्पी हार्मोन का स्राव से मस्तिष्क शांत रहता है।
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राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र आदर्श कुमार ने बताया कि अधिकतर विषयों की तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ विषयों को लेकर मन में संशय बना है। ऐसे में विशेषज्ञों ने परीक्षार्थियों को तनाव से मुक्त कराने के लिए कुछ खास सलाह दी है।
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जीआईसी के प्रधानाचार्य राधेश्याम ने बताया कि छात्रों को सात से आठ घंटे की पर्याप्त नींद जरूर लेनी चाहिए। 40-50 मिनट पढ़ने के बाद दस मिनट का ब्रेक लेकर संतुलित आहार ग्रहण करें। इससे शरीर और दिमाग को ताजगी मिलेगी।
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जिला अस्पताल में तैनात मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आरती यादव ने बताया कि अभिभावकों को बच्चों की क्षमता के अनुसार उम्मीदें रखनी चाहिए। तुलना नहीं करनी चाहिए। उन्हें समझाना चाहिए कि अभी इससे भी बड़ी परीक्षाओं में शामिल होना है।
जिला अस्पताल में तैनात योग प्रशिक्षक सुशील कुमार अवस्थी ने बताया कि रोज सुबह ध्यान मुद्रा में बैठकर 15 मिनट प्राणायाम में नाड़ी शोधन और ब्राह्मणी को अवश्य करना चाहिए। इससे ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है। सोचने-समझने की क्षमता विकसित होती है और हैप्पी हार्मोन का स्राव से मस्तिष्क शांत रहता है।