{"_id":"614b7e668ebc3e0b9e3e391a","slug":"development-barabanki-news-lko596792450","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं मिला पूरा पैसा, पानी में बह गया अधूरा नाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं मिला पूरा पैसा, पानी में बह गया अधूरा नाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सांसद की मांग पर मोहारीपुरवा नाला निर्माण के लिए आननफानन मेें एक करोड़ 72 लाख की पहली किस्त जारी कर दिया था। चार माह में साढ़े तीन करोड़ रुपये से बनने वाले नाला निर्माण की दूसरी किस्त न मिलने से अधूरा छोड़ दिया गया। नतीजा जलनिकासी से शहरवासियों को लाभ नहीं मिला और सरकार का लाखों रुपया बारिश के पानी में बह गया। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग अब इसका ठीकरा बजट न मिलने पर फोड़ रही है।
पिछले वर्ष कोरोना काल के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉंन्फ्रेंसिंग के जरिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से विकास कार्यों व अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान सांसद उपेंद्र रावत ने मांग किया कि शहर के मोहारीपुरवा में नाला निर्माण का प्रस्ताव कमिश्नर के यहां महीनों से लंबित पड़ा है। सीएम के पूछते ही अगले दिन पहली किस्त एक करोड़ 72 लाख रुपये जारी कर दी गई। लोक निर्माण विभाग खंड तीन को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी।
करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से नाले का निर्माण कराने को लेकर सांसद ने भाजपा नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में बाकायदा इसका उद्घाटन किया था। इसके बनने से मोहारीपुरवा, हजाराबाग, मकदूमपुर, पंचशील कॉलोनी, असद नगर समेेत आधा दर्जन से अधिक वार्डवासियों को जलभराव की समस्या से निजात पानेे की आस जगी थी।
विज्ञापन
यहां तक सांसद ने बारिश से पहले नाला निर्माण का कार्य पूरा होने के निर्देश दिए थे लेकिन चार माह की जगह 11 माह बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। अधिकारी शेष बजट न मिलने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
मोहारीपुरवा में नाला निर्माण के लिए 3.44 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके सापेक्ष सिर्फ एक करोड़ 72 लाख रुपये का ही बजट मिल सका है। जिससे निर्माण कार्य कराया गया है। शेष बजट मिलने पर कार्य कराया जाएगा।
-आदित्य कुमार, अधिशाषी अभियंता, पीडब्लूडी खंड तीन
विज्ञापन
पिछले वर्ष कोरोना काल के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉंन्फ्रेंसिंग के जरिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से विकास कार्यों व अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान सांसद उपेंद्र रावत ने मांग किया कि शहर के मोहारीपुरवा में नाला निर्माण का प्रस्ताव कमिश्नर के यहां महीनों से लंबित पड़ा है। सीएम के पूछते ही अगले दिन पहली किस्त एक करोड़ 72 लाख रुपये जारी कर दी गई। लोक निर्माण विभाग खंड तीन को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी।
विज्ञापन
करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से नाले का निर्माण कराने को लेकर सांसद ने भाजपा नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में बाकायदा इसका उद्घाटन किया था। इसके बनने से मोहारीपुरवा, हजाराबाग, मकदूमपुर, पंचशील कॉलोनी, असद नगर समेेत आधा दर्जन से अधिक वार्डवासियों को जलभराव की समस्या से निजात पानेे की आस जगी थी।
विज्ञापन
यहां तक सांसद ने बारिश से पहले नाला निर्माण का कार्य पूरा होने के निर्देश दिए थे लेकिन चार माह की जगह 11 माह बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। अधिकारी शेष बजट न मिलने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
मोहारीपुरवा में नाला निर्माण के लिए 3.44 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके सापेक्ष सिर्फ एक करोड़ 72 लाख रुपये का ही बजट मिल सका है। जिससे निर्माण कार्य कराया गया है। शेष बजट मिलने पर कार्य कराया जाएगा।
-आदित्य कुमार, अधिशाषी अभियंता, पीडब्लूडी खंड तीन